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मीना मंच से अब बालकों को भी जोड़ा जाएगा
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मीना मंच से अब बालकों को भी जोड़ा जाएगा
बिजनौर। जिले के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बाद अब प्राइमरी विद्यालयों में भी मीना मंच सक्रिय किए जाएंगे। इन स्कूलों की सुगमकर्ताओं को मीना मंच संचालन के लिए दक्ष किया जाएगा। ब्लॉक समन्वयक केंद्रों पर सुगमकर्ताओं को तीन तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूलों में मीना मंच से बालिकाओं के साथ अब बालकों को भी जोड़ा जाएगा।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में भी अब मीना मंच को सक्रिय किया जाएगा। जिले के स्कूलों के शिक्षकों को इसके आदेश दिए गए हैं। पहले मीना मंच उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ही सक्रिय था। लेकिन अब इसे प्राथमिक विद्यालयों में भी शुरू किया गया है। साथ ही मीना मंच में बालिकाओं के साथ अब बालकों को भी जोड़ा जाएगा। जिले के 1769 प्राथमिक विद्यालयों के मीना मंच की सुगमकर्ताओं को तीन तीन दिन का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए हैं। ताकि स्कूलों में मीना मंच के सुगमकर्ता मंच का संचालन सुचारु रूप से करें। साथ ही बच्चों को मीना मंच के माध्यम से जागरूक कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ें। बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में भी बताएं। गांवों में बच्चों के माध्यम से स्कूल नहीं आने वाले अन्य बच्चों को भी जागरूक कर स्कूलों में प्रवेश कराएं।
मीना मंच की मास्टर ट्रेनर अंशिका वैश्य ने बताया कि प्रत्येक स्कूल में मीना मंच का गठन होने से सुगमकर्ता प्रत्येक शनिवार को स्कूल के मध्याह्न समय के बाद बालक और बालिकाओं को बच्चों के अधिकार व शिक्षा अधिकार के बारे में जानकारी देंगी। साथ ही स्कूलों में गठित माता समूह में दो माताओं को भी मीना मंच से जोड़ा जाएगा। बच्चों को बाल कानून के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जूनियर हाई स्कूलों में मीना मंच के अच्छे परिणाम आए हैं। बालिकाओं की शिक्षा में वृद्धि हुई है। प्राइमरी स्कूलों में इसके गठन से बच्चों को लाभ मिल सकेगा।
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बिजनौर। जिले के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बाद अब प्राइमरी विद्यालयों में भी मीना मंच सक्रिय किए जाएंगे। इन स्कूलों की सुगमकर्ताओं को मीना मंच संचालन के लिए दक्ष किया जाएगा। ब्लॉक समन्वयक केंद्रों पर सुगमकर्ताओं को तीन तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूलों में मीना मंच से बालिकाओं के साथ अब बालकों को भी जोड़ा जाएगा।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में भी अब मीना मंच को सक्रिय किया जाएगा। जिले के स्कूलों के शिक्षकों को इसके आदेश दिए गए हैं। पहले मीना मंच उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ही सक्रिय था। लेकिन अब इसे प्राथमिक विद्यालयों में भी शुरू किया गया है। साथ ही मीना मंच में बालिकाओं के साथ अब बालकों को भी जोड़ा जाएगा। जिले के 1769 प्राथमिक विद्यालयों के मीना मंच की सुगमकर्ताओं को तीन तीन दिन का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए हैं। ताकि स्कूलों में मीना मंच के सुगमकर्ता मंच का संचालन सुचारु रूप से करें। साथ ही बच्चों को मीना मंच के माध्यम से जागरूक कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ें। बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में भी बताएं। गांवों में बच्चों के माध्यम से स्कूल नहीं आने वाले अन्य बच्चों को भी जागरूक कर स्कूलों में प्रवेश कराएं।
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मीना मंच की मास्टर ट्रेनर अंशिका वैश्य ने बताया कि प्रत्येक स्कूल में मीना मंच का गठन होने से सुगमकर्ता प्रत्येक शनिवार को स्कूल के मध्याह्न समय के बाद बालक और बालिकाओं को बच्चों के अधिकार व शिक्षा अधिकार के बारे में जानकारी देंगी। साथ ही स्कूलों में गठित माता समूह में दो माताओं को भी मीना मंच से जोड़ा जाएगा। बच्चों को बाल कानून के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जूनियर हाई स्कूलों में मीना मंच के अच्छे परिणाम आए हैं। बालिकाओं की शिक्षा में वृद्धि हुई है। प्राइमरी स्कूलों में इसके गठन से बच्चों को लाभ मिल सकेगा।
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