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बीमा योजना के विराेध में धरना
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:45 PM IST
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फसल बीमा याेजना के विरोध में कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता आैर अन्य किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर। भाकियू के आह्वान पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मौजूदा स्वरूप के विरोध में किसानों ने जबरदस्त प्रदर्शन करके कलक्ट्रेट में धरना दिया। योजना में संशोधन के सुझावों के साथ सीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौंपा। किसान बैंकों द्वारा योजना में प्रीमियम काटने से खफा थे तथा काटी गई रकम वापस करने की मांग की गई।
गन्ना समिति परिसर में किसान इकट्ठा हुए। भाकियू पदाधिकारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर केंद्र पर जमकर बरसे। कहा कि किसानों को योजना का मौजूदा स्वरूप कतई मंजूर नही है। इसमें अनेक खामिंया हैं।
जिले में गन्ना मुख्य फसल है। प्राकृतिक आपदा से गन्ने को कोई नुकसान नहीं होता है। उन्होंने कहा कि डीएम बी चंद्रकला के समक्ष भी किसान योजना के बारे में अपना एतराज जता चुके हैं। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि किसानों से प्रीमीयम नहीं काटा जाएगा। इसके बावजूद बैंकों ने प्रीमियम काट लिया है। नाराज किसानों ने जमकर नारेबाजी की। किसान प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट में पहुंचे और डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे बाद एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा किसानों के बीच आए। डीएम बाहर हैं।
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इस पर किसानों ने एडीएम को यूनियन की ओर से ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने योजना को स्वैच्छिक बनाने, योजना में सभी तरह की आपदाओं को किसान को इकाई बनाने, मानवनिर्मित हानि तथा जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को शामिल करने का सुझाव दिया है।
जिला अध्यक्ष रामऔतार सिंह,धीर सिंह बालियान,धर्मवीर सिंह धनकड़, बाबूराम तोमर,बलराम सिंह, देवदत्त शर्मा,विजयपाल सिंह, दिगंबर सिंह समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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गन्ना समिति परिसर में किसान इकट्ठा हुए। भाकियू पदाधिकारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर केंद्र पर जमकर बरसे। कहा कि किसानों को योजना का मौजूदा स्वरूप कतई मंजूर नही है। इसमें अनेक खामिंया हैं।
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जिले में गन्ना मुख्य फसल है। प्राकृतिक आपदा से गन्ने को कोई नुकसान नहीं होता है। उन्होंने कहा कि डीएम बी चंद्रकला के समक्ष भी किसान योजना के बारे में अपना एतराज जता चुके हैं। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि किसानों से प्रीमीयम नहीं काटा जाएगा। इसके बावजूद बैंकों ने प्रीमियम काट लिया है। नाराज किसानों ने जमकर नारेबाजी की। किसान प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट में पहुंचे और डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे बाद एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा किसानों के बीच आए। डीएम बाहर हैं।
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इस पर किसानों ने एडीएम को यूनियन की ओर से ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने योजना को स्वैच्छिक बनाने, योजना में सभी तरह की आपदाओं को किसान को इकाई बनाने, मानवनिर्मित हानि तथा जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को शामिल करने का सुझाव दिया है।
जिला अध्यक्ष रामऔतार सिंह,धीर सिंह बालियान,धर्मवीर सिंह धनकड़, बाबूराम तोमर,बलराम सिंह, देवदत्त शर्मा,विजयपाल सिंह, दिगंबर सिंह समेत अन्य किसान मौजूद रहे।