फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Birthday is celebrated by cutting cake every year on Gauraiya Diwas at Haveli in Bijnor

UP: इंसानियत की हवेली में परिंदों का आशियाना, गौरैया दिवस पर मनाया जाता है जन्मदिन, बांटा जाता है केक

Tue, 19 Mar 2024 06:42 PM IST
कपिल kapil धर्मेन्द्र भुईयार, संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
धर्मेन्द्र भुईयार, संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 19 Mar 2024 06:42 PM IST
सार

Bijnor News : बिजनौर में गौरैया वाली हवेली में हर साल गौरैया दिवस पर पूरा परिवार सैकड़ों युवाओं संग केक काटकर गौरैया दिवस मनाता है। सभी को केक खिलाया जाता है।

विज्ञापन
Birthday is celebrated by cutting cake every year on Gauraiya Diwas at Haveli in Bijnor
बिजनौर में गौरैया वाली हवेली। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विज्ञापन

इंसानियत के जज्बे से लबरेज बिजनौर शहर की एक हवेली में परिंदों का आशियाना बना है। पीढ़ियों से चल रही बेजुबान परिंदों की सेवा के इसी जज्बे के चलते अब हवेली की पहचान भी बदल गई है। शहर और आसपास इलाके में इस हवेली को गौरेया वाली हवेली का नया नाम मिला है। किसी भी दौर में मदद का सिलसिला थमा नहीं। इसके लिए परिवार में वसीयत संग इन परिंदों की देखरेख की जिम्मेदारी भी अगली पीढ़ी को सौंपी जाती है। इस हवेली में गौरैया के अलावा कई अन्य पक्षियों की चहक मानो कोई मधुर संगीत की तरह सुनाई देती है।

 

नगर में मोहल्ला शेखान की तंग गलियों में शेख अकबर हुसैन की हवेली है। जिसमें लगभग 300 वर्षो से गौरैया का आशियाना बना हुआ है। आज के युग में जहां गौरैया जैसे पक्षी लुप्त होते जा रहे हैं, वहीं इस हवेली में आज भी लगभग दो हजार गौरैया के चहकने की आवाज सुनाई देती है। यहां पूर्वज मरते समय हवेली की विरासत के साथ-साथ अपनी संतान को गौरैयों की परवरिश व उनके देखभाल का जिम्मा भी देते हैं। जिस जिम्मेदारी को शेख जमाल ने बखूबी निभाया और अब उनके इस काम में उनका पुत्र फराज शेख कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। इसी के कारण आज इस हवेली में हजारों गौरैयों का भी घर है। फराज शेख ने अब इंदिरा पार्क बिजनौर में मात्र छह माह में गौरैया लाने का वादा किया है।

विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

गौरैया दिवस पर केक काटकर मनाया जाता है जन्मदिन
इस गौरैया वाली हवेली में हर साल गौरैया दिवस पर पूरा परिवार सैकड़ों युवाओं संग केक काटकर गौरैया दिवस मनाता है। सभी को केक खिलाया जाता है। जन्मदिन में शामिल हुए युवाओं को घोंसला देकर घर में लगाने का आह्वान करते हुए गौरैया का आशियाना बनाने की अपील की जाती है। गौरैया प्रेमी फराज शेख कहते है कि घर में बचे हुए खाने को अपनी छत पर रखने के साथ साथ मिट्टी के बर्तन में पानी व गेंहू चावल के दाने भी जरूर रखें ताकि पक्षियों की संख्या में कमी न आए।

यह भी पढ़ें: रोचक किस्सा: पाक के प्रथम प्रधानमंत्री भारत में बने थे मंत्री, कौन हैं लियाकत अली, पढ़िए- उनके बारे में सबकुछ

गौरैया कहीं चली न जाए इसलिए नहीं कराई पूर्वजों के मकान की मरम्मत

पूर्वजों के पुराने लकड़ी की छत वाले मकान का अभी भी बड़ा हिस्सा बिना मरम्मत के ही है। गौरैया कहीं चली न जाए इसलिए पुराने मकान को तोड़कर नया नहीं बनाया गया। फराज शेख बताते है कि गौरैया के दाना-पानी के लिए सुबह जल्दी उठकर उनकी सब व्यवस्था करनी पड़ती है। गौरैया की देखभाल के चलते कहीं आयोजित शादी समारोह में भी परिवार के सभी लोग एक साथ नहीं जाते हैं।

यह भी पढ़ें: कौन बनेगा चेहरा: भाजपा का कुमार पर ‘विश्वास’ संभव, मेरठ से इन तीन नामों पर भी चर्चा, आज जारी हो सकती है सूची

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed