{"_id":"61101a6c8ebc3e7a807a8049","slug":"bdo-shrugged-off-the-complaint-of-corruption-bijnor-news-mrt5510492153","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार की शिकायत पर बीडीओ ने झाड़ा पल्ला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार की शिकायत पर बीडीओ ने झाड़ा पल्ला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रष्टाचार की शिकायत पर बीडीओ ने झाड़ा पल्ला
बिजनौर। लॉकडाउन के दौरान प्रशासकों के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में टाइल्स कार्य में बरती गई अनियमितताओं की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी ने पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि विकास खंडों में मौजूद सभी ग्राम पंचायतों की जांच पड़ताल कराना संभव नहीं है।
नजीबाबाद के आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने पूर्व में मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत में बताया था कि जनपद बिजनौर के ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की कई ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल में जो धनराशि खर्च की गई है, उनमें अनियमितताएं बरती गईं। लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने के बावजूद लाखों रुपये के टाइल्स कार्य प्राइमरी एवं जूनियर स्कूलों में कराए गए, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश थे कि कोरोना काल के दौरान सरकारी धन का दुरुपयोग बिल्कुल भी न हो। इसके बावजूद शौचालय तथा स्कूलों के कमरों, किचन आदि में बिना जरूरत के टाइल्स कार्य दिखाकर लाखों रुपये की धनराशि निकाली गई। ये बात भी सामने आई कि कई ग्राम पंचायत जीएसटी और आयकर विभाग में पंजीकृत नहीं है। अगर गहनता से जांच की जाए तो लाखों रुपये का घोटाला उजागर हो सकता है।
आरोप है कि इस बारे में कई बार टालमटोल की नीति अपनाई गई। जब शिकायतकर्ता से मुख्यमंत्री कार्यालय ने फीड बैक के संबंध में पता किया तो वहां से बताया कि उनकी गई जांच से संतुष्ट हैं अथवा नहीं तो शिकायतकर्ता के ना कहने पर पुन: इसकी आख्या खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल से मांगी गई, जिस पर खंड विकास अधिकारी ने अपनी आख्या रिपोर्ट में कहा कि किसी एक विशेष ग्राम पंचायत की अगर कोई शिकायत हो तो वह जांच कर सकते हैं। मगर समस्त ग्राम पंचायतों की जांच करना उनके द्वारा संभव नहीं है। उधर, आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा का कहना है कि वह खंड विकास अधिकारी की आख्या रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है और वे इस संबंध में शासन एवं उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे।
विज्ञापन
शासन ने डीएम और डीएम ने बीएसए को सौंपी थी जांच
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के कई सरकारी स्कूलों के शौचालय और रसोई घर आदि में प्रशासकों द्वारा टाइल्स लगाने की शिकायत की जांच शासन ने जिलाधिकारी को सौंपी थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस पूरे प्रकरण की बारीकि से जांच करने के निर्देश दिए थे। बीएसए इसकी जांच कर कर रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ने इस बारे में पूर्व में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी अवगत कराया गया था, जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी जांच जिलाधिकारी बिजनौर को दी गई थी कि बिजनौर के ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के सरकारी स्कूलों में प्रशासकों के कार्यकाल में हुए टाइल्स कार्यों की जांच कराई जाए, जिस पर जांच के आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी बिजनौर को दिए थे।
विज्ञापन
बिजनौर। लॉकडाउन के दौरान प्रशासकों के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में टाइल्स कार्य में बरती गई अनियमितताओं की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी ने पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि विकास खंडों में मौजूद सभी ग्राम पंचायतों की जांच पड़ताल कराना संभव नहीं है।
नजीबाबाद के आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने पूर्व में मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत में बताया था कि जनपद बिजनौर के ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की कई ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल में जो धनराशि खर्च की गई है, उनमें अनियमितताएं बरती गईं। लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने के बावजूद लाखों रुपये के टाइल्स कार्य प्राइमरी एवं जूनियर स्कूलों में कराए गए, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश थे कि कोरोना काल के दौरान सरकारी धन का दुरुपयोग बिल्कुल भी न हो। इसके बावजूद शौचालय तथा स्कूलों के कमरों, किचन आदि में बिना जरूरत के टाइल्स कार्य दिखाकर लाखों रुपये की धनराशि निकाली गई। ये बात भी सामने आई कि कई ग्राम पंचायत जीएसटी और आयकर विभाग में पंजीकृत नहीं है। अगर गहनता से जांच की जाए तो लाखों रुपये का घोटाला उजागर हो सकता है।
विज्ञापन
आरोप है कि इस बारे में कई बार टालमटोल की नीति अपनाई गई। जब शिकायतकर्ता से मुख्यमंत्री कार्यालय ने फीड बैक के संबंध में पता किया तो वहां से बताया कि उनकी गई जांच से संतुष्ट हैं अथवा नहीं तो शिकायतकर्ता के ना कहने पर पुन: इसकी आख्या खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल से मांगी गई, जिस पर खंड विकास अधिकारी ने अपनी आख्या रिपोर्ट में कहा कि किसी एक विशेष ग्राम पंचायत की अगर कोई शिकायत हो तो वह जांच कर सकते हैं। मगर समस्त ग्राम पंचायतों की जांच करना उनके द्वारा संभव नहीं है। उधर, आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा का कहना है कि वह खंड विकास अधिकारी की आख्या रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है और वे इस संबंध में शासन एवं उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे।
विज्ञापन
शासन ने डीएम और डीएम ने बीएसए को सौंपी थी जांच
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के कई सरकारी स्कूलों के शौचालय और रसोई घर आदि में प्रशासकों द्वारा टाइल्स लगाने की शिकायत की जांच शासन ने जिलाधिकारी को सौंपी थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस पूरे प्रकरण की बारीकि से जांच करने के निर्देश दिए थे। बीएसए इसकी जांच कर कर रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ने इस बारे में पूर्व में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी अवगत कराया गया था, जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी जांच जिलाधिकारी बिजनौर को दी गई थी कि बिजनौर के ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के सरकारी स्कूलों में प्रशासकों के कार्यकाल में हुए टाइल्स कार्यों की जांच कराई जाए, जिस पर जांच के आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी बिजनौर को दिए थे।