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बरसाती कीड़ों के काटने से बढ़े एलर्जी के मरीज
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बरसाती कीड़ों के काटने से बढ़े एलर्जी के मरीज
बिजनौर। बरसात के बाद चर्म रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में अब चर्म रोगियों की संख्या रोजाना करीब 130 तक पहुंच रही हैं। अक्तूबर की शुरूआत में चर्म विभाग में मरीजों की संख्या 100 से नीचे थी। बरसात में होने वाले कीड़े के काटने से एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी हैं।
बरसात के बाद फंगल इंफेक्शन और मच्छरों के काटने से एलर्जी का खतरा ज्यादा रहता है। बरसात के बाद अस्पताल में इंसेक्ट बाइट के मरीज आ रहे हैं। यह एक तरह की एलर्जी है, जो मच्छर या कीट के काटने के बाद होती है। इसके अलावा कुछ मरीज बीटल डर्मेटाइटिस के भी आ रहे हैं। यह बीमारी बारिश के मौसम में होने वाले कीड़े ब्लिस्टर बीटल को मसलने से होती है। इसमें शरीर पर लाल चकत्ते हो जाते हैं। दाद, खुजली के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। चर्म विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक चर्म रोगियों की संख्या गर्मियों के दिनों में 180 तक पहुंच रही थी। वहीं सितंबर माह में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या कम रही।
ऐसे करें बचाव
स्वच्छता का ध्यान रखें।
एलर्जी होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
शरीर को सुखाकर कपड़े पहनें।
रोजाना साफ कपड़े पहनें।
भोजन में ताजे फल, प्रोटीन और आयरन युक्त आहार शामिल करें।
बरसात के बाद एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस समय बरसात में होने वाले कीड़े के काटने से हो रही एलर्जी के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। इसके अलावा दाद, खुजली के भी मरीज रोजाना आ रहे हैं - डॉ. राजीव रस्तोगी, चर्म रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल
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बिजनौर। बरसात के बाद चर्म रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में अब चर्म रोगियों की संख्या रोजाना करीब 130 तक पहुंच रही हैं। अक्तूबर की शुरूआत में चर्म विभाग में मरीजों की संख्या 100 से नीचे थी। बरसात में होने वाले कीड़े के काटने से एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी हैं।
बरसात के बाद फंगल इंफेक्शन और मच्छरों के काटने से एलर्जी का खतरा ज्यादा रहता है। बरसात के बाद अस्पताल में इंसेक्ट बाइट के मरीज आ रहे हैं। यह एक तरह की एलर्जी है, जो मच्छर या कीट के काटने के बाद होती है। इसके अलावा कुछ मरीज बीटल डर्मेटाइटिस के भी आ रहे हैं। यह बीमारी बारिश के मौसम में होने वाले कीड़े ब्लिस्टर बीटल को मसलने से होती है। इसमें शरीर पर लाल चकत्ते हो जाते हैं। दाद, खुजली के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। चर्म विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक चर्म रोगियों की संख्या गर्मियों के दिनों में 180 तक पहुंच रही थी। वहीं सितंबर माह में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या कम रही।
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ऐसे करें बचाव
स्वच्छता का ध्यान रखें।
एलर्जी होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
शरीर को सुखाकर कपड़े पहनें।
रोजाना साफ कपड़े पहनें।
भोजन में ताजे फल, प्रोटीन और आयरन युक्त आहार शामिल करें।
बरसात के बाद एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस समय बरसात में होने वाले कीड़े के काटने से हो रही एलर्जी के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। इसके अलावा दाद, खुजली के भी मरीज रोजाना आ रहे हैं - डॉ. राजीव रस्तोगी, चर्म रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल
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