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महाकुंभ में केवल पतित पावनी मां गंगा के जल में स्नान करेंगे श्रद्धालु

Thu, 27 Dec 2018 12:09 AM IST
Dimple Sirohi Dimple Sirohi
Updated Thu, 27 Dec 2018 12:09 AM IST
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महाकुंभ में केवल पतित पावनी मां गंगा के जल में स्नान करेंगे श्रद्धालु
कुंभ मेला - फोटो : amar ujala
मिलों से ट्रीटेड जल की निकासी पर रोक
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बिजनौर। प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालु शुद्ध गंगाजल में स्नान करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर इसके लिए कवायद शुरू करा दिया गया है। महाकुंभ के समय पहली बार सभी फैक्ट्रियों के ट्रीटेड पानी को भी गंगा में जाने से रोक दिया गया है। फैक्ट्रियों के इस पानी को अब किसानों को सिंचाई के लिए दिया जा रहा है। अब गंगा में केवल नहरों का ही पानी जा रहा है।
गंगाजल में स्नान को पूरी पवित्र माना जाता है। महाकुंभ के समय मां गंगा में स्नान करने का महत्व और बढ़ जाता है। आस्था है कि महाकुंभ में गंगा में स्नान करने से बहुत पुण्य मिलता है। गंगा में कई फैक्ट्रियों का पानी ट्रीट होकर जाता है। पूर्व में महाकुंभ के समय इस पानी को गंगा में जाने से नहीं रोका जाता था। लेकिन इस बार इन फैक्ट्रियों के ट्रीटेड पानी को भी गंगा में जाने से रोका गया है। जगह जगह बंद और मोटर पंप लगाकर यह पानी रोका गया है। अब इस पानी को किसानों के खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए दिया जा रहा है। महाकुंभ में इस साल धारा में केवल मां गंगा का शुद्ध पानी ही होगा। और श्रद्धालु इसमें स्नान करके पुण्य लाभ कमाएंगे। जिले में छोईया नदी से जाने वाला मोहित पेपर मिल का दूषित पानी पर गंगा में जाने से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा स्योहारा और उत्तम चीनी मिल का पानी भी गंगा में जाने से रोक दिया गया है। यह पानी साफ होकर गंगा में जाता है। महाकुंभ आयोजन तक यह पानी किसानों को ही दिया जाएगा। गंगा के पानी में इसे नहीं मिलाया जाएगा।
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यह है धार्मिक मान्यता
समुद्र मंथन से मिले अमृत को प्राप्त करने के लिए देवताओं व राक्षसों में 12 साल तक युद्ध हुआ था। उस समय अमृत कलश की रक्षा करते हुए उसकी कुछ बूंदे प्रयाग में त्रिवेणी, हरिद्वार में हर की पौड़ी पर बहमकुंड, उज्जैन में शिप्रा तथा नासिक में गोदावरी में गिरीं। अमृत गिरने से ये नदियां अपने जल में अमृत्व प्रवाहित करती हैं। इस कलश की रक्षा में सूर्य, गुरू और चंद्रमा की विशेष सहायता रहती है। इन तीनों ग्रहों के विशेष योग से ही कुंभ महापर्व का आयोजन होता है।
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तीन मिलों का पानी रोका
छोईया नदी के अलावा उत्तम चीनी मिल और स्योहारा चीनी मिल का पानी भी छोईया नदी में जाने से रोक दिया गया है। जगह जगह पंपिंग सेट लगाकर ये पानी किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए दिया जा रहा है।

किसानों को दे रहे पानी: जीसी वर्मा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक जीसी वर्मा के अनुसार गंगा में जाने वाला मिलों का पानी रोक दिया गया है। अब यह पानी किसानों को दिया जा रहा है।
सरकार कर रही प्रयास
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन गंगा विचार मंच नमामि गंगे के जिला संयोजक सौरभ सिंघल के अनुसार गंगा की निर्मलता के लिए भाजपा सरकार प्रयास कर रही है।
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