{"_id":"5b7c601f42c792462d134071","slug":"91534877727-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिंप की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मोहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिंप की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मोहर
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत सदस्यों का अफसर करें सम्मान: साकेंद्र चौधरी
बिजनौर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कई प्रस्ताव पास किए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने कहा कि अफसर सभी जिला पंचायत सदस्यों का सम्मान करें। सदस्य अपने इलाके के सरकारी अस्पताल का निरीक्षण करें।
मंगलवार का विकास भवन के सभागार में हुई । जिला पंचायत की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने कहा कि अफसर अब जिला पंचायत के सदस्यों की जो सही सिफारिश हो उसे गंभीरता से ले। सदस्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को भरपूर सम्मान मिलना चाहिए। सदस्य अपने क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण करके उनकी अव्यवस्था देखें। चिकित्सक आते है या नहीं। इन सबकी रिपोर्ट उन्हें दें। वे अफसरों के सामने इन मामलों को रखेंगे। सांसद भारतेंद्र सिंह ने किसी के साथ कोई दिक्कत आती है तो वह साथ है। जो सदस्यों की समस्या है ,उन्हें बताए व डीएम व मुख्यमंत्री तक उनके साथ जाएंगे। चांदपुर की विधायक कमलेश सैनी से कुछ सदस्यों ने हैंडपंप लगवाने को कहा। विधायक ने कहा कि क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों पर जहां हैंडपंप की जरूरत है ,उन्हें बताए व हैंड पंप लगवाएगी। बैठक में सदस्यों ने यह मामला उठाया कि जिला पंचायत अब गांवों में सड़क नहीं बनवा सकती। लिंक रोड ही बनवा सकती है। वोट तो गांव से मिलते हैं। 14वे वित्त क सारा पैसा ग्राम पंचायतों को जा रहा है। नगीना के सपा विधायक मनोज पारस ने इस मामले को विधानसभा में उठाने को कहा। बैठक में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी श्याम बहादुर शर्मा समेत तमाम विभागों के अफसर मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के अफसर बैठक से नदारद रहे। बैठक में 45 जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
बैठक के दौरान दी आत्मदाह की चेतावनी
बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य अमित आशु ने बढ़ापुर क्षेत्र में हैंडपंप लगवाने के साथ इनके क्षेत्र में पीडब्लूडी की और से बनाई सड़क को ठीक नहीं कराने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी। कहा कि सड़क जो बनी है उसकी पटरी नहीं बनाई गई । पटरी नहीं बनने से बाजार लगने में दिक्कत आ रही है। रोज हादसे हो रहे हैं। सांसद भारतेंद्र सिंह ने जिला पंचायत सदस्य अमित को समझाया कि इस तरह की भाषा का प्रयोग बैठक में नहीं किया जाता। अफसरों ने सड़क किनारे पटरी बनाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
इन प्रस्तावों पर हुआ विचार
बैठक में 29 मार्च की कार्रवाई की पुष्टि की गई । चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के तहत वर्ष 2018-19 की कार्य योजना पर विचार किया गया। ठेकेदारी लाइसेंस शुल्क पर श्रेणीवार ए श्रेणी पर लाइसेंस शुल्क चार हजार , बी पर तीन हजार, सी व डी श्रेणी पर लाइसेंस शुल्क 2000व निर्माण कार्य ठेकेदारी पंजीकरण शुल्क पांच हजार बढ़ाने की स्वीकृति पर विचार हुआ। पंचायत की भूमि के व्यावसायिक उपयोग के लिए विभिन्न स्थलों पर दुकानों /व्यावसायिक भवनों सुधार नवनिर्माण की स्वीकृति , पीएमजी एसवाई दो वर्ष, 2017-18 व 2018-19 के प्रस्तावों को अनुमोदित करने , जिला पंचायत के डाक बगले केेे कक्ष आवंटन करने के लिए किराया 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने, कार्यालय के लिए प्रिंटर व फोटो स्टेट मशीन ,पशु पैठ बाजार की उपविधि की दर में संशोधन, विभव व संपत्ति कर सूची वर्ष 2018-19 के अनुमोदन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क के किनारे साइन बोर्ड व दीवारों पर लिखाई व पेंटिंग के कार्य को विनियमित व नियंत्रित करने पर विचार किया गया।
विज्ञापन
बिजनौर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कई प्रस्ताव पास किए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने कहा कि अफसर सभी जिला पंचायत सदस्यों का सम्मान करें। सदस्य अपने इलाके के सरकारी अस्पताल का निरीक्षण करें।
मंगलवार का विकास भवन के सभागार में हुई । जिला पंचायत की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने कहा कि अफसर अब जिला पंचायत के सदस्यों की जो सही सिफारिश हो उसे गंभीरता से ले। सदस्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को भरपूर सम्मान मिलना चाहिए। सदस्य अपने क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण करके उनकी अव्यवस्था देखें। चिकित्सक आते है या नहीं। इन सबकी रिपोर्ट उन्हें दें। वे अफसरों के सामने इन मामलों को रखेंगे। सांसद भारतेंद्र सिंह ने किसी के साथ कोई दिक्कत आती है तो वह साथ है। जो सदस्यों की समस्या है ,उन्हें बताए व डीएम व मुख्यमंत्री तक उनके साथ जाएंगे। चांदपुर की विधायक कमलेश सैनी से कुछ सदस्यों ने हैंडपंप लगवाने को कहा। विधायक ने कहा कि क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों पर जहां हैंडपंप की जरूरत है ,उन्हें बताए व हैंड पंप लगवाएगी। बैठक में सदस्यों ने यह मामला उठाया कि जिला पंचायत अब गांवों में सड़क नहीं बनवा सकती। लिंक रोड ही बनवा सकती है। वोट तो गांव से मिलते हैं। 14वे वित्त क सारा पैसा ग्राम पंचायतों को जा रहा है। नगीना के सपा विधायक मनोज पारस ने इस मामले को विधानसभा में उठाने को कहा। बैठक में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी श्याम बहादुर शर्मा समेत तमाम विभागों के अफसर मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के अफसर बैठक से नदारद रहे। बैठक में 45 जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक के दौरान दी आत्मदाह की चेतावनी
बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य अमित आशु ने बढ़ापुर क्षेत्र में हैंडपंप लगवाने के साथ इनके क्षेत्र में पीडब्लूडी की और से बनाई सड़क को ठीक नहीं कराने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी। कहा कि सड़क जो बनी है उसकी पटरी नहीं बनाई गई । पटरी नहीं बनने से बाजार लगने में दिक्कत आ रही है। रोज हादसे हो रहे हैं। सांसद भारतेंद्र सिंह ने जिला पंचायत सदस्य अमित को समझाया कि इस तरह की भाषा का प्रयोग बैठक में नहीं किया जाता। अफसरों ने सड़क किनारे पटरी बनाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
इन प्रस्तावों पर हुआ विचार
बैठक में 29 मार्च की कार्रवाई की पुष्टि की गई । चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के तहत वर्ष 2018-19 की कार्य योजना पर विचार किया गया। ठेकेदारी लाइसेंस शुल्क पर श्रेणीवार ए श्रेणी पर लाइसेंस शुल्क चार हजार , बी पर तीन हजार, सी व डी श्रेणी पर लाइसेंस शुल्क 2000व निर्माण कार्य ठेकेदारी पंजीकरण शुल्क पांच हजार बढ़ाने की स्वीकृति पर विचार हुआ। पंचायत की भूमि के व्यावसायिक उपयोग के लिए विभिन्न स्थलों पर दुकानों /व्यावसायिक भवनों सुधार नवनिर्माण की स्वीकृति , पीएमजी एसवाई दो वर्ष, 2017-18 व 2018-19 के प्रस्तावों को अनुमोदित करने , जिला पंचायत के डाक बगले केेे कक्ष आवंटन करने के लिए किराया 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने, कार्यालय के लिए प्रिंटर व फोटो स्टेट मशीन ,पशु पैठ बाजार की उपविधि की दर में संशोधन, विभव व संपत्ति कर सूची वर्ष 2018-19 के अनुमोदन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क के किनारे साइन बोर्ड व दीवारों पर लिखाई व पेंटिंग के कार्य को विनियमित व नियंत्रित करने पर विचार किया गया।