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शेखूपुरा आलम में मालन नदी से कृषि भूमि का हुआ कटान
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मंडावली/नजीबाबाद(बिजनौर)। गांव शेखपुरा आलम में मालन नदी के कटान से सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा। गन्ने की फसल मालन नदी के पानी से हुए कटान से प्रभावित हुई। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
मंडावली थाना क्षेत्र के गांव शेखुपुरा आलम के निकट रतनाल और लकड़हान नदी मालन नदी में आकर मिलती है। दो दिन पूर्व पहाड़ों और क्षेत्र में हुई वर्षा से मालन नदी का जल स्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में कृषि भूमि का मालन नदी ने कटान किया। गांव शेखूपुरा आलम निवासी चमन सिंह, साधुराम, बलराम, चमन सहित चार-पांच किसानों की करीब दो से डेढ़ बीघा जमीन में खड़ी चना, मूली, गाजर, प्याज और गन्ने की फसल पानी में समा गई। क्षेत्रीय किसानों ने ग्राम प्रधान आकांक्षा के माध्यम से राजस्व विभाग को पत्र भेजकर मालन नदी से कृषि भूमि को पहुंचे नुकसान की जांच कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि क्षेत्रीय लेखपाल को कृषि भूमि के कटान से फसल को नुकसान पहुंचने की सूचना दी गई। लेकिन लेखपाल सर्वे के लिए क्षेत्र में नहीं पहुंचा। मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से हर वर्ष खेती की जमीन मालन नदी के कटान से प्रभावित होती है।
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मंडावली थाना क्षेत्र के गांव शेखुपुरा आलम के निकट रतनाल और लकड़हान नदी मालन नदी में आकर मिलती है। दो दिन पूर्व पहाड़ों और क्षेत्र में हुई वर्षा से मालन नदी का जल स्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में कृषि भूमि का मालन नदी ने कटान किया। गांव शेखूपुरा आलम निवासी चमन सिंह, साधुराम, बलराम, चमन सहित चार-पांच किसानों की करीब दो से डेढ़ बीघा जमीन में खड़ी चना, मूली, गाजर, प्याज और गन्ने की फसल पानी में समा गई। क्षेत्रीय किसानों ने ग्राम प्रधान आकांक्षा के माध्यम से राजस्व विभाग को पत्र भेजकर मालन नदी से कृषि भूमि को पहुंचे नुकसान की जांच कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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किसानों का कहना है कि क्षेत्रीय लेखपाल को कृषि भूमि के कटान से फसल को नुकसान पहुंचने की सूचना दी गई। लेकिन लेखपाल सर्वे के लिए क्षेत्र में नहीं पहुंचा। मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से हर वर्ष खेती की जमीन मालन नदी के कटान से प्रभावित होती है।
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