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30 दिन में बनाई जाने लगेगी सड़क पर काली परत
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बिजनौर-कोतवाली मार्ग पर पर मिट्टी के बाद डाली गई बजरी।
- फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। अगर काम इसी तरह से चलता रहा तो आने वाले तीन दिनों में बिजनौर कोतवाली मार्ग पर काली परत बनाई जाने लगेगी। बरुकी तक मिट्टी और बजरी की परत बिछाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। जून के महीने में सड़क की एक लेन तैयार करने का खाका तैयार किया गया है। वहीं 15 छोटे पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। नहरों और नदियों पर बनाए जाने वाले पुल निर्माणाधीन हैं।
बिजनौर कोतवाली मार्ग पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे का हिस्सा है। हाईवे के अनुरूप ही सड़क का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि सड़क की मौजूदा हालत बेहद खराब है। जगह जगह मिट्टी का काम चल रहा है। पुरानी सड़क को उखाड़कर मिट्टी की मोटी परत बनाई जा रही है। वहीं पुल और पुलियों के निर्माण को लेकर डायवर्जन हैं। जिसके चलते मिट्टी, धूल और गड्ढों से लोग परेशान हैं। इस सड़क पर यात्रा करना सबसे मुश्किल हो रहा है।
वहीं अच्छी खबर यह है कि वीकेआईटी कॉलेज से लेकर बरुकी तक मिट्टी डालकर बजरी की परत बिछाने का काम अंतिम चरण में हैं। सड़क पर बजरी यानि गिट्टी डाल दी गई है। अब तारकोल की सड़क बनाया जाना बाकी रह गया है। जिसे तीस दिनों के अंदर शुरू कर दिया जाएगा। निर्माण एजेंसी का दावा है कि बरूकी तक एक लेन सड़क बनाकर तैयार कर दी जाएगी।
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दो अंडरपास बनकर तैयार
बरुकी और पीली चौकी में दो अंडर पास बनकर तैयार हो गए हैं। अंडरपास के पहुंच मार्ग बनना बाकी रह गए हैं। वहीं महेश्वरी जट में अंडरपास का काम तेजी से चल रहा है। इस मार्ग में 15 छोटी पुलिया बना ली गई है। अब नहरों और नदियों के पुलों के निर्माण चल रह हैं। छोईया नदी पर भी जल्द ही पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
अभी दिक्कत बाद में मिलेगी राहत
जिले में अकेली यह सड़क ऐसी है, जिससे निकलना मुश्किल है। कोतवाली तक कहीं भी हालत ऐसी नहीं है कि वाहन की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा भी कर ली जाए। जगह जगह गड्ढों के कारण लोग बेहाल हो जाते हैं। लोगों ने रास्ता बदलकर सफर करना शुरू कर दिया है। हालांकि यही आस है कि कुछ महीनों के बाद राहत मिल जाएगी।
वर्जन :::
तीस दिनों के अंदर बरुकी तक तारकोल की सड़क बनाकर तैयार ली जाएगी। एक लेन बनाकर ट्रैफिक के लिए खोलने पर तेजी से काम चल रहा है। फिलहाल बरुकी तक अधिकांश काम पूरा होने वाला है, सिर्फ तारकोल की सड़क बनना बाकी रह गया है। ...सत्येंद्र पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर
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बिजनौर कोतवाली मार्ग पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे का हिस्सा है। हाईवे के अनुरूप ही सड़क का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि सड़क की मौजूदा हालत बेहद खराब है। जगह जगह मिट्टी का काम चल रहा है। पुरानी सड़क को उखाड़कर मिट्टी की मोटी परत बनाई जा रही है। वहीं पुल और पुलियों के निर्माण को लेकर डायवर्जन हैं। जिसके चलते मिट्टी, धूल और गड्ढों से लोग परेशान हैं। इस सड़क पर यात्रा करना सबसे मुश्किल हो रहा है।
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वहीं अच्छी खबर यह है कि वीकेआईटी कॉलेज से लेकर बरुकी तक मिट्टी डालकर बजरी की परत बिछाने का काम अंतिम चरण में हैं। सड़क पर बजरी यानि गिट्टी डाल दी गई है। अब तारकोल की सड़क बनाया जाना बाकी रह गया है। जिसे तीस दिनों के अंदर शुरू कर दिया जाएगा। निर्माण एजेंसी का दावा है कि बरूकी तक एक लेन सड़क बनाकर तैयार कर दी जाएगी।
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दो अंडरपास बनकर तैयार
बरुकी और पीली चौकी में दो अंडर पास बनकर तैयार हो गए हैं। अंडरपास के पहुंच मार्ग बनना बाकी रह गए हैं। वहीं महेश्वरी जट में अंडरपास का काम तेजी से चल रहा है। इस मार्ग में 15 छोटी पुलिया बना ली गई है। अब नहरों और नदियों के पुलों के निर्माण चल रह हैं। छोईया नदी पर भी जल्द ही पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
अभी दिक्कत बाद में मिलेगी राहत
जिले में अकेली यह सड़क ऐसी है, जिससे निकलना मुश्किल है। कोतवाली तक कहीं भी हालत ऐसी नहीं है कि वाहन की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा भी कर ली जाए। जगह जगह गड्ढों के कारण लोग बेहाल हो जाते हैं। लोगों ने रास्ता बदलकर सफर करना शुरू कर दिया है। हालांकि यही आस है कि कुछ महीनों के बाद राहत मिल जाएगी।
वर्जन :::
तीस दिनों के अंदर बरुकी तक तारकोल की सड़क बनाकर तैयार ली जाएगी। एक लेन बनाकर ट्रैफिक के लिए खोलने पर तेजी से काम चल रहा है। फिलहाल बरुकी तक अधिकांश काम पूरा होने वाला है, सिर्फ तारकोल की सड़क बनना बाकी रह गया है। ...सत्येंद्र पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर