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विकास में पिछड़ा, मतदान में आगे रहा रामपुर चाठा
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विकास में पिछड़ा, मतदान में आगे रहा रामपुर चाठा
बिजनौर। कहां तो तय था चरागां हर एक घर के लिए, कहां चराग मयस्सर नहीं शहर के लिए...दुष्यंत कुमार की ये लाइनें रामपुर चाठा गांव पर सटीक बैठती हैं। इस गांव में आज तक न सड़क पहुंची है न बिजली। आजादी से अब तक विकास में पिछड़ा यह गांव मतदान में आगे रहा। शायद विकास की आस में लोगों ने 84.34 फीसदी मतदान कर दिया।
नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के बूथों की शुरुआत रामपुर चाठा गांव से ही होती है। बूथ नंबर एक रामपुर चाठा का ही है। गांव में 300 पुरुष और 294 महिला मतदाता हैं। अब विधानसभा के लिए मतदान हुआ तो गांव वालों ने लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लेने के लिए बाकी सभी कामकाज छोड़ दिए और बूथ पर जाकर लाइन लगा ली। नतीजा ये हुआ कि 253 पुरुष और 248 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शाम चार बजे से पहले ग्रामीण 84.34 फीसदी मतदान कर चुके थे। ग्राम प्रधान सोमदत्त ने बताया कि मतदान प्रतिशत ज्यादा होता देख अधिकारियों ने आगे मतदान कराने से इनकार कर दिया था। प्रधान बताते हैं कि अधिकारी कहने लगे थे कि ज्यादा मतदान से पोलिंग निरस्त भी हो सकता है।
दूसरे गांव और शहरों को दिखाया आइना
रामपुर चाठा के ग्रामीणों ने ज्यादा मतदान कर दूसरे गांव और शहरों को भी आइना दिखाने का काम किया है। इस गांव ने बिना किसी विकास के ही लोकतंत्र के पर्व में उत्साह के साथ भाग लिया और वोट किए। बता दें कि शहर के तमाम बूथों पर मतदान का आंकड़ा पचास फीसदी भी नहीं पहुंच सका है। ग्राम प्रधान सोमदत्त बताते हैं कि उनके गांव वालों ने जिस उम्मीदवार को वोट दिया है अगर वो जीत गए तो गांव में सड़क बन जाएगी। बिजली की लाइन भी पहुंचाने का उनके विधायक प्रयास करेंगे। इसलिए ज्यादा से ज्यादा मतदान किया गया।
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बिजनौर। कहां तो तय था चरागां हर एक घर के लिए, कहां चराग मयस्सर नहीं शहर के लिए...दुष्यंत कुमार की ये लाइनें रामपुर चाठा गांव पर सटीक बैठती हैं। इस गांव में आज तक न सड़क पहुंची है न बिजली। आजादी से अब तक विकास में पिछड़ा यह गांव मतदान में आगे रहा। शायद विकास की आस में लोगों ने 84.34 फीसदी मतदान कर दिया।
नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के बूथों की शुरुआत रामपुर चाठा गांव से ही होती है। बूथ नंबर एक रामपुर चाठा का ही है। गांव में 300 पुरुष और 294 महिला मतदाता हैं। अब विधानसभा के लिए मतदान हुआ तो गांव वालों ने लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लेने के लिए बाकी सभी कामकाज छोड़ दिए और बूथ पर जाकर लाइन लगा ली। नतीजा ये हुआ कि 253 पुरुष और 248 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शाम चार बजे से पहले ग्रामीण 84.34 फीसदी मतदान कर चुके थे। ग्राम प्रधान सोमदत्त ने बताया कि मतदान प्रतिशत ज्यादा होता देख अधिकारियों ने आगे मतदान कराने से इनकार कर दिया था। प्रधान बताते हैं कि अधिकारी कहने लगे थे कि ज्यादा मतदान से पोलिंग निरस्त भी हो सकता है।
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दूसरे गांव और शहरों को दिखाया आइना
रामपुर चाठा के ग्रामीणों ने ज्यादा मतदान कर दूसरे गांव और शहरों को भी आइना दिखाने का काम किया है। इस गांव ने बिना किसी विकास के ही लोकतंत्र के पर्व में उत्साह के साथ भाग लिया और वोट किए। बता दें कि शहर के तमाम बूथों पर मतदान का आंकड़ा पचास फीसदी भी नहीं पहुंच सका है। ग्राम प्रधान सोमदत्त बताते हैं कि उनके गांव वालों ने जिस उम्मीदवार को वोट दिया है अगर वो जीत गए तो गांव में सड़क बन जाएगी। बिजली की लाइन भी पहुंचाने का उनके विधायक प्रयास करेंगे। इसलिए ज्यादा से ज्यादा मतदान किया गया।
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