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पोलियो वैक्सीन: कोल्ड चेन में चूक
Bijnor
Updated Wed, 10 Apr 2013 05:30 AM IST
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बिजनौर। पोलियो से बचाव को दो बूंद जिंदगी की, कहीं फायदे के स्थान पर स्वास्थ्य न बिगाड़ दे। पल्स पोलियो अभियान में लगीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री वैक्सीन को कोल्ड चेन के बजाए हाथों में लेकर घूम रही हैं। एसीएमओ ने निरीक्षण में दो कार्यकत्रियों को वैक्सीन बायल हाथ में ले जाते पकड़ा है। गर्म मौसम में खराब हुई पोलियो वैक्सीन बच्चे को फायदे के स्थान पर बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है। इस मामले में मेडिकल आफिसर इंचार्ज (एमओआईसी) से जवाब मांगा जा रहा है।
एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार को जलीलपुर ब्लॉक में पल्स पोलियो अभियान का निरीक्षण करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्री लक्ष्मी व बबीता पोलियो वैक्सीन को हाथ में ले जाते हुए मिलीं। वैक्सीन को कोल्ड चेन में रखने केलिए विभाग द्वारा दिया गया कैरियर बॉक्स आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने गांव में कहीं रख दिया था। निरीक्षण में ब्लॉक किरतपुर के गांव मौजीपुर में एक बच्चा पोलियो की खुराक पिए बिना मिला। एसीएमओ का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वैक्सीन के बारे में पूरी जानकारी न होने में एमओआईसी की लापरवाही है। उन्होंने अभियान में लगी कार्यकत्रियों को न तो पूरी जानकारी दी और अभियान सफल बनाने में कड़े कदम भी नहीं उठाए। इस संबंध में दोनों एमओआईसी से जवाब तलब किया जा रहा है। दरअसल पोलियो वैक्सीन पर एक मॉनीटर लगा होता है जिसे वैक्सीन बायल मॉनीटर (वीबीएम) कहते हैं। वैक्सीन की कोल्ड चेन टूट जाने पर वैक्सीन पर लगे मॉनीटर कर रंग बदल जाता है। इसके बाद वैक्सीन बच्चों को लाभ देने के बजाय नुकसान भी दे सकती है।
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एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार को जलीलपुर ब्लॉक में पल्स पोलियो अभियान का निरीक्षण करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्री लक्ष्मी व बबीता पोलियो वैक्सीन को हाथ में ले जाते हुए मिलीं। वैक्सीन को कोल्ड चेन में रखने केलिए विभाग द्वारा दिया गया कैरियर बॉक्स आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने गांव में कहीं रख दिया था। निरीक्षण में ब्लॉक किरतपुर के गांव मौजीपुर में एक बच्चा पोलियो की खुराक पिए बिना मिला। एसीएमओ का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वैक्सीन के बारे में पूरी जानकारी न होने में एमओआईसी की लापरवाही है। उन्होंने अभियान में लगी कार्यकत्रियों को न तो पूरी जानकारी दी और अभियान सफल बनाने में कड़े कदम भी नहीं उठाए। इस संबंध में दोनों एमओआईसी से जवाब तलब किया जा रहा है। दरअसल पोलियो वैक्सीन पर एक मॉनीटर लगा होता है जिसे वैक्सीन बायल मॉनीटर (वीबीएम) कहते हैं। वैक्सीन की कोल्ड चेन टूट जाने पर वैक्सीन पर लगे मॉनीटर कर रंग बदल जाता है। इसके बाद वैक्सीन बच्चों को लाभ देने के बजाय नुकसान भी दे सकती है।
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