Bijnor: अमानगढ़ का जंगल पर्यटन को तैयार, बाहर होने वाले काम अभी शुरू नहीं, तारीख का इंतजार
जिम कार्बेट पार्क की तर्ज पर अब अमानगढ़ भी पर्यटन के मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरने को तैयार हो रहा है। करीब साढ़े नौ हजार हेक्टेयर में फैले अमानगढ़ के जंगल में छिपी वन्य जीव और वनस्पति जैसी संपदा का दीदार अब पर्यटक भी कर पाएंगे। इसके लिए वन विभाग ने जंगल को पर्यटन के लिए लगभग तैयार कर दिया है।
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अमानगढ़ में वन विभाग 15 नवंबर से पर्यटन शुरू करने की तैयारी पूरी कर चुका है। पर्यटकों से फीस वसूलने और इको टूरिज्म को संचालित करने के लिए केहरीपुर में समिति का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा अमानगढ़ के कच्चे रास्तों को इस लायक बनाया जा रहा है, ताकि वहां से पर्यटकों के वाहन आसानी से गुजर सकें। हालांकि जंगल पूरी तरह तैयार होने के बावजूद बाहर होने वाले काम अभी शुरू तक नहीं हो पाए हैं।
जिम कार्बेट पार्क की तर्ज पर अब अमानगढ़ भी पर्यटन के मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरने को तैयार हो रहा है। करीब साढ़े नौ हजार हेक्टेयर में फैले अमानगढ़ के जंगल में छिपी वन्य जीव और वनस्पति जैसी संपदा का दीदार अब पर्यटक भी कर पाएंगे। इसके लिए वन विभाग ने जंगल को पर्यटन के लिए लगभग तैयार कर दिया है। रास्तों को पर्यटकों के घूमने लायक बनाया जा रहा है।
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वहीं पर्यटन संचालित करने के लिए इको पर्यटन डेवलपमेंट कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। अमानगढ़ में पर्यटन से जो भी कमाई होगी, वह ईको पर्यटन डेवलपमेंट कमेटी के खाते में जाएगी। इस पैसे से केहरीपुर गांव के आसपास विकास, पर्यटन के लिए जरूरी इंतजाम करने पर होगा।
विभागों ने नहीं निभाई जिम्मेदारी
वन विभाग की माने तो उन्हें जंगल के अंदर तैयारी करनी थी, जो लगभग हो चुकी है। बाहर टिकट काउंटर, पार्किंग, कैंटीन, शौचालय के लिए शासन से बजट का इंतजार है। इसके अलावा जिला पंचायत को गेस्ट हाउस, पीडब्ल्यूडी को अमानगढ़ गेट तक सड़क, पंचायत विभाग को सुंदरीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन विभागों ने इन कार्यों पर ध्यान ही नहीं दिया है।
छह जिप्सी का रजिस्ट्रेशन, 14 नेचर गाइड भी आए
अमानगढ़ में 15 नवंबर से पर्यटन शुरू होने का दावा किया जा रहा है। दस में से छह जिप्सी का पंजीकरण हो चुका है और 14 नेचर गाइड भी तैयार हो चुके हैं। जिप्सी क संख्या बढ़ाकर दस करने की तैयारी भी चल रही है।
टाइगर कंजरवेशन प्लान अनुमति के लिए भारत सरकार को भेजा
अमानगढ़ का टाइगर कंजरवेशन प्लान करीब दस साल पहले तैयार हो गया था। इस प्लान को अनुमति के लिए अभी तक भारत सरकार के पास नहीं भेजा गया था। कुछ समय पहले ही इसे भेजा गया, अभी अनुमति नहीं मिली है। यदि इसे अनुमति मिलती है तो अमानगढ़ में विकास के लिए काफी बजट मिलने की उम्मीद भी बढ़ जाएगी।
15 नवंबर से पर्यटन शुरू करना है: डीएफओ
डीएफओ डॉ.अनिल पटेल ने बताया कि अमानगढ़ में 15 नवंबर से पर्यटन शुरू करने की तैयारी चल रही है। रास्ते ठीक कराए जा रहे हैं, समिति का गठन भी हो चुका है। पांच सुबह और पांच जिप्सी को शाम के समय अमानगढ़ में एंट्री दी जाएगी।
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जंगल में दिख रही पैंगोलिन और हाथियों के झुंड
वन विभाग की टीम दिन और रात दोनों समय अमानगढ़ में गश्त कर रही। इस दौरान टीम को खूब वन्य जीव भी दिखाई पड़ रहे हैं। जहां हाथियों के झुंड में छोटे बच्चे भी नजर आ रहे हैं, वहीं घने जंगल में पैंगोलिन भी दिख रही है। इसे देख वन अधिकारी उत्साहित हैं।