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सुंदरीकरण पर ग्रहण
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 25 Dec 2016 11:46 PM IST
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बिजनौर के इंदिरा पार्क में भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में शहर के इंदिरा पार्क के सुंदरीकरण के प्रयास तो शुरू किए गए। मगर अब तक यह मुहिम मुकाम हासिल नहीं कर पाई। इस पार्क में कई प्रजाति के पेड़ हैं। घूमने के लिए ट्रैक है। यहीं एक स्थान पर लगभग बीस साल से योग की क्लास चलती है। पार्क के निचले भाग में बच्चा पार्क में बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले, सी-सा और खेल के अनेक साधन हैं। बोटिंग कैनाल है तो स्केटिंग रिंग भी बना है। इसके बावजूद इसे विकसित करने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पूर्व एडीएम प्रशासन एसबी तिवारी ने पालिका के सहयोग से निचले भाग में लाइटें लगवाईं । घूमने के लिए नीचे के सीमेंट का ट्रैक बनवाया। लेकिन बीच-बीच में आई बरसात में इसकी हालत खराब हो गई। एडीएम प्रशासन राम मूर्ति मिश्र ने रूचि ली। उन्होंने आवास विकास से ऊपर का ट्रैक बनवाने की योजना बनाई। तत्कालीन डीएम वीके विश्वास ने इसमें सुधार किए। तत्कालीन मंडलायुक्त सुभाष शर्मा ने ऊपर के ट्रैक के निर्माण के साथ, पीने के पानी, शौचालय और 24 सौर ऊर्जा लाइट को इसमें शामिल कर दिया । योजना 80 लाख से बढ़कर ड़ेढ करोड़ पर पहुंच गई।
इसके बाद आईं जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने इसके लिए प्रयास किया। जनपद के उद्योगपतियों का सहयोग लेकर नीचे के भाग में फूलों के पौधे लगवाने प्रारंभ किए। पालिका से कहकर लाइट ठीक कराईं गई। पार्क के बाहर के भाग में सीमेंट की टाइल्स बिछवाई गई। एक साल पूर्व दो करोड़ की लागत से बना नाला टूट गया।
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इससे पार्क के निचले भाग में हुआ सौंदर्यीकरण तहस नहस हो गया। यह पार्क मत्स्य पालन विभाग के अधीन है। पार्क की हालत में सुधार के लिए अब नगरवासियों ने मौजूदा डीएम जगतराज त्रिपाठी से इस पार्क के सुंदरीकरण की मांग की है ताकि लोग विकसित पार्क और इसकी सुविधाओं का आनंद उठा सकें।
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पूर्व एडीएम प्रशासन एसबी तिवारी ने पालिका के सहयोग से निचले भाग में लाइटें लगवाईं । घूमने के लिए नीचे के सीमेंट का ट्रैक बनवाया। लेकिन बीच-बीच में आई बरसात में इसकी हालत खराब हो गई। एडीएम प्रशासन राम मूर्ति मिश्र ने रूचि ली। उन्होंने आवास विकास से ऊपर का ट्रैक बनवाने की योजना बनाई। तत्कालीन डीएम वीके विश्वास ने इसमें सुधार किए। तत्कालीन मंडलायुक्त सुभाष शर्मा ने ऊपर के ट्रैक के निर्माण के साथ, पीने के पानी, शौचालय और 24 सौर ऊर्जा लाइट को इसमें शामिल कर दिया । योजना 80 लाख से बढ़कर ड़ेढ करोड़ पर पहुंच गई।
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इसके बाद आईं जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने इसके लिए प्रयास किया। जनपद के उद्योगपतियों का सहयोग लेकर नीचे के भाग में फूलों के पौधे लगवाने प्रारंभ किए। पालिका से कहकर लाइट ठीक कराईं गई। पार्क के बाहर के भाग में सीमेंट की टाइल्स बिछवाई गई। एक साल पूर्व दो करोड़ की लागत से बना नाला टूट गया।
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इससे पार्क के निचले भाग में हुआ सौंदर्यीकरण तहस नहस हो गया। यह पार्क मत्स्य पालन विभाग के अधीन है। पार्क की हालत में सुधार के लिए अब नगरवासियों ने मौजूदा डीएम जगतराज त्रिपाठी से इस पार्क के सुंदरीकरण की मांग की है ताकि लोग विकसित पार्क और इसकी सुविधाओं का आनंद उठा सकें।