{"_id":"68a70f310ecdd3dc3c0c258c","slug":"bijnor-danger-looms-on-jammu-tawi-kolkata-railway-track-ganga-stream-hitting-50-bigha-mango-orchard-washed-2025-08-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bijnor: जम्मूतवी-कोलकाता रेल ट्रैक पर मंडराया खतरा, टक्कर मार रही गंगा की धारा, बह गया 50 बीघा आम का बाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor: जम्मूतवी-कोलकाता रेल ट्रैक पर मंडराया खतरा, टक्कर मार रही गंगा की धारा, बह गया 50 बीघा आम का बाग
Thu, 21 Aug 2025 05:53 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 21 Aug 2025 05:53 PM IST
सार
गंगा की धारा बालावाली रेलवे स्टेशन के नजदीक तक आ पहुंची है। रेल पुल के पास धारा का रुख बदल गया। वहीं रेलवे की टीम तैयार है। रेल ट्रैक और रेल पुल के गाइडबंध को बचाने के लिए पुराने स्लीपर डाले जा रहे हैं।
विज्ञापन
चंदक में रेलवे लाइन तक पहुंचा गंगा का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिजनौर के बालावाली में गंगा की धारा ने बहाव का रुख बदल लिया है। खेतों का कटान कर रही गंगा की धारा अब सीधे जम्मू तवी-कोलकाता रेल ट्रैक पर टक्कर मार रही है। ऐसे में रेल ट्रैक के साथ-साथ बालावाली रेल पुल का गाइडबंध भी खतरे में आ गया है। हालांकि रेलवे का अमला कटान को रोकने की जद्दोजहद में लगा है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को भी बालावाली रेलवे स्टेशन और रेल पुल के पास गंगा की धारा तेजी से कटान करती रही। ऐसे में रेलवे की ओर से पूरा अमला जेसीबी और अन्य तमाम संसाधन के साथ पुराने रेल पुल के पास मौजूद रहा। रेलवे की ओर से बालावाली में रेल पुल के गाइड बंध को कटान से बचाने के लिए पुराने स्लीपर डाले गए। पुराने स्लीपर के साथ-साथ रेलवे ने पत्थर का पूरा स्टॉक भी तैयार कर रखा है। साथ ही पत्थरों को गंगा की धारा में स्टड के रूप से डालने के लिए तार के जाल बनाने का काम भी होता रहा।
गंगा धारा के मुहाने पर करीब 50 बीघा जमीन में आम का बाग हुआ करता था। बृहस्पतिवार की दोपहर 2:00 बजे तक इस बाग में केवल 10 से 15 पेड़ ही बचे थे बाकी पूरी जमीन और सैकड़ों पेड़ गंगा की धारा के आगे टिक नहीं पाए और बहते हुए चले गए।
ये भी देखें...
Bijnor: गंगा बैराज पर जैक लगाकर उठाए स्लैब, जानें कितने दिन तक बंद रहेगा वाहनों का आवागमन
गंगा धारा के मुहाने पर करीब 50 बीघा जमीन में आम का बाग हुआ करता था। बृहस्पतिवार की दोपहर 2:00 बजे तक इस बाग में केवल 10 से 15 पेड़ ही बचे थे बाकी पूरी जमीन और सैकड़ों पेड़ गंगा की धारा के आगे टिक नहीं पाए और बहते हुए चले गए।
ये भी देखें...
Bijnor: गंगा बैराज पर जैक लगाकर उठाए स्लैब, जानें कितने दिन तक बंद रहेगा वाहनों का आवागमन