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गंगा स्नान मेले में फिर दिखाई दी भाजपा की गुटबाजी
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अचल चौधरी
बिजनौर। यूं तो सदियों से कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के बाद खिचड़ी बनाने चलन है, लेकिन पूर्णिमा से दो दिन पहले ही भगीरथी के तट पर खिचड़ी पक गई। यह सियासी खिचड़ी भी अलग अलग पकी। दरअसल शनिवार को जिला पंचायत की ओर से मेले का उद्घाटन करते हुए गंगा पूजन हुआ जबकि रविवार को सदर विधायक समर्थकों के संग पूजन करने पहुंची। दो दिनों में हुए इस आयोजन से भाजपा नेताओं में दरार साफ तौर पर दिखाई दे गई।
रविवार को विदुर कुटी के पास लगे गंगा स्नान मेले में सदर विधायक सूचि मौसम चौधरी, उनके पति ऐश्वर्य मौसम चौधरी अपने गुट के चार ब्लॉक प्रमुखों के संग पहुंचे। इनके साथ जिला पंचायत के वो 22 सदस्य भी रहे, जोकि जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप के विरोधी खेमे में शामिल हैं। विरोधी खेमे का नेतृत्व करने वाले जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान भी गंगा पूजन के वक्त तट पर नजर आए। बता दें कि आयुष चौहान के नेतृत्व में ही विरोधी खेमे के जिला पंचायत सदस्यों ने पिछले माह ही साकेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र सौंपे थे।
उधर शनिवार को जिला पंचायत की ओर से मेले का उद्घाटन कराया जा चुका था। जिसमें मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान रहे। केंद्रीय मंत्री और जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने मेले का उद्घाटन करते हुए गंगा पूजन किया था। इसी तर्ज पर रविवार को सदर विधायक की ओर गंगा पूजन का कार्यक्रम हुआ। हालांकि दोनों कार्यक्रमों में एक बात ही जुदा रही, वो है कि सदर विधायक ने कोई फीता नहीं काटा। सिर्फ गंगा पूजन किया और उद्घाटन के जैसे ही गंगा में दूध प्रवाहित किया।
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मेले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि गंगा पूजन और दूध प्रवाहित करने की परंपरा दो दिनों तक लगातार हुई हो। जिसे राजनीतिक गुटबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है। गुटबंदी की खिचड़ी का जिले की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन रविवार को हुआ गंगा पूजन कार्यक्रम से आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए।
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बिजनौर। यूं तो सदियों से कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के बाद खिचड़ी बनाने चलन है, लेकिन पूर्णिमा से दो दिन पहले ही भगीरथी के तट पर खिचड़ी पक गई। यह सियासी खिचड़ी भी अलग अलग पकी। दरअसल शनिवार को जिला पंचायत की ओर से मेले का उद्घाटन करते हुए गंगा पूजन हुआ जबकि रविवार को सदर विधायक समर्थकों के संग पूजन करने पहुंची। दो दिनों में हुए इस आयोजन से भाजपा नेताओं में दरार साफ तौर पर दिखाई दे गई।
रविवार को विदुर कुटी के पास लगे गंगा स्नान मेले में सदर विधायक सूचि मौसम चौधरी, उनके पति ऐश्वर्य मौसम चौधरी अपने गुट के चार ब्लॉक प्रमुखों के संग पहुंचे। इनके साथ जिला पंचायत के वो 22 सदस्य भी रहे, जोकि जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप के विरोधी खेमे में शामिल हैं। विरोधी खेमे का नेतृत्व करने वाले जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान भी गंगा पूजन के वक्त तट पर नजर आए। बता दें कि आयुष चौहान के नेतृत्व में ही विरोधी खेमे के जिला पंचायत सदस्यों ने पिछले माह ही साकेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र सौंपे थे।
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उधर शनिवार को जिला पंचायत की ओर से मेले का उद्घाटन कराया जा चुका था। जिसमें मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान रहे। केंद्रीय मंत्री और जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने मेले का उद्घाटन करते हुए गंगा पूजन किया था। इसी तर्ज पर रविवार को सदर विधायक की ओर गंगा पूजन का कार्यक्रम हुआ। हालांकि दोनों कार्यक्रमों में एक बात ही जुदा रही, वो है कि सदर विधायक ने कोई फीता नहीं काटा। सिर्फ गंगा पूजन किया और उद्घाटन के जैसे ही गंगा में दूध प्रवाहित किया।
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मेले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि गंगा पूजन और दूध प्रवाहित करने की परंपरा दो दिनों तक लगातार हुई हो। जिसे राजनीतिक गुटबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है। गुटबंदी की खिचड़ी का जिले की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन रविवार को हुआ गंगा पूजन कार्यक्रम से आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए।