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सीसीएस यूनिवर्सिटी में अटका सत्यापन

Thu, 04 Mar 2021 12:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 12:05 AM IST
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Attested verification at CCS University
बिजनौर। जिले के प्राइमरी स्कूलों में तैनात नवनियुक्त शिक्षकों को चार महीने बाद भी वेतन नहीं मिल पा रहा है, इसकी वजह है कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीएड व स्नातक करने वाले शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का अभी तक सत्यापन नहीं हुआ है।
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जिले में 400 से अधिक शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ से बीएड व स्नातक किया है। इन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन विश्वविद्यालय से नहीं हो पा रहा है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि संगठन ने कई बार बीएसए से शिक्षकों की सैलरी का भुगतान कराने की मांग की है। जब तक शैक्षिक प्रमाण पत्रों का कार्य पूरा नहीं हो पाता तब तक सैलरी का भुगतान नहीं हो सकेगा। जबकि एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से अधिकांश शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन होकर बेसिक शिक्षा विभाग को प्राप्त हो गया है । जिन शिक्षकों का सत्यापन आ गया है उनकी सैलरी का भुगतान भी बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कर दिया गया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रवक्ता अंगजीत सिंह संगठन मंत्री ताजवीर सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष राहुल राठी, ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने बताया कि यदि एक सप्ताह के भीतर सभी शिक्षकों का सत्यापन कार्य पूरा नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।
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नहीं आ रहे सत्यापन : बीएसए
बीएसए महेश चंद ने बताया कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से शिक्षकों के सत्यापन होकर नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार रिमाइंडर विश्वविद्यालय को भेजा जा चुका है। शिक्षकों के सत्यापन नहीं आने के कारण सैलरी का भुगतान रुका हुआ है।
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