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14 दिन के अंदर मिले गन्ना मूल्य का भुगतान
Updated Wed, 21 Feb 2018 12:00 AM IST
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14 दिन में मिले गन्ना मूल्य भुगतान
बिजनौर।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) की बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसानों की कोई सुध न लेने का आरोप लगाया गया। डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम वीके सिंह को देते हुए किसानों का शत प्रतिशत कर्ज माफ कराने सहित कई मांग की गई।
गन्ना समिति कार्यालय में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष विजय सिंह सहरावत ने कहा कि केंद्र, प्रदेश सरकार किसानों की सुध नहीं ले रही हैं। बिजली की बढ़ी दर ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गन्ने का भुगतान समय से नहीं हो रहा है। गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली भी नहीं रुक रही है। फसलों की सिंचाई के लिए नहरों में पानी तक नहीं है और केंद्र सरकार किसानों के उत्थान का भ्रम फैला रही है। कहा कि अगर किसानों का हित नहीं किया गया तो आंदोलन कर सरकारें हिला दी जाएंगी। ज्ञापन में किसानों का शत प्रतिशत बैंक कर्ज माफ करने, बिजली की बढ़ी दर वापस लेने, 60 साल से अधिक आयु के किसानों, मजदूरों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने, मिलों और क्रय केंद्रों पर घटतौली रोकने, नांगल से चंदक तक नहर पटरी ठीक करने, नहरों में पानी छुड़वाने, सामान्य, अर्ली प्रजाति का गन्ना एक अनुपात में लेने, बौंड की गन्ना पर्ची जारी कराने की मांग की गई। इस दौरान रामकुमार, भूपेंद्र सिंह, शीशपाल सिंह, अल्लादिया, बालमुकंद प्रधान, सत्यवीर सिंह, महिपाल सिंह, अखिल गुप्ता, मेघनाथ सिंह, गोविंद, धर्मपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) की बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसानों की कोई सुध न लेने का आरोप लगाया गया। डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम वीके सिंह को देते हुए किसानों का शत प्रतिशत कर्ज माफ कराने सहित कई मांग की गई।
गन्ना समिति कार्यालय में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष विजय सिंह सहरावत ने कहा कि केंद्र, प्रदेश सरकार किसानों की सुध नहीं ले रही हैं। बिजली की बढ़ी दर ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गन्ने का भुगतान समय से नहीं हो रहा है। गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली भी नहीं रुक रही है। फसलों की सिंचाई के लिए नहरों में पानी तक नहीं है और केंद्र सरकार किसानों के उत्थान का भ्रम फैला रही है। कहा कि अगर किसानों का हित नहीं किया गया तो आंदोलन कर सरकारें हिला दी जाएंगी। ज्ञापन में किसानों का शत प्रतिशत बैंक कर्ज माफ करने, बिजली की बढ़ी दर वापस लेने, 60 साल से अधिक आयु के किसानों, मजदूरों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने, मिलों और क्रय केंद्रों पर घटतौली रोकने, नांगल से चंदक तक नहर पटरी ठीक करने, नहरों में पानी छुड़वाने, सामान्य, अर्ली प्रजाति का गन्ना एक अनुपात में लेने, बौंड की गन्ना पर्ची जारी कराने की मांग की गई। इस दौरान रामकुमार, भूपेंद्र सिंह, शीशपाल सिंह, अल्लादिया, बालमुकंद प्रधान, सत्यवीर सिंह, महिपाल सिंह, अखिल गुप्ता, मेघनाथ सिंह, गोविंद, धर्मपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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