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यूपीएसआरएलएम बीस हजार महिलाओं को देगा रोजगार
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:19 AM IST
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एसआरएलएम बीस हजार महिलाओं को देगा रोजगार
बिजनौर। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) जिले की करीब बीस हजार महिलाओं को रोजगार देने की तैयारी में है। प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील तैयार करना और स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा योजना की जिम्मेदारी जल्द ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथ में होगी। विभाग योजना को अमली जामा पहनाने की तैयारी में जुटा है।
यूपी एसआरएलएम के उपायुक्त अनवर शेख के अनुसार मिशन का लक्ष्य महिलाओं को रोजगार देकर स्वावलंबी बनाना है। इसके लिए जिले में केवल महिलाओं के दो हजार स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। क्षेत्र में कच्चे माल की उपलब्धता पर समूह अपनी कार्य योजना बनाते हैं। नगीना स्वयं सहायता समूह काष्ठ कला को लेकर देश विदेश में अपना डंका बजा रहा है। आंध्र प्रदेश के शहर हैदराबाद और केरल राज्य में इस समूह ने काष्ठ कला की प्रदर्शनी लगाकर खूब नाम कमाया है। विभाग की कई स्वयं सहायता समूहों को ट्रैक्टर दिलाने की योजना है। अभी तक जिले में केवल नजीबाबाद में काम चल रहा था।
दूसरे चरण में नूरपुर, कोतवाली, अफजलगढ़, स्योहारा ब्लाक को योजना में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद करीब बीस हजार महिलाएं योजना से जुड़ जाएंगी। अगले साल तक दो लाख महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील बनाना और अस्पतालों में मरीजों के लिए खाना सप्लाई का जिम्मा महिला समूहों पर होगा। इस बारे में शासन से वार्ता अंतिम दौर में है। इस दौरान मिशन के जिला प्रबंधक शैलेश यादव भी मौजूद रहे।
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बिजनौर। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) जिले की करीब बीस हजार महिलाओं को रोजगार देने की तैयारी में है। प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील तैयार करना और स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा योजना की जिम्मेदारी जल्द ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथ में होगी। विभाग योजना को अमली जामा पहनाने की तैयारी में जुटा है।
यूपी एसआरएलएम के उपायुक्त अनवर शेख के अनुसार मिशन का लक्ष्य महिलाओं को रोजगार देकर स्वावलंबी बनाना है। इसके लिए जिले में केवल महिलाओं के दो हजार स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। क्षेत्र में कच्चे माल की उपलब्धता पर समूह अपनी कार्य योजना बनाते हैं। नगीना स्वयं सहायता समूह काष्ठ कला को लेकर देश विदेश में अपना डंका बजा रहा है। आंध्र प्रदेश के शहर हैदराबाद और केरल राज्य में इस समूह ने काष्ठ कला की प्रदर्शनी लगाकर खूब नाम कमाया है। विभाग की कई स्वयं सहायता समूहों को ट्रैक्टर दिलाने की योजना है। अभी तक जिले में केवल नजीबाबाद में काम चल रहा था।
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दूसरे चरण में नूरपुर, कोतवाली, अफजलगढ़, स्योहारा ब्लाक को योजना में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद करीब बीस हजार महिलाएं योजना से जुड़ जाएंगी। अगले साल तक दो लाख महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील बनाना और अस्पतालों में मरीजों के लिए खाना सप्लाई का जिम्मा महिला समूहों पर होगा। इस बारे में शासन से वार्ता अंतिम दौर में है। इस दौरान मिशन के जिला प्रबंधक शैलेश यादव भी मौजूद रहे।
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