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Bijnor: 36 करोड़ के स्टांप पेपर में लगाई जाएगी आग, जानें क्यों लिया गया ऐसा निर्णय
Tue, 20 May 2025 06:06 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 20 May 2025 06:06 PM IST
सार
जिले के कोषागार में 36 करोड़ रुपये कीमत के 10 से 25 रुपये कीमत के 30500 स्टांप पेपर हैं। चलन से बाहर होने के बाद इनको जलाकर नष्ट करने का निर्णय लिया गया है। अब ई-स्टांप पर जोर है।
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स्टांप पेपर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मार्च में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के बाद राज्य में 10 हजार और उससे ज्यादा कीमत के स्टांप पेपर चलन से बाहर हो गए हैं। जनपदों के कोषागारों में इस मूल्य वर्ग के जो स्टांप हैं, उन्हें नष्ट करने के आदेश जारी किए गए हैं। बिजनौर में भी करीब 36 करोड़ रुपये कीमत के स्टांप पेपर को जलाकर नष्ट किया जाएगा। इसके लिए कमेटी बना दी गई है।
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ई-स्टांप के चलन के बाद अधिक मूल्य वर्ग के स्टांप पेपर की मांग कम हो गई है। मार्च माह में प्रदेश सरकार ने 10 से 25 हजार रुपये कीमत के स्टांप पेपर के चलन पर रोक लगा दी थी। जनपद के कोषागार में 10 से 25 रुपये कीमत के 30500 स्टांप पेपर हैं, जिनका मूल्य लगभग 36 करोड़ है। चलन से बाहर होने के बाद स्टांप पेपर को जलाकर नष्ट करने का निर्णय लिया गया है।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित की गई कमेटी अपनी निगरानी में स्टांप पेपर को जलाएगी। इस कमेटी में एआईजी स्टांप, वरिष्ठ कोषाधिकारी, सीओ सिटी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तथा एक मजिस्ट्रेट को नामित किया गया है।
पंजीकरण में ई-स्टांप के प्रयोग पर जोर
स्टांप पेपर के प्रयोग को लेकर पूर्व में गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। इसके चलते सरकार ई-स्टांप को बढ़ावा देना चाहती है। यह आसान भी है। बड़े मूल्य के स्टांप खरीदने के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ता है। बैनामा, किराया आदि के पंजीकरण में अब ई-स्टांप का चलन भी बढ़ रहा है। इसलिए बड़े मूल्य के स्टांप पेपर की मांग कम हो गई। इसके चलते सरकार ने 10 से 25 हजार मूल्य के स्टांप पेपर का चलन रोक दिया। इससे कम मूल्य के स्टांप पेपर चलन में रहेंगे।
स्टांप पेपर के प्रयोग को लेकर पूर्व में गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। इसके चलते सरकार ई-स्टांप को बढ़ावा देना चाहती है। यह आसान भी है। बड़े मूल्य के स्टांप खरीदने के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ता है। बैनामा, किराया आदि के पंजीकरण में अब ई-स्टांप का चलन भी बढ़ रहा है। इसलिए बड़े मूल्य के स्टांप पेपर की मांग कम हो गई। इसके चलते सरकार ने 10 से 25 हजार मूल्य के स्टांप पेपर का चलन रोक दिया। इससे कम मूल्य के स्टांप पेपर चलन में रहेंगे।
सुरक्षा में तैनात रहेगी पुलिस
स्टांप पेपर के निस्तारण के लिए गठित टीम में सीओ भी शामिल होंगे। इस दौरान सुरक्षा के लिए से पुलिस भी तैनात रहेगी। इसके अलावा बड़ी मात्रा में स्टांप के जलने के कारण आग इधर-उधर न फैले, इसे रोकने के लिए अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। आग बुझाने के लिए अग्निशमन की गाड़ी भी मौके पर मौजूद रहेगी।
स्टांप पेपर के निस्तारण के लिए गठित टीम में सीओ भी शामिल होंगे। इस दौरान सुरक्षा के लिए से पुलिस भी तैनात रहेगी। इसके अलावा बड़ी मात्रा में स्टांप के जलने के कारण आग इधर-उधर न फैले, इसे रोकने के लिए अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। आग बुझाने के लिए अग्निशमन की गाड़ी भी मौके पर मौजूद रहेगी।
ये बोले...
एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में कमेटी गठित हुई थी। हमारे यहां करीब 30500 स्टांप हैं और उनकी अनुमानित लागत करीब 36 करोड़ है। इसी सप्ताह स्टांप जलाने की प्रक्रिया कमेटी के सामने की जाएगी।
- वीएस तिवारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी बिजनौर
एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में कमेटी गठित हुई थी। हमारे यहां करीब 30500 स्टांप हैं और उनकी अनुमानित लागत करीब 36 करोड़ है। इसी सप्ताह स्टांप जलाने की प्रक्रिया कमेटी के सामने की जाएगी।
- वीएस तिवारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी बिजनौर