{"_id":"66fe9e7f4a12ea067b0fa94b","slug":"bijnor-life-imprisonment-to-three-murderers-of-deepanshu-deepanshu-was-the-only-son-2024-10-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bijnor: दीपांशु के चार हत्यारों को सजा, इकलौता बेटा था दीपांशु, कोर्ट रूम में छलके मां-बाप के आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor: दीपांशु के चार हत्यारों को सजा, इकलौता बेटा था दीपांशु, कोर्ट रूम में छलके मां-बाप के आंसू
Thu, 03 Oct 2024 07:09 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 03 Oct 2024 07:09 PM IST
सार
मोहल्ला आदर्श नगर निवासी दीपांशु की 19 अप्रैल 2019 को मोहल्ले के ही युवकों ने हत्या कर दी थी। पांच साल बाद परिजनों को न्याय मिला है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद शुक्ला ने दीपांशु हत्याकांड में रितुल कुमार, सूरज उर्फ हर्ष वर्मा, मनीष त्यागी उर्फ राजा को आजीवन कारावास व एक लाख 82 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। नाबालिग आरोपी शुभम मलिक को आठ साल का कठोर कारावास व 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी।
विज्ञापन
थाना नजीबाबाद के मोहल्ला आदर्श नगर निवासी दीपांशु पुत्र मनोज कुमार को 19 अप्रैल 2019 को मोहल्ले के ही सूरज उर्फ हर्ष वर्मा, शुभम मलिक, रितुल व मनीष त्यागी उर्फ राजा पार्टी देने की बात कहकर सूरज उर्फ हर्ष वर्मा के घर ले गए थे। यहां चारों ने मिलकर उसकी निर्मम हत्या कर घर का इकलौता चिराग बुझा दिया था। हत्या करने के बाद आरोपियों ने उसी रात शव को वोरे में भरकर सरबनपुर बड़ी नहर में डाल दिया था। काफी खोजबीन करने के बाद दीपांशु का शव परिजनों को पांच दिन बाद थाना किरतपुर के गांव भरेकी नहर में मिला था।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना नजीबाबाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर अग्रिम कार्यवाही आरंभ कर दी थी। पुलिस की जांच में सूरज उर्फ हर्ष वर्मा, मनीष त्यागी उर्फ राजा, शुभम मलिक, रितुल कुमार का नाम प्रकाश में आया था। इन आरोपियों के पास से ही मृतक दीपांशु का मोबाइल और अन्य सामान बरामद हुआ था। पुलिस ने चारों को संबंधित धाराओं चालान कर जेल भेज दिया था।
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिली आरोपियों को सजा
लगभग पांच वर्ष पूर्व दीपांशु हत्याकांड में 145 तारीख और 12 गवाहों की गवाही के बाद चारों आरोपियों को सजा हुई। बेटे के जाने के बाद माता-पिता का दर्द छलका। वे फैसला सुनकर निकल आए। न्याय की जीत हुई। देर से ही सही पांच साल बाद न्याय मिला।
लगभग पांच वर्ष पूर्व दीपांशु हत्याकांड में 145 तारीख और 12 गवाहों की गवाही के बाद चारों आरोपियों को सजा हुई। बेटे के जाने के बाद माता-पिता का दर्द छलका। वे फैसला सुनकर निकल आए। न्याय की जीत हुई। देर से ही सही पांच साल बाद न्याय मिला।