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Bijnor News: कालागढ़ में दिखा काली गर्दन वाला राजबक पक्षी
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कालागढ़ में सैडिल बांध क्षेत्र में विचरण करता काली गर्दन वाला राजबक पक्षी।
- फोटो : DHAMPUR
कालागढ़ में दिखा काली गर्दन वाला राजबक पक्षी
कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ में काली गर्दन वाला राजबक पक्षी दिखाई दे रहा है। इस पक्षी की विशेषता जल पारिस्थितिकी का संतुलन बनाए रखना है। कार्बेट नेशनल पार्क/ टाइगर रिजर्व के वनों में लगभग 600 से अधिक पक्षियों को देखा जा चुका है। इनमें अनेक दुर्लभ प्रजाति के पक्षी हैं। इन दिनों सैडिल बांध क्षेत्र में काली गर्दन वाले राजबक पक्षी का एक बच्चा विचरण करता नजर आया है। इस क्षेत्र में सामान्य पक्षियों से कुछ अलग दिखने वाला पक्षी बांध परियोजना पर कार्य करने वाले कर्मियों व अधिकारियों के आकर्षण का केंद्र बन गया।
बांध परियोजना के सहायक अभियंता मनोज कुमार लिखवार ने बताया कि वह बांध क्षेत्र में कार्यों का निरीक्षण करने गए थे। बांध पर स्पिलवे के निकट एवं बांध पर जाने वाले मार्ग पर यह पक्षी दिखाई दिया। अन्य पक्षियों से अलग दिखने पर उसके नजदीक जाकर देखने का कौतुहल हुआ। पास जाकर देखा तो वह अलग ही था। उनके साथ मौजूद कर्मियों ने भी उसको देखा। इस बारे में कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि यह पक्षी भारत में नदियों के तटवर्ती क्षेत्र में पाया जाता है। इसका परिवार भी यहां देखने को मिल सकता है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की जैव विविधता अपने आप में बेमिसाल है। यहां देशी-विदेशी अनेक प्रकार के पक्षी देखने को मिलते हैं। दुनियाभर से पक्षी विद यहां पक्षियों का अवलोकन करते हैं। सेवानिवृत्त डीएफओ एवं वाइल्ड लाइफर नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह पक्षी जल पारिस्थितिकी में खास भूमिका निभाता है। कालागढ़ में इसके दिखाई देने से पर्यावरण की समृद्धि नजर आती है। कालागढ़ का पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी स्वच्छ एवं निर्मल है। इस पक्षी को देखकर लगता है कि यहां पर्यावरण संरक्षण एवं प्रबंधन सशक्त है।
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कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ में काली गर्दन वाला राजबक पक्षी दिखाई दे रहा है। इस पक्षी की विशेषता जल पारिस्थितिकी का संतुलन बनाए रखना है। कार्बेट नेशनल पार्क/ टाइगर रिजर्व के वनों में लगभग 600 से अधिक पक्षियों को देखा जा चुका है। इनमें अनेक दुर्लभ प्रजाति के पक्षी हैं। इन दिनों सैडिल बांध क्षेत्र में काली गर्दन वाले राजबक पक्षी का एक बच्चा विचरण करता नजर आया है। इस क्षेत्र में सामान्य पक्षियों से कुछ अलग दिखने वाला पक्षी बांध परियोजना पर कार्य करने वाले कर्मियों व अधिकारियों के आकर्षण का केंद्र बन गया।
बांध परियोजना के सहायक अभियंता मनोज कुमार लिखवार ने बताया कि वह बांध क्षेत्र में कार्यों का निरीक्षण करने गए थे। बांध पर स्पिलवे के निकट एवं बांध पर जाने वाले मार्ग पर यह पक्षी दिखाई दिया। अन्य पक्षियों से अलग दिखने पर उसके नजदीक जाकर देखने का कौतुहल हुआ। पास जाकर देखा तो वह अलग ही था। उनके साथ मौजूद कर्मियों ने भी उसको देखा। इस बारे में कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि यह पक्षी भारत में नदियों के तटवर्ती क्षेत्र में पाया जाता है। इसका परिवार भी यहां देखने को मिल सकता है।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व की जैव विविधता अपने आप में बेमिसाल है। यहां देशी-विदेशी अनेक प्रकार के पक्षी देखने को मिलते हैं। दुनियाभर से पक्षी विद यहां पक्षियों का अवलोकन करते हैं। सेवानिवृत्त डीएफओ एवं वाइल्ड लाइफर नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह पक्षी जल पारिस्थितिकी में खास भूमिका निभाता है। कालागढ़ में इसके दिखाई देने से पर्यावरण की समृद्धि नजर आती है। कालागढ़ का पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी स्वच्छ एवं निर्मल है। इस पक्षी को देखकर लगता है कि यहां पर्यावरण संरक्षण एवं प्रबंधन सशक्त है।
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