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इंटरमीडिएट अर्थशास्त्र विषय में डिवीजन मेंटेन के लिए आंकिक सवाल महत्वपूर्ण
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अर्थशास्त्र में डिवीजन के लिए आंकिक सवाल महत्वपूर्ण
बिजनौर। अर्थशास्त्र को गणित का यंगर ब्रदर कहा जाता है। यूपी बोर्ड द्वारा बदले इंटरमीडिएट पाठ्यक्रम में अर्थशास्त्र विषय में आंकिक अर्थात न्यूमेरिकल महत्वपूर्ण हैं। छात्रों द्वारा नए पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयारी करने से परीक्षा में झोली भरकर नंबर आएंगे। साहित्यिक वर्ग के छात्रों के लिए अर्थशास्त्र विषय डिवीजन मेंटेन करने में महत्वपूर्ण हैं। पेपर कंपलीटली एनसीईआरटी आधारित होगा। इसलिए छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों से ही परीक्षा की तैयारी करनी है। दूसरी किताबों के चक्कर में नहीं पड़ना है। छात्रों को शार्टकट का रास्ता नहीं अपनाना है। गाइड आदि से पढ़ना नुकसान दे सकता है। एनसीईआरटी किताब के सारे चैप्टर पढ़ने हैं।
आरजेपी इंटर कालेज बिजनौर के अर्थशास्त्र प्रवक्ता प्रदीप कुमार सिंह बताते हैं कि पेपर समष्टि तथा व्यष्टि भागों में विभाजित किया गया है। दोनों भाग के समान अंक हैं। पेपर में कुल 28 प्रश्न होंगे। इनमें 12 प्रश्न एक एक नंबर के, चार अति लघु उत्तरीय प्रश्न चार चार अंक के, छह लघु उत्तरीय प्रश्न पांच पांच अंक के, छह विस्तृत उत्तरीय प्रश्न सात सात अंक के होंगे। छात्र पहले समष्टि पार्ट पर ध्यान दें। समष्टि खंड के पाठ व्यवहारिक जीवन से जुड़े हैं। पाठों पर थोड़ा सा ध्यान देने पर जल्दी समझ में आ जाएंगे। इनमें सरकारी बजट, आय, रोजगार आदि प्रमुख चैप्टर हैं। प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आय, लेखांकन तथा आय एवं रोजगार चैप्टरों में आंकिक सवाल हैं। आंकिक सवालों में पूरे नंबर आते हैं। ये नंबर डिवीजन तथा मैरिट मेंटेन करने में सहायक हैं। अपने टीचर की मदद लेकर आंकिक सवालों की प्रैक्टिस करें। अर्थशास्त्र का सैंपल पेपर देख लें। व्यष्टि खंड के दूसरे तथा तीसरे पाठ से 20 से 30 नंबर के सवाल पूछे जाएंगे। उपभोक्ता का व्यवहार सिद्धांत, उत्पादन लागत, पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्थिति में फर्म का सिद्धांत, पाठों में आंकिक सवाल हैं। इन पाठों के सवाल आसान हैं। थोड़ा समय देकर अधिक नंबर लाने वाले हैं। जवाब उतना ही लिखें जितना मांगा गया है। टाइम मैनेजमेंट भी जरूरी है। नियमित रिवीजन रखें। अपनी समस्याओं को रोजाना दूर करते रहें। कल पर नहीं छोड़ें।
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बिजनौर। अर्थशास्त्र को गणित का यंगर ब्रदर कहा जाता है। यूपी बोर्ड द्वारा बदले इंटरमीडिएट पाठ्यक्रम में अर्थशास्त्र विषय में आंकिक अर्थात न्यूमेरिकल महत्वपूर्ण हैं। छात्रों द्वारा नए पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयारी करने से परीक्षा में झोली भरकर नंबर आएंगे। साहित्यिक वर्ग के छात्रों के लिए अर्थशास्त्र विषय डिवीजन मेंटेन करने में महत्वपूर्ण हैं। पेपर कंपलीटली एनसीईआरटी आधारित होगा। इसलिए छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों से ही परीक्षा की तैयारी करनी है। दूसरी किताबों के चक्कर में नहीं पड़ना है। छात्रों को शार्टकट का रास्ता नहीं अपनाना है। गाइड आदि से पढ़ना नुकसान दे सकता है। एनसीईआरटी किताब के सारे चैप्टर पढ़ने हैं।
आरजेपी इंटर कालेज बिजनौर के अर्थशास्त्र प्रवक्ता प्रदीप कुमार सिंह बताते हैं कि पेपर समष्टि तथा व्यष्टि भागों में विभाजित किया गया है। दोनों भाग के समान अंक हैं। पेपर में कुल 28 प्रश्न होंगे। इनमें 12 प्रश्न एक एक नंबर के, चार अति लघु उत्तरीय प्रश्न चार चार अंक के, छह लघु उत्तरीय प्रश्न पांच पांच अंक के, छह विस्तृत उत्तरीय प्रश्न सात सात अंक के होंगे। छात्र पहले समष्टि पार्ट पर ध्यान दें। समष्टि खंड के पाठ व्यवहारिक जीवन से जुड़े हैं। पाठों पर थोड़ा सा ध्यान देने पर जल्दी समझ में आ जाएंगे। इनमें सरकारी बजट, आय, रोजगार आदि प्रमुख चैप्टर हैं। प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आय, लेखांकन तथा आय एवं रोजगार चैप्टरों में आंकिक सवाल हैं। आंकिक सवालों में पूरे नंबर आते हैं। ये नंबर डिवीजन तथा मैरिट मेंटेन करने में सहायक हैं। अपने टीचर की मदद लेकर आंकिक सवालों की प्रैक्टिस करें। अर्थशास्त्र का सैंपल पेपर देख लें। व्यष्टि खंड के दूसरे तथा तीसरे पाठ से 20 से 30 नंबर के सवाल पूछे जाएंगे। उपभोक्ता का व्यवहार सिद्धांत, उत्पादन लागत, पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्थिति में फर्म का सिद्धांत, पाठों में आंकिक सवाल हैं। इन पाठों के सवाल आसान हैं। थोड़ा समय देकर अधिक नंबर लाने वाले हैं। जवाब उतना ही लिखें जितना मांगा गया है। टाइम मैनेजमेंट भी जरूरी है। नियमित रिवीजन रखें। अपनी समस्याओं को रोजाना दूर करते रहें। कल पर नहीं छोड़ें।
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