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Bijnor News: मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई बॉडी फ्लूइड जांच, मरीजों को मिल रहा फायदा

Mon, 19 Oct 2026 01:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:21 AM IST
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Body fluid testing started in the medical college, patients are getting benefit
अमन कुमार शर्मा
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बिजनौर। मरीजों को बॉडी फ्लूइड जांच के लिए निजी पैथोलॉजी लैब की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मेडिकल कॉलेज में ही बॉडी फ्लूइड जांच सुविधा शुरू हो गई है। इसके साथ ही यहां मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, फेफड़ों, पेट के आसपास जमा द्रव की निशुल्क जांच की जा रही है। शुरुआत में ही जांच होने से मरीजों का उपचार करने में मदद मिलेगी। मेडिकल कॉलेज में रोजाना तीन मरीज तक यह जांच कराने पहुंच रहे हैं।

बॉडी फ्लूइड जांच के जरिये शरीर में होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में पता लगता है। जांच के आधार पर चिकित्सक को मरीज का इलाज शुरू करने में आसानी होती है। अभी तक यह जांच निजी लैब पर हो रही है। इसके लिए मरीजों को पैसे खर्च करने पड़ रहे थे। सीएसएफ साइटोलॉजी (सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड), प्लूरल फ्लूइड साइटोलॉजी, एसिटिक फ्लूइड साइटोलॉजी जांच के निजी अस्पताल में करीब तीन हजार रुपये खर्च होते हैं लेकिन मेडिकल कॉलेज में यह जांच निशुल्क की जा रही है।
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सीएसएफ साइटोलॉजी (सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड) जांच
यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को घेरने वाले सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (सेरेब्रल स्पाइनल फ्लूइड) में मौजूद कोशिकाओं की माइक्रोस्कोप से जांच करने वाली एक प्रक्रिया है। इससे मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर, लिंफोमा, वायरल या क्रोनिक संक्रमण आदि का पता चलता है।
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प्लूरल फ्लूइड साइटोलॉजी से इन बीमारियों का पता चलता है
इसमें मरीज की फेफड़ों के चारों ओर की झिल्ली में जमा हुए अतिरिक्त तरल पदार्थ (प्लूरल इफ्यूजन) की सूक्ष्मदर्शी से जांच होती है। जिससे निमोनिया, टीबी, फेफड़ों में पानी का पता चलता है।
एसिटिक फ्लूइड साइटोलॉजी जांच
यह जांच पेट में जमा होने वाले अतिरिक्त तरल पदार्थ (एसाइटिस) की सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से होती है। इससे पेट के तरल पदार्थ में कैंसर या घातक कोशिकाओं की जांच करने, लिवर सिरोसिस, बैक्टीरियल संक्रमण का पता चलता है।
जांच होने से बीमारी का जल्दी पता लग जाता है। बीमारी बढ़ने पर मरीजों को नुकसान होता है। ऐसे में इन जांच के जरिये गंभीर बीमारियों का शुरुआत में ही पता इलाज शुरू किया जा सकता है। जिससे मरीजों को फायदा हो रहा है। ....डॉ. सूर्यकांत नागतिलक, नोडल अधिकारी बायोकेमिस्ट्री


मेडिकल कॉलेज में धीरे-धीरे जांच सुविधा बढ़ाई जा रही है। बॉडी फ्लूइड जांच से बीमारी का शुरुआत में पता चलता है। जिससे इलाज में मदद मिलती है। भविष्य में टीबी, लीवर सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को काफी फायदा मिलेगा। ....डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
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