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Bijnor News: बिजनौर - मार्च में जमकर बरसे बदरा, टूटा 27 साल का रिकॉर्ड
Fri, 31 Mar 2023 11:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 31 Mar 2023 11:52 PM IST
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- इस साल मार्च के महीने में हो चुकी है 91 मिलीमीटर बारिश
- रात में आंधी-बारिश के बाद शुक्रवार को भी होती रही बूंदाबांदी
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। रात में आंधी बारिश के बाद शुक्रवार को दिनभर मौसम बरसाती बना रहा। सवेरे के वक्त जमकर बादल बरसे और दिनभर बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। बरसात की वजह से दिन के तापमान में भी दस डिग्री की गिरावट हुई है। सिर्फ इतना ही नहीं इस बार मार्च के महीने में बादल खूब मेहरबान हुए। यही वजह रही कि 27 सालों के बाद मार्च के महीने में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।
शुक्रवार को तड़के से ही मोटी बूंदों के साथ बारिश होने लगी। करीब 11 बजे तक बादल बरसते रहे। इसके बाद तेज बारिश तो थम गई, लेकिन रुक-रुककर बूंदाबांदी का सिलसिला कई बार चला। शाम ढलने तक भी बादल छाए रहे। हालांकि करीब 12 बजे कुछ देर के लिए धूप निकली थी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री बना हुआ था। बरसात होने की वजह से ही दिन के तापमान ने दस डिग्री का गोता खाया है। हालांकि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री दर्ज हुआ जबकि बृहस्पतिवार को न्यूनतम पारा 13.2 डिग्री था।
फसलों के लिए आफत बनी बरसात
बेमौसम बरसात ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में पकने के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल बरसात और आंधी से गिर गई। जिससे गेहूं के उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। जिसके चलते पैदावार घट जाने की चिंता से ही किसान परेशान हैं। साथ ही गन्ने की बुवाई के लिए तैयार किए गए खेतों में पानी भर गया, अब गन्ने की बुवाई देरी से होगी। गन्ने की छिलाई और पेराई पर भी बारिश ने असर डाला है।
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मार्च में कब कितनी बारिश
साल बारिश मिमी में
1996 7.4
1997 7.2
1998 37.8
1999 8.2
2000 71.6
2001 9.8
2002 0
2003 0
2004 0
2005 67
2006 14.2
2007 3.5
2008 1.2
2009 8.6
2010 0
2011 12.2
2012 20.2
2013 17.6
2014 15.0
2015 29
2016 27
2017 3
2018 0
2019 1
2020 73.8
2021 0
2022 0
2023 91.6
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- रात में आंधी-बारिश के बाद शुक्रवार को भी होती रही बूंदाबांदी
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। रात में आंधी बारिश के बाद शुक्रवार को दिनभर मौसम बरसाती बना रहा। सवेरे के वक्त जमकर बादल बरसे और दिनभर बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। बरसात की वजह से दिन के तापमान में भी दस डिग्री की गिरावट हुई है। सिर्फ इतना ही नहीं इस बार मार्च के महीने में बादल खूब मेहरबान हुए। यही वजह रही कि 27 सालों के बाद मार्च के महीने में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।
शुक्रवार को तड़के से ही मोटी बूंदों के साथ बारिश होने लगी। करीब 11 बजे तक बादल बरसते रहे। इसके बाद तेज बारिश तो थम गई, लेकिन रुक-रुककर बूंदाबांदी का सिलसिला कई बार चला। शाम ढलने तक भी बादल छाए रहे। हालांकि करीब 12 बजे कुछ देर के लिए धूप निकली थी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री बना हुआ था। बरसात होने की वजह से ही दिन के तापमान ने दस डिग्री का गोता खाया है। हालांकि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री दर्ज हुआ जबकि बृहस्पतिवार को न्यूनतम पारा 13.2 डिग्री था।
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फसलों के लिए आफत बनी बरसात
बेमौसम बरसात ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में पकने के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल बरसात और आंधी से गिर गई। जिससे गेहूं के उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। जिसके चलते पैदावार घट जाने की चिंता से ही किसान परेशान हैं। साथ ही गन्ने की बुवाई के लिए तैयार किए गए खेतों में पानी भर गया, अब गन्ने की बुवाई देरी से होगी। गन्ने की छिलाई और पेराई पर भी बारिश ने असर डाला है।
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मार्च में कब कितनी बारिश
साल बारिश मिमी में
1996 7.4
1997 7.2
1998 37.8
1999 8.2
2000 71.6
2001 9.8
2002 0
2003 0
2004 0
2005 67
2006 14.2
2007 3.5
2008 1.2
2009 8.6
2010 0
2011 12.2
2012 20.2
2013 17.6
2014 15.0
2015 29
2016 27
2017 3
2018 0
2019 1
2020 73.8
2021 0
2022 0
2023 91.6