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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Bijnor: LIU reaches medical college following ragging of an MBBS student; here is what the principal said

बिजनौर: एमबीबीएस छात्र की रैगिंग होने पर जांच करने मेडिकल कॉलेज पहुंची एलआईयू, प्राचार्या ने कह दी ये बात

Fri, 30 Oct 2026 05:37 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर Published by: Mohd Mustakim Updated Fri, 30 Oct 2026 05:37 PM IST
सार

महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बृहस्पतिवार को एमबीबीएस छात्र की रैगिंग का मामला सामने आया था। पिता की शिकायत पर जांच बैठा दी गई।शुक्रवार को एलआईयू ने भी जांच शुरू कर दी है। वहीं आरोपी छात्रों के अभिभावक भी कॉलेज पहुंचे। 
 

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Bijnor: LIU reaches medical college following ragging of an MBBS student; here is what the principal said
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद छात्रों के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। पीड़ित और रैगिंग करने वाले छात्रों के अभिभावकों को बुलाया गया था। इनमें से कई छात्रों के अभिभावक शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। वहीं, मामला तूल पकड़ने के बाद स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) भी जांच में जुट गई है।
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मेडिकल कॉलेज में यह दूसरी बार रैगिंग का मामला सामने आया है। किसी भी शिक्षण संस्थान में रैगिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। ऐसे में अब महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में रैगिंग की शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। एहतियात के तौर पर जूनियर और सीनियर छात्रों के आने-जाने के रास्ते अलग-अलग कर दिए हैं। ताकि, दोनों के बीच अनावश्यक संपर्क को रोका जा सके। 
 
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इसके अलावा जूनियर छात्रों को सख्त हिदायत दी गई है कि अगर सीनियर छात्र उन्हें बुलाएं तो बिल्कुल भी नहीं जाएं। वहीं, मामले की जानकारी लेने के लिए एलआईयू टीम के सदस्य भी शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
 
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तीन वार्डन की लगाई गई है ड्यूटी
हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग न हो। इसके लिए तीन वार्डन की ड्यूटी लगाई गई है। तीन वार्डन अलग-अलग समय हॉस्टल पहुंचकर छात्रों का हाल जानेंगे। कोई भी परेशानी होने पर छात्र वार्डन को अपनी समस्या बता सकते हैं। साथ ही छात्रों की काउंसिलिंग के दौरान यह बताया गया कि समस्या का समाधान नहीं होने पर प्राचार्या से शिकायत करें।
 

रैगिंग होने पर संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी होगी तय
मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की घटनाएं रोकने के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक की ओर से पहले ही गाइडलाइन जारी की जा चुकी है। इसमें स्पष्ट है कि किसी भी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग से संबंधित घटना होने पर संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी तय होगी। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज में दोबारा रैगिंग का मामला सामने आना गंभीर माना जा रहा है।
 

ये बोलीं प्राचार्या
सीनियर और जूनियर छात्रों के आने-जाने के रास्ते अलग-अलग कर दिए हैं। कई छात्रों के अभिभावक आए थे। जिस छात्र के नाम से शिकायत हुई थी, उन्होंने लिखकर दे दिया है कि उसके साथ कोई घटना नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग जैसी कोई घटना न हो, इसके लिए वार्डन सहित सभी फैकल्टी को निर्देशित किया गया है।
- डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
 
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