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बच्चों के खाने के बर्तनों में मुंह मार रहे कुत्ते
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:57 PM IST
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ग्राम शरीफपुरमान के प्राथमिक विद्यालय में भोजन खाते बच्चे और वही पास में बर्तनों में मुंह डालता कुत्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के गांव शरीफपुर के उच्च प्राथमिक और प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मिल योजना को पलीता लग रहा है। जिन बर्तनों में बच्चों का खाना तैयार किया जा रहा है। उन्हें कुत्ते झूठा कर रहे हैं। शिक्षकों और रसोइया की लापरवाही के कारण लगातार ऐसा होता आ रहा है।
ब्लॉक हल्दौर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नौनिहालों को भोजन वितरण में ऐसी लापरवाही मिल रही है। गांव के शरीफपुर मान के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तो हद हो गई। स्कूल में एक ओर बच्चों को भोजन परोसा गया है तो दूरी ओर बच्चों के लिए जिस भगोने में भोजन पकाया गया है, उसी में कुत्ते को भोजन करने के लिए छोड़ दिया गया। स्कूल के बच्चे भी यह घटना देख कर दंग रह गए। बच्चों का कहना है कि आए दिन स्कूल में ऐसा ही होता है। आवारा कुत्ते भोजन वितरण के समय स्कूल में आ जाते हैं। इतना ही नहीं स्कूल में बना शौचालय भी जर्जर हालत में है। स्कूल के बच्चे खुले में ही टॉयलेट करने को मजबूर हैं।
प्राथमिक विद्यालय में 62 छात्र छात्रएं पंजीकृत हैं जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय में 42 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक घनश्याम दत्त शर्मा और उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीशचंद शर्मा ने बताया कि सभी बच्चों के खाना खाने के बाद रसोईयों ने भोजन परोसने वाला छोटा भिगोना धोने के लिए रख दिया था। उसी में कुत्ते ने मुंह डाला। उन्होंने दावा किया कि रसोईघर में खाना बनाते समय साफ सफाई का ध्यान रखा जाता है।
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ब्लॉक हल्दौर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नौनिहालों को भोजन वितरण में ऐसी लापरवाही मिल रही है। गांव के शरीफपुर मान के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तो हद हो गई। स्कूल में एक ओर बच्चों को भोजन परोसा गया है तो दूरी ओर बच्चों के लिए जिस भगोने में भोजन पकाया गया है, उसी में कुत्ते को भोजन करने के लिए छोड़ दिया गया। स्कूल के बच्चे भी यह घटना देख कर दंग रह गए। बच्चों का कहना है कि आए दिन स्कूल में ऐसा ही होता है। आवारा कुत्ते भोजन वितरण के समय स्कूल में आ जाते हैं। इतना ही नहीं स्कूल में बना शौचालय भी जर्जर हालत में है। स्कूल के बच्चे खुले में ही टॉयलेट करने को मजबूर हैं।
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प्राथमिक विद्यालय में 62 छात्र छात्रएं पंजीकृत हैं जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय में 42 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक घनश्याम दत्त शर्मा और उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीशचंद शर्मा ने बताया कि सभी बच्चों के खाना खाने के बाद रसोईयों ने भोजन परोसने वाला छोटा भिगोना धोने के लिए रख दिया था। उसी में कुत्ते ने मुंह डाला। उन्होंने दावा किया कि रसोईघर में खाना बनाते समय साफ सफाई का ध्यान रखा जाता है।
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