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प्रदूषण नियंत्रण में ढील बरतने पर होगी कार्रवाई
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प्रदूषण नियंत्रण में ढील बरतने पर होगी कार्रवाई
बिजनौर। शासन खांडसारी इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण को लेकर सख्त हो गया है। इसलिए अब खांडसारी इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व आबकारी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन डिफाल्टर इकाइयों का पता लगाने में जुट गया है।
बिजनौर परिक्षेत्र में 94 इकाईयां संचालित हैं। शासन द्वारा इकाइयों के लाइसेंस की प्रक्रिया का सरलीकरण कर दिया गया है। प्रक्रिया आनलाइन हो गई है। इसके बाद जिले में काफी खांडसारी इकाइयों का पंजीकरण हुआ। आरोप है कि इकाइयों ने प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं किया।
शासन अब खांडसारी इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण को लेकर सख्त हो गया है। सहायक चीनी आयुक्त बिजनौर परिक्षेत्र डीपी मौर्य ने चीनी आयुक्त के पत्र का हवाला देते हुए बताया कि शासन ने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए नियम सख्त कर दिए हैं।
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मौर्य ने बताया कि अब इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेना है। साथ ही आबकारी विभाग में पंजीकरण कराकर पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाइयों को दोनों प्रमाण पत्र सहायक चीनी आयुक्त कार्यालय में जमा करने हैं।
पंजीकरण में नहीं है दिलचस्पी
बिजनौर परिक्षेत्र में 94 खांडसारी इकाईयां संचालित हैं। खांडसारी इकाईयां अक्तूबर-नवंबर माह में गन्ना पैराई शुरू कर देती है। सूत्रों के अनुसार करीब चार माह में एक दो को छोड़ अधिकांश इकाई ने दोनों में से कोई सा भी प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य के अनुसार इकाइयों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं।
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बिजनौर। शासन खांडसारी इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण को लेकर सख्त हो गया है। इसलिए अब खांडसारी इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व आबकारी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन डिफाल्टर इकाइयों का पता लगाने में जुट गया है।
बिजनौर परिक्षेत्र में 94 इकाईयां संचालित हैं। शासन द्वारा इकाइयों के लाइसेंस की प्रक्रिया का सरलीकरण कर दिया गया है। प्रक्रिया आनलाइन हो गई है। इसके बाद जिले में काफी खांडसारी इकाइयों का पंजीकरण हुआ। आरोप है कि इकाइयों ने प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं किया।
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शासन अब खांडसारी इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण को लेकर सख्त हो गया है। सहायक चीनी आयुक्त बिजनौर परिक्षेत्र डीपी मौर्य ने चीनी आयुक्त के पत्र का हवाला देते हुए बताया कि शासन ने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए नियम सख्त कर दिए हैं।
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मौर्य ने बताया कि अब इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेना है। साथ ही आबकारी विभाग में पंजीकरण कराकर पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाइयों को दोनों प्रमाण पत्र सहायक चीनी आयुक्त कार्यालय में जमा करने हैं।
पंजीकरण में नहीं है दिलचस्पी
बिजनौर परिक्षेत्र में 94 खांडसारी इकाईयां संचालित हैं। खांडसारी इकाईयां अक्तूबर-नवंबर माह में गन्ना पैराई शुरू कर देती है। सूत्रों के अनुसार करीब चार माह में एक दो को छोड़ अधिकांश इकाई ने दोनों में से कोई सा भी प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य के अनुसार इकाइयों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं।