Bijnor: विदुरकुटी के पास तीन करोड़ की लागत से बनेगा 30 मीटर लंबा पुल, तीन विभाग मिलकर कराएंगे निर्माण
बिजनौर जनपद में विदुरकुटी के पास तीन करोड़ की लागत से 30 मीटर लंबा पुल बनेगा।पर्यटन, जल निगम, सिंचाई और पर्यटन विभाग आपस में मिलकर परियोजना पर काम करेंगे।
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बिजनौर में विदुर कुटी पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए खाका तैयार कर लिया गया है। इसी क्रम में विदुर कुटी के पास गंगा की एक प्रवाहिका लाकर घाट बनाए जाने का प्रस्ताव है। इस घाट तक पहुंचने के लिए तीन करोड़ की लागत से पुल का निर्माण होगा, जिसका प्रस्ताव बनाकर लोक निर्माण विभाग ने सिंचाई विभाग को परियोजना में शामिल करने के लिए भेज दिया है।
कभी विदुरकुटी से सटकर गंगा की अविरल धारा बहती थी, अब गंगा विदुरकुटी से करीब 700 मीटर दूर पहुंच गई है। गंगा की धारा को फिर से विदुरकुटी के पास लेकर आना सीएम योगी प्राथमिकताओं में शामिल है। यही वजह है कि शासन भी इस मसले में गंभीरता दिखा रहा है। शासन के निर्देश पर ही सिंचाई विभाग अफजलगढ़ ने परियोजना तैयार की है।
परियोजना के अनुसार विदुरकुटी से करीब पचास मीटर दूरी पर गंगा नदी के बायीं ओर चैनल (प्रवाहिका) का निर्माण होना है, जोकि पूरी तरह से पक्की होगी। इसमें पचास-पचास मीटर के स्नान घाट बनाए जाएंगे। इस प्रवाहिका तक पहुंचने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से दो पैंटून पुल बनाने का सुझाव दिया गया था। मगर, लोक निर्माण विभाग ने इसे व्यवहारिक नहीं माना।
इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने तीस मीटर लंबे पक्के पुल का प्रस्ताव बनाकर सिंचाई विभाग को भेजा है, जिसे परियोजना में शामिल किया जा सके। इस पुल के निर्माण पर करीब तीन करोड़ की लागत आएगी। यह पुल विदुर कुटी मंदिर के पास से शुरू होकर गंगा की प्रवाहिका तक पहुंचेगा।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी परियोजना में शामिल
इस परियोजना में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी शामिल किया गया है, जिस पर करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत आएगी। ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का जिम्मा जल निगम को सौंपा गया है। इसका भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम और पर्यटन विभाग तालमेल बनाकर काम करेंगे।
विदुर कुटी के पास गंगा की धारा लाने वाली परियोजना में एक तीस मीटर लंबे पुल का निर्माण भी शामिल है। तीस मीटर लंबे इस पुल पर तीन करोड़ की लागत आएगी। इसका प्रस्ताव बनाकर सिंचाई विभाग को भेज दिया गया है। - एसके राव, अधिशासी अभियंता लोनिवि