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यूपी बोर्ड के मूल्यांकन केंद्रों पर जंची उत्तर पुस्तिकाओं का अंकेक्षण शुरू
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बिजनौर। यूपी बोर्ड की जंची उत्तर पुस्तिकाओं का अंकेक्षण शुरू हो गयाहै। परिषद के नियमानुसार अधिक गलती मिलने पर परीक्षक के खिलाफ पारिश्रमिक कटौती के साथ मूल्यांकन से डिबार होने की कार्रवाई हो जाती है।
हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की कापी जांचने का काम छह दिन से चल रहा है। इस दौरान करीब ढाई लाख कापी जांची गई हैं। बोर्ड के जांची गई कापी का अंकेक्षण कराने के निर्देश हैं। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि अंकेक्षण शुरू है। अंकेक्षण विषयवार बैच बनाकर किया जा रहा है। अंकेक्षण में यह देखा जाता है कि मूल्यांकन बोर्ड के तय नियमों के अनुसार हुआ है या नहीं। मूल्यांकन शुरू होने से पहले उपप्रधान परीक्षक अपने विषय की माडल कापी जांचकर परीक्षकों को देता है। परीक्षक द्वारा जांची कापी में 15 प्रतिशत का अंकेक्षण जरूरी होता है।
बीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर नियुक्त स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा जीआईसी के प्रधानाचार्य निशांत कुमार यादव ने बताया कि अंकेक्षण में गलती मिलने पर परीक्षक का पारिश्रमिक कटता है। परीक्षक को अधिक गलती मिलने पर सभी बोर्ड कार्यों से डिबार कर दिया जाता है। बताया गया कि 24 मई तक जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 74304 ,बीआईसी पर 61329 ,जीआईसी पर 66438, तथा आरजेपी मूल्यांकन केंद्र पर 66857 कापी जंच गई हैं। इनमें से 40000 से अधिक कापी का अंकेक्षण हुआ है।
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हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की कापी जांचने का काम छह दिन से चल रहा है। इस दौरान करीब ढाई लाख कापी जांची गई हैं। बोर्ड के जांची गई कापी का अंकेक्षण कराने के निर्देश हैं। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि अंकेक्षण शुरू है। अंकेक्षण विषयवार बैच बनाकर किया जा रहा है। अंकेक्षण में यह देखा जाता है कि मूल्यांकन बोर्ड के तय नियमों के अनुसार हुआ है या नहीं। मूल्यांकन शुरू होने से पहले उपप्रधान परीक्षक अपने विषय की माडल कापी जांचकर परीक्षकों को देता है। परीक्षक द्वारा जांची कापी में 15 प्रतिशत का अंकेक्षण जरूरी होता है।
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बीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर नियुक्त स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा जीआईसी के प्रधानाचार्य निशांत कुमार यादव ने बताया कि अंकेक्षण में गलती मिलने पर परीक्षक का पारिश्रमिक कटता है। परीक्षक को अधिक गलती मिलने पर सभी बोर्ड कार्यों से डिबार कर दिया जाता है। बताया गया कि 24 मई तक जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 74304 ,बीआईसी पर 61329 ,जीआईसी पर 66438, तथा आरजेपी मूल्यांकन केंद्र पर 66857 कापी जंच गई हैं। इनमें से 40000 से अधिक कापी का अंकेक्षण हुआ है।
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