बिजनौर की खास जलेबी: लाजवाब स्वाद से नाम कमाया, गुप्ता जलेबी के नाम से मशहूर हो गया चौराहा
बिजनौर आएं और गुप्ता जी की जलेबी न खाई तो क्या खाया? 38 साल से लोगों की पसंद बनी ये जलेबी आज भी लोगों की पहली पसंद हैं। स्वाद ऐसा कि चौराहे का नाम भी गुप्ता जलेबी के नाम से मशहूर हो गया है।
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अगर कोई आपसे पूछे कि बिजनौर शहर में खाने की चीजों में सबसे ज्यादा क्या खास है। तो ध्यान में एक ही चीज का नाम आता है गुप्ता जलेबी। जी हां, पिछले 38 सालों से गुप्ता जलेबी बिजनौर के लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। जलेबी कर वजह से जानी का चौराहा गुप्ता की जलेबी के नाम से मशहूर हो गया।
बिजनौर जिला मुख्यालय पर जानी के चौराहे पर एक जलेबी की एक दुकान है। जिसे लोग गुप्ता जलेबी के नाम से जानते हैं। इस चौराहे को जानी का चौराहे के नाम से कम बल्कि गुप्ता की जलेबी के चौराहे के नाम से ज्यादा जानते हैं।
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दुकान के मालिक विपिन गुप्ता बताते हैं कि साल 1985 में उनके पिता खेमचंद गुप्ता ने जलेबी की दुकान की शुरूआत की थी। वह पहले चाय, पकौड़ी की दुकान करते थे। मगर धीरे-धीरे उन्होंने जलेबी बनानी शुरू की। अब वह केवल जलेबी ही बनाते हैं।
वह रोजाना करीब 30 किलो जलेबी बेचते हैं। ग्राहकों को आना-जाना लगा रहता है। गुप्ता जलेबी को लोगों की पसंद बनाने के लिए उनके पिता ने काफी मेहनत की है। जलेबी में किसी तरह का कोई मसाला नहीं लगाया जाता है।
विपिन गुप्ता ने आगे कहा कि जलेबी वह सिर्फ मैदा, चीनी, घी से बनाते हैं। इसके अलावा अन्य कोई मसाला नहीं लगाते हैं। हालांकि अपनी जलेबी को बेहतर बनाने के लिए वह जलेबी की सिकाई अधिक करते हैं।
पिछले आठ सालों से वह दुकान चला रहे हैं। उनके पिता खेमचंद की तबीयत कुछ खराब रहती है। जिसकी वजह से वह अपने पैतृक व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं। जलेबी को बेहतर बनाने का गुर भी उन्होंने अपने पिता से ही सिखा है।