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सीएमओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण
Updated Wed, 21 Feb 2018 12:00 AM IST
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों के लिए सिलिंडर नहीं
बिजनौर ।
सीएमओ डा. राकेश कुमार मित्तल द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक के निरीक्षण में लापरवाही की परतें खुलकर सामने आ गईं। केंद्र पर आक्सीजन सिलेंडर तक नहीं मिला। बेबी वॉर्मर मशीन भी खराब थीं। दोनों चिकित्सक के अवकाश पर होने के कारण आपातकालीन सेवाएं ठप मिलीं। सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को स्पष्टीकरण व व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ के निरीक्षण में सफाई व्यवस्था खराब मिली। पता चला कि सफाई निरीक्षक 15 दिन से बिना सूचना के नहीं आया है। उसका वेतन अग्रिम आदेशों तक जारी न करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा अधिकारी डा. जितेंद्र व डा. संजय कर्णवाल अवकाश पर थे। उनके स्थान पर किसी अन्य चिकित्सक की व्यवस्था न होने से आपातकालीन सेवाएं ठप थीं। केंद्र पर दिन रात में कोई मेडिको लीगल नहीं किया जा रहा है। जांच में पता चला कि चिकित्सकों द्वारा मुख्यालय पर निवास नहीं किया जा रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी की उपस्थिति रजिस्टर में अंकित नहीं मिली। केंद्र पर मरीजों व तीमारदारों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी और दोनों बेबी वॉर्मर मशीन भी खराब हालत में मिलीं। मरीजों के लिए आक्सीजन सिलेंडर तक नहीं था। सरकारी आवासों की हालत दयनीय मिली। नेट का कनेक्शन अप्रैल 2017 से कटा हुआ है। कर्मचारियों का रोस्टर चार्ट भी नहीं लगा मिला। पात्रों को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल रहा व मानदेय कर्मचारियों को नवंबर 2017 से मानदेय नहीं मिला है। सीएमओ के अनुसार प्रभारी चिकित्साधिकारी से पांच दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
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बिजनौर ।
सीएमओ डा. राकेश कुमार मित्तल द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक के निरीक्षण में लापरवाही की परतें खुलकर सामने आ गईं। केंद्र पर आक्सीजन सिलेंडर तक नहीं मिला। बेबी वॉर्मर मशीन भी खराब थीं। दोनों चिकित्सक के अवकाश पर होने के कारण आपातकालीन सेवाएं ठप मिलीं। सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को स्पष्टीकरण व व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ के निरीक्षण में सफाई व्यवस्था खराब मिली। पता चला कि सफाई निरीक्षक 15 दिन से बिना सूचना के नहीं आया है। उसका वेतन अग्रिम आदेशों तक जारी न करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा अधिकारी डा. जितेंद्र व डा. संजय कर्णवाल अवकाश पर थे। उनके स्थान पर किसी अन्य चिकित्सक की व्यवस्था न होने से आपातकालीन सेवाएं ठप थीं। केंद्र पर दिन रात में कोई मेडिको लीगल नहीं किया जा रहा है। जांच में पता चला कि चिकित्सकों द्वारा मुख्यालय पर निवास नहीं किया जा रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी की उपस्थिति रजिस्टर में अंकित नहीं मिली। केंद्र पर मरीजों व तीमारदारों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी और दोनों बेबी वॉर्मर मशीन भी खराब हालत में मिलीं। मरीजों के लिए आक्सीजन सिलेंडर तक नहीं था। सरकारी आवासों की हालत दयनीय मिली। नेट का कनेक्शन अप्रैल 2017 से कटा हुआ है। कर्मचारियों का रोस्टर चार्ट भी नहीं लगा मिला। पात्रों को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल रहा व मानदेय कर्मचारियों को नवंबर 2017 से मानदेय नहीं मिला है। सीएमओ के अनुसार प्रभारी चिकित्साधिकारी से पांच दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
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