{"_id":"5b4cf2754f1c1b3b5a8b53ef","slug":"91531769461-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माल खपाने को व्यापारियों को मोहलत की दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माल खपाने को व्यापारियों को मोहलत की दरकार
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। प्रतिबंध के चलते पॉलिथीन और थर्माकोल से बने डिस्पोजल आइटम के एक करोड़ रुपये से ज्यादा का माल शहर में डंप हो गया है। व्यापारी सकते में हैं। इधर सप्लायर माल वापस लेने को तैयार हैं। जिससे खुदरा से लेकर होल सेल तक के कारोबारियों की कमर टूट गई है। मौजूद हालातों में उधार बेचे गए माल को कारोबारी वापस लेने से तो रहे इसलिए दुकानदार भी इसका पेमेंट नहीं कर रहे हैं। इस सबके चलते इस कारोबार से जुड़े लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। अब व्यापारियों का असंतोष दबी जबान में ही सही सामने आने लगा है।
सरकारी योजनाओं में कर्ज लेकर शुरू किया था कारोबार
अमरोहा। कई व्यापारी ऐसे हैं जो सरकार की रोजगारपरक योजनाओं के तहत लोन लेकर पालीथिन और थर्माकोल से बने आइटमों के कारोबार से जुड़ गए थे। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने बमुश्किल कुछ महिनों पहले ही शहर के नामचीन मार्केट में मंहगे किराए पर दुकानें लेकर डिस्पोजल आइटम का काम पूरे जोशो खरोश के साथ शुरू किया था। कारोबार में पूरी जमा पूंजी और श्रम लगाकर कारोबारियों ने तरक्की के सपने देखे थे। प्रतिबंध के बाद अब उनके आगे बैंकों का कर्ज चुकाने के विकल्प नहीं बचे हैं। इन हालातों में व्यापारियों की पीढ़ा असहनीय हो गई है।
हमारे साथ जुल्म हुआ
अमरोहा। डिस्पतोजल के होल सेलर विशाल मदान के मुताबिक पॉलिथीन पर प्रतिबंध की जानकारी 15 जुलाई से और थर्मोकोल से बने आइटम को प्रतिबंधित करने की बात 15 अगस्त से जानकारी में आ रही है। लेकिन अमरोहा प्रशासन ने 15 जुलाई से ही पालीथिन और थर्माकोल से बने आइटमों को प्रतिबंधित कर दिया है। इससे व्यापारियों की कमर टूट गई है। हम इस कारोबार में लाखों रुपये लगाए बैठे हैं। ये हमारे साथ सरासर अन्या है। प्रसाशन को चाहिए कि स्थिति को स्पष्ठ करे अन्यथा व्यापारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
आंदोलन की बना रहे रणनीति
अमरोहा। सोमवार को देरशाम आर्य समाज में थर्माकोल से जुड़े कारोबारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें कारोबारियों ने प्रतिबंध को लेकर असंतोष प्रकट किया। कहा कि अब जबकि सरकार व प्रशासन व्यापारियों से सहयोग मांग रहे हैं तो प्रतिबंध लगाने से पहले व्यापारियों को मोहलत दी जानी थी। डिस्पोजल के कारोबार में हुए घाटे से उबरने के लिए प्रशासन से मोहलत मांगने को लेकर व्यापारियों ने चर्चा की। तय किया गया कि मंगलवार की सुबह डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगें। प्रसाशन ने मोहलत नहीं दी तो व्यापारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
सरकारी योजनाओं में कर्ज लेकर शुरू किया था कारोबार
अमरोहा। कई व्यापारी ऐसे हैं जो सरकार की रोजगारपरक योजनाओं के तहत लोन लेकर पालीथिन और थर्माकोल से बने आइटमों के कारोबार से जुड़ गए थे। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने बमुश्किल कुछ महिनों पहले ही शहर के नामचीन मार्केट में मंहगे किराए पर दुकानें लेकर डिस्पोजल आइटम का काम पूरे जोशो खरोश के साथ शुरू किया था। कारोबार में पूरी जमा पूंजी और श्रम लगाकर कारोबारियों ने तरक्की के सपने देखे थे। प्रतिबंध के बाद अब उनके आगे बैंकों का कर्ज चुकाने के विकल्प नहीं बचे हैं। इन हालातों में व्यापारियों की पीढ़ा असहनीय हो गई है।
विज्ञापन
हमारे साथ जुल्म हुआ
अमरोहा। डिस्पतोजल के होल सेलर विशाल मदान के मुताबिक पॉलिथीन पर प्रतिबंध की जानकारी 15 जुलाई से और थर्मोकोल से बने आइटम को प्रतिबंधित करने की बात 15 अगस्त से जानकारी में आ रही है। लेकिन अमरोहा प्रशासन ने 15 जुलाई से ही पालीथिन और थर्माकोल से बने आइटमों को प्रतिबंधित कर दिया है। इससे व्यापारियों की कमर टूट गई है। हम इस कारोबार में लाखों रुपये लगाए बैठे हैं। ये हमारे साथ सरासर अन्या है। प्रसाशन को चाहिए कि स्थिति को स्पष्ठ करे अन्यथा व्यापारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
आंदोलन की बना रहे रणनीति
अमरोहा। सोमवार को देरशाम आर्य समाज में थर्माकोल से जुड़े कारोबारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें कारोबारियों ने प्रतिबंध को लेकर असंतोष प्रकट किया। कहा कि अब जबकि सरकार व प्रशासन व्यापारियों से सहयोग मांग रहे हैं तो प्रतिबंध लगाने से पहले व्यापारियों को मोहलत दी जानी थी। डिस्पोजल के कारोबार में हुए घाटे से उबरने के लिए प्रशासन से मोहलत मांगने को लेकर व्यापारियों ने चर्चा की। तय किया गया कि मंगलवार की सुबह डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगें। प्रसाशन ने मोहलत नहीं दी तो व्यापारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।