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बूढ़े बाबा को प्रसाद चढ़ाकर मांगी निरोगी काया
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बूढ़े बाबा को प्रसाद चढ़ाकर मांगी निरोगी काया
बिजनौर। जिलेभर में बूढ़े बाबा के मंदिरों और थलों पर हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाया। बूढ़े बाबा को भगवान ब्रह्मा का प्रतीक माना गया है। उनकी स्मृति में भाद्र पक्ष की दोयज में प्रसाद चढ़ाया गया। प्रसाद चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने निरोगी शरीर की कामना की।
सोमवार को बिजनौर में रोडवेज बस स्टैंड के पास बूढ़े बाबा के मंदिर में श्रद्धालुओं की सुबह से काफी भीड़ थी। श्रद्धालुओं ने बूढ़े बाबा की प्रतिमा पर प्रसाद चढ़ाकर परिवार की खुशहाली की कामना की। हर साल भादों महीने में दोयज को बढ़े बाबा पर प्रसाद चढ़ाया जाता है। जिलेभर में बूढे़ बाबा के मंदिरों और थलो पर मेले का आयोजन भी हुआ। मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं को सैलाब उमड़ा। छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक ने बूढ़े बाबा के मंदिर में प्रसाद चढ़ाया। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने रोडवेज पर भारी वाहनों का रूट डायवर्जन कर दिया। पंडित ललित शर्मा ने बताया कि बूढ़े बाबा भगवान ब्रह्मा का प्रतीक माने जाते हैं। साथ ही मान्यता है कि चर्म रोगों से निजात पाने के लिए बूढ़े बाबा को प्रसाद चढ़ाया जाता है।
वहीं पंडित अरविंद शर्मा बताते हैं कि भाद्र शुल्क द्वितीया भगवान ब्रह्मा की स्मृति में मनाई जाती है। इस दिन भगवान ब्रह्मा की पूजा की जाती है। इसलिए बूढ़े बाबा के मंदिरों में इस दिन प्रसाद चढ़ाया जाता है।
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बिजनौर। जिलेभर में बूढ़े बाबा के मंदिरों और थलों पर हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाया। बूढ़े बाबा को भगवान ब्रह्मा का प्रतीक माना गया है। उनकी स्मृति में भाद्र पक्ष की दोयज में प्रसाद चढ़ाया गया। प्रसाद चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने निरोगी शरीर की कामना की।
सोमवार को बिजनौर में रोडवेज बस स्टैंड के पास बूढ़े बाबा के मंदिर में श्रद्धालुओं की सुबह से काफी भीड़ थी। श्रद्धालुओं ने बूढ़े बाबा की प्रतिमा पर प्रसाद चढ़ाकर परिवार की खुशहाली की कामना की। हर साल भादों महीने में दोयज को बढ़े बाबा पर प्रसाद चढ़ाया जाता है। जिलेभर में बूढे़ बाबा के मंदिरों और थलो पर मेले का आयोजन भी हुआ। मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं को सैलाब उमड़ा। छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक ने बूढ़े बाबा के मंदिर में प्रसाद चढ़ाया। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने रोडवेज पर भारी वाहनों का रूट डायवर्जन कर दिया। पंडित ललित शर्मा ने बताया कि बूढ़े बाबा भगवान ब्रह्मा का प्रतीक माने जाते हैं। साथ ही मान्यता है कि चर्म रोगों से निजात पाने के लिए बूढ़े बाबा को प्रसाद चढ़ाया जाता है।
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वहीं पंडित अरविंद शर्मा बताते हैं कि भाद्र शुल्क द्वितीया भगवान ब्रह्मा की स्मृति में मनाई जाती है। इस दिन भगवान ब्रह्मा की पूजा की जाती है। इसलिए बूढ़े बाबा के मंदिरों में इस दिन प्रसाद चढ़ाया जाता है।
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