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तालाबों के अस्तित्व बचाने को पंचायती राज मंत्री से लगाई गुहार
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तालाबों के अस्तित्व बचाने को मंत्री से लगाई गुहार
बिजनौर। किसान यूनियन (युवा) ने सवेरा योजना के अंतर्गत तालाबों का सुंदरीकरण कराकर उनमें वर्षा जल संचयन की मांग की है।
जिलाध्यक्ष विकुल मलिक ने प्रदेश के पंचायती राज मंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में बताया कि जनपद बिजनौर के समस्त बड़े तालाबों का सवेरा योजना के तहत सुंदरीकरण कराने एवं उसके चारों ओर फलदार एवं छायादार पौधे लगवाए जाने चाहिए। जनपद बिजनौर में लगभग डेढ़ हजार ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में वर्षों पुराने तालाब देखरेख एवं अवैध कब्जों के कारण अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं और कुछ अपना अस्तित्व खो भी चुके हैं। इन्हीं पुराने तालाबों में वर्षा जल संचयन से भूगर्भ जल स्तर सामान्य बना रहता था, लेकिन ग्राम सभाओं की अनदेखी के चलते तालाबों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार की सवेरा योजना के तहत सुंदरीकरण होना ही एकमात्र उपाय है। जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए इन तालाबों को पार्क के रूप में विकसित कराने की भी आवश्यकता है। इन बड़े तालाबों के सुंदरीकरण और पार्क में विकसित कराने के साथ ही इन तालाबों के किनारे फलदार एवं छायादार पेड़ पौधे भी मनरेगा योजना के अंतर्गत लगवाये जाएं। साथ ही इन पार्कों में ग्राम सभा द्वारा बैठने की व्यवस्था के लिए बेंच लगवाई जाए, जिससे ग्राम सभाओं में बड़े तालाबों का अस्तित्व बचा रहे और मनरेगा से इन तालाबों कायाकल्प किया जा सके।
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बिजनौर। किसान यूनियन (युवा) ने सवेरा योजना के अंतर्गत तालाबों का सुंदरीकरण कराकर उनमें वर्षा जल संचयन की मांग की है।
जिलाध्यक्ष विकुल मलिक ने प्रदेश के पंचायती राज मंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में बताया कि जनपद बिजनौर के समस्त बड़े तालाबों का सवेरा योजना के तहत सुंदरीकरण कराने एवं उसके चारों ओर फलदार एवं छायादार पौधे लगवाए जाने चाहिए। जनपद बिजनौर में लगभग डेढ़ हजार ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में वर्षों पुराने तालाब देखरेख एवं अवैध कब्जों के कारण अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं और कुछ अपना अस्तित्व खो भी चुके हैं। इन्हीं पुराने तालाबों में वर्षा जल संचयन से भूगर्भ जल स्तर सामान्य बना रहता था, लेकिन ग्राम सभाओं की अनदेखी के चलते तालाबों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार की सवेरा योजना के तहत सुंदरीकरण होना ही एकमात्र उपाय है। जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए इन तालाबों को पार्क के रूप में विकसित कराने की भी आवश्यकता है। इन बड़े तालाबों के सुंदरीकरण और पार्क में विकसित कराने के साथ ही इन तालाबों के किनारे फलदार एवं छायादार पेड़ पौधे भी मनरेगा योजना के अंतर्गत लगवाये जाएं। साथ ही इन पार्कों में ग्राम सभा द्वारा बैठने की व्यवस्था के लिए बेंच लगवाई जाए, जिससे ग्राम सभाओं में बड़े तालाबों का अस्तित्व बचा रहे और मनरेगा से इन तालाबों कायाकल्प किया जा सके।