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नहीं सुलझ रहा बालावाली पुल की अप्रोच रोड बनाने का मसला
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पुल तैयार, पहुंचमार्ग पर विवाद बरकरार
बिजनौर। दो राज्यों को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर बालावाली में बनाए जा रहे पुल की अप्रोच रोड बनाने का मसला सुलझ नहीं रहा है। हालांकि अब एक चकरोड से ही पहुंच मार्ग बनाने की गुजाइंश भी तलाशी जा रही है, जिसके लिए शनिवार को लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने मौके पर जाकर मुआयना करते हुए नापतौल की। यह रोड कैसे बनेगी, जमीन का अधिग्रहण होगा या नहीं, यह सभी मसले फिर से उलझते नजर आ रहे हैं।
बृहस्पतिवार को भी एसडीएम सदर और राजस्व विभाग की टीम ने बालावाली में बंद पड़ी फैक्टरी के आस पास पैमाइश की थी। राजस्व अभिलेखों में दर्ज एक चकरोड का मुआयना और नापतौल की गई। इस चकरोड में पेड़ खड़े हुए थे, जिन्हेें अभिलेखों में दर्ज कर लिया गया है। यह चकरोड सिर्फ अभिलेखों में थी, चलन में नहीं। यह चकरोड उसी रास्ते के पास बताई जा रही है, जिस पर विवाद है। बता दें कि बालावाली पुल को सड़क से जोड़ने के लिए 1200 मीटर लंबा पहुंच मार्ग बनाया जाना है, इसमें 400 मीटर लंबी सड़क सरकारी नहीं है। हालांकि मौके पर संकरी सड़क बनी है, जोकि अभिलेखों में फैक्टरी की बताई जा रही है। पहले सड़क की इस जमीन को अधिग्रहण करने की कवायद चली। अधिग्रहण के लिए बजट भी मिल चुका है। अब आसपास के रकबे की पैमाइश में एक चकरोड मिली है। जिस पर सड़क बनाने की गुंजाइश को भी तलाशा जा रहा है।
मई में अधिग्रहण कर चुका है उत्तराखंड
पुल निर्माण से पहले दोनों ही राज्यों ने पुल के दोनों तरफ सरकारी जमीन बता दी थी। पुल लगभग बनकर तैयार हुआ तो पहुंच मार्ग के लिए जमीन नहीं मिली। हालांकि उत्तराखंड सरकार ने अपनी सीमा में अप्रोच रोड के लिए जमीन अधिग्रहण कर बिजनौर लोक निर्माण विभाग के हवाले कर दी है। अभी बिजनौर प्रशासन पहुंच मार्ग के निर्माण को लेकर जमीन के मसले में उलझा हुआ है।
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बदल जाएगी ट्रैफिक की दिशा
बालावाली पुल हरिद्वार और बिजनौर के ट्रैफिक की दशा बदल देगा। पंजाब और हरियाणा की ओर से नैनीताल या मुरादाबाद की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को हरिद्वार से आकर वाया नजीबाबाद से होकर निकलना पड़ता है। हरिद्वार से निकलने में पचास किमी की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। पुल के चालू होने के बाद ट्रैफिक सहारनपुर से रुड़की और रुड़की से सीधे बालावाली होकर बिजनौर में प्रवेश कर जाएगा। जिसे हरिद्वार नहीं पड़ेगा।
उत्तराखंड बना रहा सड़कें
उत्तराखंड ने अपनी सीमा में रुड़की से लक्सर तक टू लेन सड़क बनाना शुरू कर दिया है, जिस पर 55 करोड़ की लागत आ रही है। वहीं लक्सर से बालावाली तक 25 करोड़ की लागत से सड़क टू लेन बनाई जानी है, जिसका टेंडर जारी हो गया है। अभी तक यह सड़क केवल पांच मीटर चौड़ी थी। रुड़की से बालावाली की दूरी 34 किलोमीटर है।
वर्जन
अधिग्रहण के लिए भी बात चल रही है। मौके पर जो सड़क है, वह फैक्टरी की जमीन में है। चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहण किया जाएगा। हालांकि एक चकमार्ग मिला है, जिसके पास पेड़ खड़े हुए थे। पेड़ ग्राम समाज में दर्ज कर लिए गए हैं। इस मामले में चकबंदी वालों से भी लिखित में जवाब मांगा गया है। अभी मामले की जांच जारी है, जांच के बाद स्थिति साफ हो पाएगी।
- विक्रमादित्य सिंह मलिक, एसडीएम सदर
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बिजनौर। दो राज्यों को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर बालावाली में बनाए जा रहे पुल की अप्रोच रोड बनाने का मसला सुलझ नहीं रहा है। हालांकि अब एक चकरोड से ही पहुंच मार्ग बनाने की गुजाइंश भी तलाशी जा रही है, जिसके लिए शनिवार को लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने मौके पर जाकर मुआयना करते हुए नापतौल की। यह रोड कैसे बनेगी, जमीन का अधिग्रहण होगा या नहीं, यह सभी मसले फिर से उलझते नजर आ रहे हैं।
बृहस्पतिवार को भी एसडीएम सदर और राजस्व विभाग की टीम ने बालावाली में बंद पड़ी फैक्टरी के आस पास पैमाइश की थी। राजस्व अभिलेखों में दर्ज एक चकरोड का मुआयना और नापतौल की गई। इस चकरोड में पेड़ खड़े हुए थे, जिन्हेें अभिलेखों में दर्ज कर लिया गया है। यह चकरोड सिर्फ अभिलेखों में थी, चलन में नहीं। यह चकरोड उसी रास्ते के पास बताई जा रही है, जिस पर विवाद है। बता दें कि बालावाली पुल को सड़क से जोड़ने के लिए 1200 मीटर लंबा पहुंच मार्ग बनाया जाना है, इसमें 400 मीटर लंबी सड़क सरकारी नहीं है। हालांकि मौके पर संकरी सड़क बनी है, जोकि अभिलेखों में फैक्टरी की बताई जा रही है। पहले सड़क की इस जमीन को अधिग्रहण करने की कवायद चली। अधिग्रहण के लिए बजट भी मिल चुका है। अब आसपास के रकबे की पैमाइश में एक चकरोड मिली है। जिस पर सड़क बनाने की गुंजाइश को भी तलाशा जा रहा है।
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मई में अधिग्रहण कर चुका है उत्तराखंड
पुल निर्माण से पहले दोनों ही राज्यों ने पुल के दोनों तरफ सरकारी जमीन बता दी थी। पुल लगभग बनकर तैयार हुआ तो पहुंच मार्ग के लिए जमीन नहीं मिली। हालांकि उत्तराखंड सरकार ने अपनी सीमा में अप्रोच रोड के लिए जमीन अधिग्रहण कर बिजनौर लोक निर्माण विभाग के हवाले कर दी है। अभी बिजनौर प्रशासन पहुंच मार्ग के निर्माण को लेकर जमीन के मसले में उलझा हुआ है।
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बदल जाएगी ट्रैफिक की दिशा
बालावाली पुल हरिद्वार और बिजनौर के ट्रैफिक की दशा बदल देगा। पंजाब और हरियाणा की ओर से नैनीताल या मुरादाबाद की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को हरिद्वार से आकर वाया नजीबाबाद से होकर निकलना पड़ता है। हरिद्वार से निकलने में पचास किमी की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। पुल के चालू होने के बाद ट्रैफिक सहारनपुर से रुड़की और रुड़की से सीधे बालावाली होकर बिजनौर में प्रवेश कर जाएगा। जिसे हरिद्वार नहीं पड़ेगा।
उत्तराखंड बना रहा सड़कें
उत्तराखंड ने अपनी सीमा में रुड़की से लक्सर तक टू लेन सड़क बनाना शुरू कर दिया है, जिस पर 55 करोड़ की लागत आ रही है। वहीं लक्सर से बालावाली तक 25 करोड़ की लागत से सड़क टू लेन बनाई जानी है, जिसका टेंडर जारी हो गया है। अभी तक यह सड़क केवल पांच मीटर चौड़ी थी। रुड़की से बालावाली की दूरी 34 किलोमीटर है।
वर्जन
अधिग्रहण के लिए भी बात चल रही है। मौके पर जो सड़क है, वह फैक्टरी की जमीन में है। चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहण किया जाएगा। हालांकि एक चकमार्ग मिला है, जिसके पास पेड़ खड़े हुए थे। पेड़ ग्राम समाज में दर्ज कर लिए गए हैं। इस मामले में चकबंदी वालों से भी लिखित में जवाब मांगा गया है। अभी मामले की जांच जारी है, जांच के बाद स्थिति साफ हो पाएगी।
- विक्रमादित्य सिंह मलिक, एसडीएम सदर