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बदहाली की दास्तां : टिनशेड में बैठकर पढ़ते हैं पांच कक्षाओं के छात्र-छात्राएं
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मंडावली- गांव करौली में टिनशेड में पढ़ते परिषदीय विद्यालय के बच्चे। संवाद
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मंडावली/नजीबाबाद। गांव करौली का परिषदीय विद्यालय बदहाली की दस्तां बयां कर रहा है। जर्जर हो चुके विद्यालय भवन को तीन साल पहले ध्वस्त कराया गया था लेकिन तब से नए भवन का निर्माण नहीं हो सका। पांच कक्षाओं के छात्र-छात्रा टिनशेड में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
नजीबाबाद तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत करौली में हरिद्वार-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे प्राथमिक विद्यालय स्थित है। शुक्रवार सुबह टीम स्कूल में पहुंची तो बच्चे टिनशेड के नीचे बैठकर पढ़ते मिले। हालांकि टिन शेड में पंखे चल रहे थे लेकिन दोपहर में पंखे भी गर्म हवा फेंकने लगे। विद्यालय में पलब्ध एक मात्र पक्के कक्ष में जरूरी दस्तावेज रखे जाते हैं। विद्यालय परिसर में जलभराव है। विद्यार्थी खेलकूद से भी वंचित हैं।
ग्रामीण राजवीर, तारा सिंह, ऋषिपाल ने कहना है कि कई वर्षों से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण नहीं मिल पा रहा है। करीब तीन साल पहले विद्यालय का जर्जर भवन ध्वस्त हुआ था। कुछ समय तक एक कमरे और रसोई में पढ़ाई हो रही थी। अमर उजाला ने उस समय भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया तो ब्लॉक की ओर से डेढ़ साल बाद टिनशेड की व्यवस्था की गई। तभी से पांचों कक्षाओं के विद्यार्थी एक टिनशेड में हर मौसम के मार झेलकर पढ़ाई को विवश हैं।
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नजीबाबाद तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत करौली में हरिद्वार-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे प्राथमिक विद्यालय स्थित है। शुक्रवार सुबह टीम स्कूल में पहुंची तो बच्चे टिनशेड के नीचे बैठकर पढ़ते मिले। हालांकि टिन शेड में पंखे चल रहे थे लेकिन दोपहर में पंखे भी गर्म हवा फेंकने लगे। विद्यालय में पलब्ध एक मात्र पक्के कक्ष में जरूरी दस्तावेज रखे जाते हैं। विद्यालय परिसर में जलभराव है। विद्यार्थी खेलकूद से भी वंचित हैं।
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ग्रामीण राजवीर, तारा सिंह, ऋषिपाल ने कहना है कि कई वर्षों से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण नहीं मिल पा रहा है। करीब तीन साल पहले विद्यालय का जर्जर भवन ध्वस्त हुआ था। कुछ समय तक एक कमरे और रसोई में पढ़ाई हो रही थी। अमर उजाला ने उस समय भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया तो ब्लॉक की ओर से डेढ़ साल बाद टिनशेड की व्यवस्था की गई। तभी से पांचों कक्षाओं के विद्यार्थी एक टिनशेड में हर मौसम के मार झेलकर पढ़ाई को विवश हैं।

मंडावली- गांव करौली में टिनशेड में पढ़ते परिषदीय विद्यालय के बच्चे। संवाद
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