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Bijnor News: झील और सरोवर पर सजने लगी प्रवासी पक्षियों की महफिल
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बिजनौर में बैराज पर गंगा में मस्ती करते प्रवाक्षी पक्षी।
- फोटो : BIJNOR
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झील और सरोवर पर सजने लगी प्रवासी पक्षियों की महफिल
रजनीश त्यागी
बिजनौर। नवंबर समाप्ति की ओर है और तापमान में भी अब गिरावट आने लगी है। जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, जिले में झील, सरोवर व नदियों में प्रवासी पक्षियों की महफिल सजनी शुरू हो गई है। बिजनौर गंगा बैराज का क्षेत्र हो या अमानगढ़ के पास पीलीडैम अब हर जगह प्रवासी पक्षियों के झुंड दिखने लगे हैं। हालांकि अभी भी कई प्रजातियों के पक्षियों का आना बाकी है, जो दिसंबर के पहले सप्ताह के अंत तक पहुंच जाएंगे। इस बार वन अधिकारी अमानगढ़ के जंगल के साथ-साथ ही पर्यटकों को जिले में प्रवासी पक्षियों के डेरों पर भी घुमाने की तैयारी कर रहे हैं।
अमानगढ़ के बहाने अभी तक जिले में वन्य जीवों की चर्चा खूब हो रही है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, जिले में एक और प्राकृतिक संपदा बढ़नी शुरू हो गई। जिले में बिजनौर गंगा बैराज, हरेवली बांध, रैनी फॉरेस्ट एरिया, पीली डैम, छितावर झील समेत कई ऐसी जगह है, जहां हर साल हजारों प्रवासी पक्षी अपना डेरा डालते हैं। अब घटते तापमान के साथ इन जगहों पर प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई। वन विशेषज्ञों की माने तो प्रवासी पक्षियों की पूरी संख्या तो दिसंबर के मध्य तक ही देखने को मिलेगी, लेकिन प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला तेज हो गया है।
यह पक्षी पहुंच चुके हैं, कई का इंतजार
जिले में डेढ़ सौ से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती है। इस समय जलाशयों के पास कार्मोरेंट बड़ी संख्या में दिख रहा है। इसके अलावा ब्रह्मणी डक, जिसे लोग लाल सुर्खाब भी कहते हैं, उसके कई झुंड पहुंच चुके हैं। कहीं-कहीं कुरजां भी दिखाई पड़ रहा है। वाटर बर्ड के अलावा वॉबलर, टेलर बर्ड, लार्क, इंडियन रोलर नीलकंठ, बी-ईटर, पेलिकेन, शॉवलर, मूट, पिंटेल, स्पॉट बिल, पर्पल मुरहेन भी दिखाई देने लगी है। हालांकि इनकी संख्या अभी तक है, जो धीरे-धीरे और बढ़ जाएगी। पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि प्रवासी पक्षी सर्दियों में पूरे यूरोपीय देशों से आते हैं। इसके अलावा पश्चिम एशिया, तिब्बत, मंगोलिया, नेपाल, मध्यपूर्व एशिया से भी पक्षी इन जगहों पर पहुंचते हैं।
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पर्यटकों को बताएंगे जिले में प्रवासी पक्षियों के ठिकाने : एसडीओ
एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने कहा कि हमने अभी दो दिन पहले ही जिले में ऐसे क्षेत्रों की विजिट की है, जहां पर प्रवासी पक्षी आते हैं। हर जगह अब पक्षी दिखाई दे रहे हैं। दिसंबर तक इनकी संख्या और बढ़ जाएगी। जो पर्यटक अमानगढ़ जाएंगे, उन्हें जिले में प्रवासी पक्षियों के बारे में भी बताया जाएगा। ताकि वह जिले में अन्य जगहों पर भी घूम सके।
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। नवंबर समाप्ति की ओर है और तापमान में भी अब गिरावट आने लगी है। जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, जिले में झील, सरोवर व नदियों में प्रवासी पक्षियों की महफिल सजनी शुरू हो गई है। बिजनौर गंगा बैराज का क्षेत्र हो या अमानगढ़ के पास पीलीडैम अब हर जगह प्रवासी पक्षियों के झुंड दिखने लगे हैं। हालांकि अभी भी कई प्रजातियों के पक्षियों का आना बाकी है, जो दिसंबर के पहले सप्ताह के अंत तक पहुंच जाएंगे। इस बार वन अधिकारी अमानगढ़ के जंगल के साथ-साथ ही पर्यटकों को जिले में प्रवासी पक्षियों के डेरों पर भी घुमाने की तैयारी कर रहे हैं।
अमानगढ़ के बहाने अभी तक जिले में वन्य जीवों की चर्चा खूब हो रही है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, जिले में एक और प्राकृतिक संपदा बढ़नी शुरू हो गई। जिले में बिजनौर गंगा बैराज, हरेवली बांध, रैनी फॉरेस्ट एरिया, पीली डैम, छितावर झील समेत कई ऐसी जगह है, जहां हर साल हजारों प्रवासी पक्षी अपना डेरा डालते हैं। अब घटते तापमान के साथ इन जगहों पर प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई। वन विशेषज्ञों की माने तो प्रवासी पक्षियों की पूरी संख्या तो दिसंबर के मध्य तक ही देखने को मिलेगी, लेकिन प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला तेज हो गया है।
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यह पक्षी पहुंच चुके हैं, कई का इंतजार
जिले में डेढ़ सौ से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती है। इस समय जलाशयों के पास कार्मोरेंट बड़ी संख्या में दिख रहा है। इसके अलावा ब्रह्मणी डक, जिसे लोग लाल सुर्खाब भी कहते हैं, उसके कई झुंड पहुंच चुके हैं। कहीं-कहीं कुरजां भी दिखाई पड़ रहा है। वाटर बर्ड के अलावा वॉबलर, टेलर बर्ड, लार्क, इंडियन रोलर नीलकंठ, बी-ईटर, पेलिकेन, शॉवलर, मूट, पिंटेल, स्पॉट बिल, पर्पल मुरहेन भी दिखाई देने लगी है। हालांकि इनकी संख्या अभी तक है, जो धीरे-धीरे और बढ़ जाएगी। पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि प्रवासी पक्षी सर्दियों में पूरे यूरोपीय देशों से आते हैं। इसके अलावा पश्चिम एशिया, तिब्बत, मंगोलिया, नेपाल, मध्यपूर्व एशिया से भी पक्षी इन जगहों पर पहुंचते हैं।
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पर्यटकों को बताएंगे जिले में प्रवासी पक्षियों के ठिकाने : एसडीओ
एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने कहा कि हमने अभी दो दिन पहले ही जिले में ऐसे क्षेत्रों की विजिट की है, जहां पर प्रवासी पक्षी आते हैं। हर जगह अब पक्षी दिखाई दे रहे हैं। दिसंबर तक इनकी संख्या और बढ़ जाएगी। जो पर्यटक अमानगढ़ जाएंगे, उन्हें जिले में प्रवासी पक्षियों के बारे में भी बताया जाएगा। ताकि वह जिले में अन्य जगहों पर भी घूम सके।