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जिले में काला गेंहू का उत्पादन होगा
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जिले में होगा काला गेहूं का उत्पादन
बिजनौर। जिले में काला गेहूं का उत्पादन शुरू होगा। काला गेहूं औषधीय गुण वाला बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि काला गेहूं शुगर, मोटापा आदि बीमारियों पर नियंत्रण में मदद करेगा। साथ ही बच्चों का कुपोषण दूर करने के लिए रामबाण बताया गया है। एक कृषक उत्पादन संगठन के प्रतिनिधि ने जिले के अधिकारियों से काला गेहूं की गुणवत्ता को लेकर संवाद किया है।
जनसाधारण के बीच सफेद गेहूं ही प्रचलन में है। किसान सफेद गेहूं की ही बुवाई करता है। बताया जाता है कि वैज्ञानिकों के विश्लेषण में काले गेहूं व्यापक गुणवत्ता सामने आई है। काला गेहूं डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर, मोटापा आदि बीमारी में फायदेमंद बताया गया है। साथ ही बच्चों का कुपोषण दूर करने में रामबाण साबित होने की बात सामने आई है।
काले गेहूं के औषधीय गुण सामने आने पर किसानों को उत्पादन शुरू करने की आवश्यकता समझी जा रही है। जिले में काले गेहूं का उत्पादन शुरू हो सकता है। सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि मामले में रामपुर के एक कृषक उत्पादन संगठन ने उनसे संपर्क किया है। कुपोषण दूर करना शासन की प्राथमिकता में है। संगठन के प्रतिनिधि अमित वर्मा ने जिले के अधिकारियों की बैठक में काला गेहूं के फायदे बताए हैं। संगठन के तथ्यों का अध्ययन किया जा रहा है तथा जल्द ही योजना पर निर्णय होगा।
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किसानों को ये है फायदा
कृषक उत्पादन संगठन के अध्यक्ष अमित वर्मा ने बताया है कि काला गेहूं कई बीमारी में फायदेमंद है। इसकी मांग अधिक है। काला गेहूं की पैदावार सफेद अर्थात सामान्य गेहूं के बराबर ही है। मांग अधिक होने से रेट अच्छे मिलते हैं। कृषक उत्पादन संगठन बाजार उपलब्ध कराएगा। किसान आत्मनिर्भर बनेगा। किसान की आय दोगुनी होने का संकल्प साकार होगा। किसान आमदनी बढ़ाने के साथ ही कुपोषण दूर करने मददगार होगा। काला गेहूं से आर्गेनिक चिकित्सीय दलिया बनता है। भुना काला गेहूं पोषण किट में प्रयोग होता है।
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बिजनौर। जिले में काला गेहूं का उत्पादन शुरू होगा। काला गेहूं औषधीय गुण वाला बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि काला गेहूं शुगर, मोटापा आदि बीमारियों पर नियंत्रण में मदद करेगा। साथ ही बच्चों का कुपोषण दूर करने के लिए रामबाण बताया गया है। एक कृषक उत्पादन संगठन के प्रतिनिधि ने जिले के अधिकारियों से काला गेहूं की गुणवत्ता को लेकर संवाद किया है।
जनसाधारण के बीच सफेद गेहूं ही प्रचलन में है। किसान सफेद गेहूं की ही बुवाई करता है। बताया जाता है कि वैज्ञानिकों के विश्लेषण में काले गेहूं व्यापक गुणवत्ता सामने आई है। काला गेहूं डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर, मोटापा आदि बीमारी में फायदेमंद बताया गया है। साथ ही बच्चों का कुपोषण दूर करने में रामबाण साबित होने की बात सामने आई है।
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काले गेहूं के औषधीय गुण सामने आने पर किसानों को उत्पादन शुरू करने की आवश्यकता समझी जा रही है। जिले में काले गेहूं का उत्पादन शुरू हो सकता है। सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि मामले में रामपुर के एक कृषक उत्पादन संगठन ने उनसे संपर्क किया है। कुपोषण दूर करना शासन की प्राथमिकता में है। संगठन के प्रतिनिधि अमित वर्मा ने जिले के अधिकारियों की बैठक में काला गेहूं के फायदे बताए हैं। संगठन के तथ्यों का अध्ययन किया जा रहा है तथा जल्द ही योजना पर निर्णय होगा।
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किसानों को ये है फायदा
कृषक उत्पादन संगठन के अध्यक्ष अमित वर्मा ने बताया है कि काला गेहूं कई बीमारी में फायदेमंद है। इसकी मांग अधिक है। काला गेहूं की पैदावार सफेद अर्थात सामान्य गेहूं के बराबर ही है। मांग अधिक होने से रेट अच्छे मिलते हैं। कृषक उत्पादन संगठन बाजार उपलब्ध कराएगा। किसान आत्मनिर्भर बनेगा। किसान की आय दोगुनी होने का संकल्प साकार होगा। किसान आमदनी बढ़ाने के साथ ही कुपोषण दूर करने मददगार होगा। काला गेहूं से आर्गेनिक चिकित्सीय दलिया बनता है। भुना काला गेहूं पोषण किट में प्रयोग होता है।