फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Bijnor: Injection of Oxytocin

पशुओं को बांझ कर रहा ऑक्सिटोसिन का इंजेक्शन

Thu, 23 Jan 2020 12:19 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 12:19 AM IST
विज्ञापन
Bijnor: Injection of Oxytocin
पशुओं को बांझ बना रहा ऑक्सिटोसिन का इंजेक्शन
विज्ञापन

बिजनौर। ऑक्सिटोसिन का इंजेक्शन पशुओं को बांझ कर रहा है। इसके बेचने और प्रयोग करने पर प्रतिबंध है। लेकिन फिर भी यह बेचा जाता है। इसका प्रयोग रोकने के लिए पशुपालन विभाग किसानों के घर में छापा मारेगा। जहां इस दवाई का प्रयोग होता मिला उस किसान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किसान पशुपालन भी अनिवार्य रूप से ही करते हैं। दुग्ध उत्पादन करके किसान अपने घरेलू खर्च चलाते हैं। अब दुग्ध उत्पादन को व्यवसाय के रूप में भी अपनाया जा रहा है। किसान पशुओं का दूध निकालने के लिए ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग करते हैं। इस दवाई के बार बार प्रयोग से पशुओं में बांझपन की बीमारी बढ़ रही है। प्रतिबंध के बाद भी दुकानों पर ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन आसानी से मिल जाता है। शासन ने इस इंजेक्शन का प्रयोग पूरी तरह बंद कराने के लिए अब अभियान चलाने का निर्णय लिया है। औषधि निरीक्षक दुकानों पर जाकर देखेंगे कि कहीं किसी दुकान पर यह दवाई बेची तो नहीं जा रही है। पशुपालन विभाग की टीम किसानों के घर पर छापा मारेगी। जिस घर में दस या अधिक दुधारू पशु हैं वहां जाकर देखा जाएगा कि पशुओं को ऑक्सिटोसिन का इंजेक्शन तो नहीं लगाया जा रहा है। अगर ऐसा होता मिला तो किसान के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई होगी। पशुओं को ऑक्सिटोसिन का इंजेक्शन न देने के लिए किसानों को पशु मेले व अन्य शिविरों में जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन

ऐसे काम करता है ऑक्सिटोसिन
किसान पशु का दूध निकालने से पहले उसके बच्चे को दूध पिलाते हैं। अगर दुधारू पशु का बच्चा मर चुका होता है तो किसान पशु के थनों पर हाथ फेराता है। दुधारू पशु के दिमाग में पहले से ही ऑक्सिटोसिन हार्मोन होता है। बच्चे के दूध पीने पर या थनों को सहलाने पर ऑक्सिटोसिन हार्मोन निकलता है। इसका मतलब होता है कि दिमाग पशु को दूध देने के लिए तैयार कर देता है। लेकिन कई बार जब दूध नहीं देता है तो उसे ऑक्सिटोसिन का इंजेक्शन दिया जाता है। इससे पशु के शरीर के हार्मोंस बिगड़ जाते हैं और वह बांझ हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान कर रहे अपना नुकसान
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह के अनुसार पशुओं में ऑक्सिटोसिन का प्रयोग करके किसान अपना नुकसान कर रहे हैं। इसके बार बार प्रयोग से पशु बांझ हो जाएगा। किसानों को स्वाभाविक तरीके से पशुओं का दूध निकालना चाहिए। इसके खिलाफ जल्द ही जिले में अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी किसान के घर या दुकान पर ऑक्सिटोसिन का इंजेक्शन पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed