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प्रशासन को आई गंगा की याद
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बिजनौर में गंगा बैराज पर सफाई करते अधिकारी व कर्मचारी।
- फोटो : BIJNOR
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प्रशासन को आई गंगा की याद
बिजनौर। बिजनौर गंगा बैराज पर गंगाजल की बात करें तो यह अमृत से कम नहीं है। प्रदूषण विभाग की जांच में यहां पर सामान्य से ढाई गुना ज्यादा ऑक्सीजन का स्तर पाया गया था, जो नौ से दस के बीच था। ऐसे में यहां बढ़ती गंदगी को रोकने के लिए मंगलवार को प्रशासन की ओर से सफाई अभियान चलाया गया। गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए मंगलवार को पंचायत राज विभाग के ब्लॉक से लेकर जिले तक के अधिकारियों ने सफाई अभियान में हिस्सा लिया। बिजनौर गंगा बैराज घाट पर निर्माण को खूबसूरत कर दिया गया, लेकिन यहां पर होने वाली गंदगी को रोकना चुनौती बना हुआ है। यहां जल की बात करें तो आसपास के क्षेत्रों में यह बहुत शुद्ध माना जाता है। प्रदूषण विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो महीने से हर सप्ताह होने वाली जांच में हर बार ऑक्सीजन का स्तर नौ से दस के बीच ही आया है। अमूमन चार प्वाइंट तक ऑक्सीजन स्तर के पानी को भी ठीक मान लिया जाता है। ऐसे में गंगा बैराज पर अमृत के समान शुद्ध जल को गंदगी से खतरा बढ़ रहा है।
सरकार बनते ही अफसरों को आई सफाई की याद
भाजपा की 2017 में बनी सरकार में गो, गंगा तथा गांव शीर्ष प्राथमिकता पर थे। इनके लिए तैयार योजनाओं में विभिन्न अभियान चले। विधानसभा चुनाव से पहले ही अभियानों के क्रियान्वयन की रफ्तार कमजोर हो गई थी, लेकिन अब दोबारा योगी सरकार बनते ही प्रशासन को गाय व गांव के बाद गंगा मैया की याद आ गई है।
मंगलवार की सुबह चला अभियान
पंचायत राज विभाग ने मंगलवार को सुबह सात बजे से सफाई अभियान चलाया। अभियान में हल्दौर व मौहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के सफाई कर्मचारी लगाए गए। इतना ही नहीं गंगा सफाई अभियान में ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारी पंचायत व सचिवों के साथ डीपीआरओ ने भी सफाई की। डीपीआरओ सतीश कुमार ने स्वयं गंगा किनारे पड़ी पॉलिथीन इकट्ठा की। एडीओ रविकांत गंगा किनारे ने गंदगी उठाई। डीपीआरओ गंगा किनारे गंदगी देखकर पंचायत सचिवों व सफाई कर्मचारियों पर जमकर भड़के। एडीओ पंचायत को लापरवाह सफाई कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।
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पुजारी व श्रद्धालु गंदगी से परेशान, नहीं होती शौचालयों की सफाई
गंगा मैया में डुबकी लगाने आए बिजनौर वह मुजफ्फरनगर जिलों के श्रद्धालुओं ने डीपीआरओ सतीश कुमार को बताया कि गंगा स्वच्छता अभियान के अंतर्गत शौचालय बने हैं। आरोप लगाया कि शौचालयों की साफ सफाई नहीं होती है। एक दो माह में इक्का दुक्का कर्मचारी यहां आता है। पुजारियों का आरोप है कि गंदगी से धार्मिक अनुष्ठान की पवित्रता पर असर पड़ता है। इस पर डीपीआरओ ने पुजारी व श्रद्धालु को भरोसा दिलाया कि गंगा बैराज की नियमित सफाई होगी। औचक निरीक्षण कराएंगे। लापरवाह कर्मचारियों को घर का रास्ता दिखाया जाएगा।
नौ से दस मिलीग्राम प्रतिलीटर है ऑक्सीजन का स्तर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बिजनौर गंगा बैराज से नमूने लिए थे। जांच में पाया गया कि बिजनौर गंगा बैराज पर गंगाजल में डिजॉल्व ऑक्सीजन (डीओ) की मात्रा नौ से 10 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई है। यह पानी में ऑक्सीजन के स्तर की आदर्श स्थिति है। आमतौर पर चार मिलीग्राम के स्तर को सामान्य माना जाता है।
क्या है डीओ (डिजाल्व आक्सीजन)
जल में ऑक्सीजन की मात्रा का एक लेवल होता है। जब पानी में हानिकारक केमिकल की मात्रा अधिक हो जाती है, तो ऑक्सीजन कम हो जाती है। डिजॉल्व ऑक्सीजन एक लीटर में मिलीग्राम के हिसाब से मापी जाती है।
वर्जन
गंगा घाट पर नियमित सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जा रही है। लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सतीश कुमार, डीपीआरओ
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बिजनौर। बिजनौर गंगा बैराज पर गंगाजल की बात करें तो यह अमृत से कम नहीं है। प्रदूषण विभाग की जांच में यहां पर सामान्य से ढाई गुना ज्यादा ऑक्सीजन का स्तर पाया गया था, जो नौ से दस के बीच था। ऐसे में यहां बढ़ती गंदगी को रोकने के लिए मंगलवार को प्रशासन की ओर से सफाई अभियान चलाया गया। गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए मंगलवार को पंचायत राज विभाग के ब्लॉक से लेकर जिले तक के अधिकारियों ने सफाई अभियान में हिस्सा लिया। बिजनौर गंगा बैराज घाट पर निर्माण को खूबसूरत कर दिया गया, लेकिन यहां पर होने वाली गंदगी को रोकना चुनौती बना हुआ है। यहां जल की बात करें तो आसपास के क्षेत्रों में यह बहुत शुद्ध माना जाता है। प्रदूषण विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो महीने से हर सप्ताह होने वाली जांच में हर बार ऑक्सीजन का स्तर नौ से दस के बीच ही आया है। अमूमन चार प्वाइंट तक ऑक्सीजन स्तर के पानी को भी ठीक मान लिया जाता है। ऐसे में गंगा बैराज पर अमृत के समान शुद्ध जल को गंदगी से खतरा बढ़ रहा है।
सरकार बनते ही अफसरों को आई सफाई की याद
भाजपा की 2017 में बनी सरकार में गो, गंगा तथा गांव शीर्ष प्राथमिकता पर थे। इनके लिए तैयार योजनाओं में विभिन्न अभियान चले। विधानसभा चुनाव से पहले ही अभियानों के क्रियान्वयन की रफ्तार कमजोर हो गई थी, लेकिन अब दोबारा योगी सरकार बनते ही प्रशासन को गाय व गांव के बाद गंगा मैया की याद आ गई है।
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मंगलवार की सुबह चला अभियान
पंचायत राज विभाग ने मंगलवार को सुबह सात बजे से सफाई अभियान चलाया। अभियान में हल्दौर व मौहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के सफाई कर्मचारी लगाए गए। इतना ही नहीं गंगा सफाई अभियान में ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारी पंचायत व सचिवों के साथ डीपीआरओ ने भी सफाई की। डीपीआरओ सतीश कुमार ने स्वयं गंगा किनारे पड़ी पॉलिथीन इकट्ठा की। एडीओ रविकांत गंगा किनारे ने गंदगी उठाई। डीपीआरओ गंगा किनारे गंदगी देखकर पंचायत सचिवों व सफाई कर्मचारियों पर जमकर भड़के। एडीओ पंचायत को लापरवाह सफाई कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।
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पुजारी व श्रद्धालु गंदगी से परेशान, नहीं होती शौचालयों की सफाई
गंगा मैया में डुबकी लगाने आए बिजनौर वह मुजफ्फरनगर जिलों के श्रद्धालुओं ने डीपीआरओ सतीश कुमार को बताया कि गंगा स्वच्छता अभियान के अंतर्गत शौचालय बने हैं। आरोप लगाया कि शौचालयों की साफ सफाई नहीं होती है। एक दो माह में इक्का दुक्का कर्मचारी यहां आता है। पुजारियों का आरोप है कि गंदगी से धार्मिक अनुष्ठान की पवित्रता पर असर पड़ता है। इस पर डीपीआरओ ने पुजारी व श्रद्धालु को भरोसा दिलाया कि गंगा बैराज की नियमित सफाई होगी। औचक निरीक्षण कराएंगे। लापरवाह कर्मचारियों को घर का रास्ता दिखाया जाएगा।
नौ से दस मिलीग्राम प्रतिलीटर है ऑक्सीजन का स्तर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बिजनौर गंगा बैराज से नमूने लिए थे। जांच में पाया गया कि बिजनौर गंगा बैराज पर गंगाजल में डिजॉल्व ऑक्सीजन (डीओ) की मात्रा नौ से 10 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई है। यह पानी में ऑक्सीजन के स्तर की आदर्श स्थिति है। आमतौर पर चार मिलीग्राम के स्तर को सामान्य माना जाता है।
क्या है डीओ (डिजाल्व आक्सीजन)
जल में ऑक्सीजन की मात्रा का एक लेवल होता है। जब पानी में हानिकारक केमिकल की मात्रा अधिक हो जाती है, तो ऑक्सीजन कम हो जाती है। डिजॉल्व ऑक्सीजन एक लीटर में मिलीग्राम के हिसाब से मापी जाती है।
वर्जन
गंगा घाट पर नियमित सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जा रही है। लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सतीश कुमार, डीपीआरओ

बिजनौर में गंगा बैराज पर सफाई करते अधिकारी व कर्मचारी।- फोटो : BIJNOR