फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Birthday special: Mahavir Tyagi gave advice to Pandit Nehru in Parliament

जन्मदिवस पर विशेष : महावीर त्यागी ने पंडित नेहरू को संसद में दी थी नसीहत

Fri, 31 Dec 2021 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 31 Dec 2021 12:42 AM IST
विज्ञापन
Birthday special: Mahavir Tyagi gave advice to Pandit Nehru in Parliament
महावीर त्यागी (फाइल फोटो)। - फोटो : BIJNOR
जन्मदिवस पर विशेष : महावीर त्यागी ने पंडित नेहरू को संसद में दी थी नसीहत
विज्ञापन

विवेक गुप्ता
बरूकी (बिजनौर)। जनपद के गांव रतनगढ़ निवासी महावीर त्यागी ने स्वतंत्रता आंदोलन तथा स्वतंत्रता बाद देश के नव निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। चीन द्वारा भारतीय भूमि पर कब्जा करने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को संसद में ही नसीहत दी थी। चीन द्वारा भारतीय जमीन पर कब्जा किए जाने के बाद पंडित नेहरू के बयान से महावीर त्यागी बेहद नाराज हुए थे।
बिजनौर के वरिष्ठ इतिहासकार भोलानाथ त्यागी बताते हैं कि महावीर त्यागी का जन्म उनके ननिहाल मुरादाबाद जनपद के ग्राम ढवारसी में 31 दिसंबर 1899 को हुआ था। उनकी शिक्षा मेरठ से हुई तथा इसके बाद वह सेना में भर्ती हो गए। जलियांवाला बाग कांड के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और वह स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। वह महात्मा गांधी के संपर्क में आए और स्वतंत्रता आंदोलन में बेहद सक्रिय रहे। महावीर त्यागी ने देहरादून में एक सभा का आयोजन किया था, जिसमें महात्मा गांधी मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित हुए थे। महावीर त्यागी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 11 बार जेल गए। वह संविधान सभा के सदस्य भी रहे। देश की आजादी के बाद महावीर त्यागी देहरादून बिजनौर (उत्तर पश्चिम) सहारनपुर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से 1952,1957, व 1962 में सांसद रहे।
विज्ञापन

महावीर त्यागी 1951 से 1953 तक केंद्रीय राजस्व मंत्री रहे। 1953 से 1957 तक वह मिनिस्टर फॉर डिफेंस ऑर्गेनाइजेशन भी रहे। 1962 से 1964 तक वह संसद की लेखा समिति के चेयरमैन रहे। 1961 में चीन द्वारा भारतीय भूमि पर कब्जा किए जाने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू द्वारा वक्तव्य दिया गया था कि वह भूमि बंजर है उस पर कुछ भी नहीं उगता। इस पर उन्होंने अपनी सरकार का ही विरोध किया और संसद में अपनी टोपी उतार कर अपना केश विहीन सिर पंडित नेहरू को दिखा कर कहा कि मेरे सिर पर कोई बाल नहीं उगते, क्या इसका मतलब यह है कि सिर का कोई मूल्य नहीं है। यह घटना विकिपीडिया पर दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम फीना में बनवाया पशु चिकित्सालय और बस अड्डा
ग्राम रतनगढ़ निवासी हर्षवर्धन आत्रेय बताते हैं कि सांसद बनने के बाद उन्होंने अपने पैतृक ग्राम रतनगढ़ में बस अड्डा तथा पशु चिकित्सालय बनवाने की संस्तुति की थी जो बाद में ग्राम फीना में बनवाया गया। यह दोनों स्थल आज भी मौजूद हैं। 22 मई 1980 को उनका देहांत हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed