बिजनौर: आज किसान करेंगे दिल्ली कूच, तैयारियां पूरी, ट्रैक्टरों पर बांधे दो हजार तिरंगे
- जिले से दो हजार ट्रैक्टरों से 25 हजार से ज्यादा किसानों को ले जाने की है योजना
- किसान बैराज के अलावा मंडावर में बने पेंटून पुल और चांदपुर में नारनोर के पुल से करेंगे कूच
- हर गांव से एक ट्रैक्टर और 11 किसानों को ले जाने की है तैयारी
- जाने से रोकने पर धरने पर बैठने की दी चेतावनी
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में शुक्रवार को दिल्ली में अधिक से अधिक किसानों को ले जाने के लिए भाकियू पदाधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। भेंट में मिले दो हजार तिरंगों को ट्रैक्टरों पर बांधा जा रहा है। किसानों ने प्रशासन द्वारा रोकने पर जिले में बड़ा आंदोलन शुरू करने की बात कही है।
भाकियू नेताओं ने 22 जनवरी को बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर के साथ दिल्ली जाने का निर्णय लिया है। किसानों को ट्रैक्टर पर बांधने के लिए दो हजार से अधिक तिरंगे झंडे उपहार में मिले हैं। गुरूवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने इन तिरंगों को आसपास के गांवों में बांटा, जो किसान अपने ट्रैक्टर में बांधकर दिल्ली रवाना होंगे। किसान गंगा बैराज के अलावा मंडावर में बने पेंटून पुल तथा चांदपुर में नारनोर के पुल से दिल्ली के लिए कूच करेंगे।
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बताया कि जिले के अलग अलग स्थानों से दो हजार ट्रैक्टरों से 25 हजार से ज्यादा किसान दिल्ली जाएंगे। ये किसान दिल्ली में होने वाली परेड में हिस्सा लेंगे। बताया कि हर गांव से एक ट्रैक्टर व 11 किसानों को धरने में लेकर जाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अगर कहीं पर किसानों को रोका गया तो किसान वहीं धरना देकर बैठ जाएंगे। इसके बाद प्रशासन से पिछले सालों के विलंब भुगतान पर ब्याज व अन्य बातों का हिसाब लिया जाएगा। चाहे दिल्ली का धरना खत्म हो जाए, जिले में होने वाला धरना खत्म नहीं होगा। किसान सभी सड़कों पर कब्जा कर लेंगे।
जान गंवाने वाले किसानों को शहीद का दर्जा देने की मांग
गुरूवार तहसील परिसर में भाकियू तोमर द्वारा आयोजित सभा में तीन कृषि बिल के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में जान गंवा बैठे किसानों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने उन किसानों को शहीद का दर्जा दिए जाने व परिवार को 50-50 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने की मांग की।
बैठक में जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह तोमर ने किसानों से 23 जनवरी को दिल्ली चलने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। वक्ताओं ने तीनों कृषि बिल वापस लेने, गन्ने के दाम 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने, बिजली की बढ़ी दरें वापस लिए जाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने आदि की मांग की।