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पांच तालाब बनेंगे अमृत सरोवर, नक्शे हुए तैयार
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चांदपुर के बाबा झारखंड मंदिर के तालाब का डिजाइन।
- फोटो : BIJNOR
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पांच तालाब बनेंगे अमृत सरोवर, नक्शे हुए तैयार
बिजनौर। पौराणिक और एतिहासिक महत्व वाले पांच तालाबों को अमृत सरोवर में तब्दील करने की कवायद तेज हो गई है। फिलहाल इनके नक्शे और इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। वहीं, सरोवर में स्वच्छ पानी भरने और निकासी के लिए आधुनिक मशीन से सर्वे किया गया है।
जिला पंचायत की ओर से जिले में पांच तालाब अमृत सरोवर बनाने के लिए चिह्नित किए गए थे। इंजीनियरों की टीम और अधिकारी इन तालाबों का मौका मुआयना कर चुके हैं। बुधवार तक तालाब में पानी की एंट्री और निकासी के लिए भी सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। दरअसल, मशीन से तालाब के आसपास वाली जमीनों के स्तर को देखा गया है, कहां जमीन गहरी और कहां ऊंची है, जिससे तालाब में स्वच्छ पानी आने के लिए रास्ता बनाया जा सके। गंदे पानी की निकासी के लिए भी नाले बनेंगे। ओवर फ्लो की स्थिति में तालाब से पानी खुद ही निकल जाएगा। इसका इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है, आकलन में यह साफ हुआ है कि एक सरोवर पर 40 से पचास लाख तक खर्च होने का अनुमान है। वहीं, विशेषज्ञों ने अमृत सरोवर के नक्शे तैयार कर लिए हैं। इस्टीमेट और नक्शों को शासन भी भेजा गया है, जिससे स्वीकृति मिलने के बाद काम कराया जा सके।
तालाब में दीवारों के निर्माण पर चल रहा मंथन
भले ही इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है, लेकिन अमृत सरोवर में दीवारों के निर्माण को लेकर मंथन चल रहा है। क्योंकि दीवार के निर्माण में खर्च अधिक होगा, अगर दीवारें नहीं बनीं तो टहलने के लिए तालाब के चारों ओर बनाई जाने वाली सड़क बरसात में बैठ जाएगी।
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पांच अमृत सरोवर बनाने के लिए नक्शे तैयार कर लिए गए हैं। इसका इस्टीमेट बन चुका है। हालांकि अभी प्रदेश के दूसरे जिलों में तैयार की गई ड्राइंग पर भी नजर है। इसके बाद इसमें फेरबदल भी हो सकता है
- श्याम बहादुर शर्मा, एएमए
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बिजनौर। पौराणिक और एतिहासिक महत्व वाले पांच तालाबों को अमृत सरोवर में तब्दील करने की कवायद तेज हो गई है। फिलहाल इनके नक्शे और इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। वहीं, सरोवर में स्वच्छ पानी भरने और निकासी के लिए आधुनिक मशीन से सर्वे किया गया है।
जिला पंचायत की ओर से जिले में पांच तालाब अमृत सरोवर बनाने के लिए चिह्नित किए गए थे। इंजीनियरों की टीम और अधिकारी इन तालाबों का मौका मुआयना कर चुके हैं। बुधवार तक तालाब में पानी की एंट्री और निकासी के लिए भी सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। दरअसल, मशीन से तालाब के आसपास वाली जमीनों के स्तर को देखा गया है, कहां जमीन गहरी और कहां ऊंची है, जिससे तालाब में स्वच्छ पानी आने के लिए रास्ता बनाया जा सके। गंदे पानी की निकासी के लिए भी नाले बनेंगे। ओवर फ्लो की स्थिति में तालाब से पानी खुद ही निकल जाएगा। इसका इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है, आकलन में यह साफ हुआ है कि एक सरोवर पर 40 से पचास लाख तक खर्च होने का अनुमान है। वहीं, विशेषज्ञों ने अमृत सरोवर के नक्शे तैयार कर लिए हैं। इस्टीमेट और नक्शों को शासन भी भेजा गया है, जिससे स्वीकृति मिलने के बाद काम कराया जा सके।
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तालाब में दीवारों के निर्माण पर चल रहा मंथन
भले ही इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है, लेकिन अमृत सरोवर में दीवारों के निर्माण को लेकर मंथन चल रहा है। क्योंकि दीवार के निर्माण में खर्च अधिक होगा, अगर दीवारें नहीं बनीं तो टहलने के लिए तालाब के चारों ओर बनाई जाने वाली सड़क बरसात में बैठ जाएगी।
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पांच अमृत सरोवर बनाने के लिए नक्शे तैयार कर लिए गए हैं। इसका इस्टीमेट बन चुका है। हालांकि अभी प्रदेश के दूसरे जिलों में तैयार की गई ड्राइंग पर भी नजर है। इसके बाद इसमें फेरबदल भी हो सकता है
- श्याम बहादुर शर्मा, एएमए

बिजनौर के गांव खारी में झारखंडी मंदिर के समीप तालाब की जमीन की जांच करते जिला पंचायत के अधिकारी।- फोटो : BIJNOR