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Bijnor News: बसपा सांसद ने अनुसूचित जनजाति कल्याण के मुद्दे को उठाया
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आंध्र प्रदेश और ओडिशा की जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के फैसले का स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद्र ने सदन में अनुसूचित जनजाति कल्याण के मुद्दे को उठाया। कहा कि मात्र कागजों में अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल कर लेने से किसी जाति का समग्र विकास होना असंभव है। जब तक कि उस जाति के प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा की निशुल्क व्यवस्था न दी जाएं, तब तक यह संभव नहीं है। ।
कहा कि भारत में रहने वाले जनजाति वर्ग में धन का अभाव रहता है। इसकी वजह से इन वर्ग के लोगों को समाज में भी तिरस्कृत दृष्टिकोण से देखा जाता है। भाषाओं में अंतर, रहन-सहन में अंतर और सांस्कृतिक क्रियाकलापों में अंतर, इन्हीं कारणों के चलते इनकी समस्या अलग और जटिल है। उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया। कहा कि आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कुछ जातियों जैसे पोरजा, परन्जी पेरजा, सवरस, कापू सवरस, मलिया सवरस, खुटटो सवरस जातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के लिए यह विधेयक लाया गया है। सरकार को काम करने की आवश्यकता है । मात्र कागजी विधेयक लाने से इन जातियों का भला होने वाला नहीं है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद्र ने सदन में अनुसूचित जनजाति कल्याण के मुद्दे को उठाया। कहा कि मात्र कागजों में अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल कर लेने से किसी जाति का समग्र विकास होना असंभव है। जब तक कि उस जाति के प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा की निशुल्क व्यवस्था न दी जाएं, तब तक यह संभव नहीं है। ।
कहा कि भारत में रहने वाले जनजाति वर्ग में धन का अभाव रहता है। इसकी वजह से इन वर्ग के लोगों को समाज में भी तिरस्कृत दृष्टिकोण से देखा जाता है। भाषाओं में अंतर, रहन-सहन में अंतर और सांस्कृतिक क्रियाकलापों में अंतर, इन्हीं कारणों के चलते इनकी समस्या अलग और जटिल है। उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया। कहा कि आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कुछ जातियों जैसे पोरजा, परन्जी पेरजा, सवरस, कापू सवरस, मलिया सवरस, खुटटो सवरस जातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के लिए यह विधेयक लाया गया है। सरकार को काम करने की आवश्यकता है । मात्र कागजी विधेयक लाने से इन जातियों का भला होने वाला नहीं है।
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