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बिहार के छह युवकों की भी रेलवे भर्ती परीक्षा दिला चुका है सॉल्वर गैंग
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परीक्षा पास कराने का छह लाख में ठेका
बिजनौर। बिजनौर में पुलिस व पीएसी की भर्ती परीक्षा के दौरान दबोचा गया सॉल्वर गैंग बिहार के छह युवकों को रेलवे भर्ती की परीक्षा भी दिला चुका है। एक युवक को पास कराने का गैंग छह लाख रुपये में ठेका लेता था। गैंग के दो सदस्य अंगूठे का निशान बनाने में माहिर हैं। पुलिस ने दबोचे गए चारों आरोपियों का चालान कर दिया है।
सोमवार को कृष्णा कॉलेज में परीक्षा की द्वितीय पाली के दौरान शामली के हिमांशु की जगह अलीगढ़ जिले के टप्पल थाना क्षेत्र के गांव जट्टारी निवासी मोहित परीक्षा देते हुए पकड़ा गया था। मोहित की निशानदेही पर पुलिस ने कॉलेज के बाहर कार में बैठे बुलंदशहर के उमेश, बागपत निवासी आस मोहम्मद को दबोचा था। उनके एक साथी सरफराज को बागपत से पुलिस ने दबोचा था। दबोचे गए गैंग के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पकड़े गए चारों सॉल्वर गैंग के सदस्यों का चालान कर दिया गया है। पकड़े गए गैंग के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि पिछले दिनों रेलवे की परीक्षा में उन्होंने बिहार के छह युवकों की परीक्षा दिलाई थी। हर युवक से छह-छह लाख रुपये लिए थे। इन युवकों के अंगूठों के निशान भी फर्जी तरीके से बना लिए थे। परीक्षा देने में दूसरे सदस्य बैठा दिए गए थे, पर ये युवक परीक्षा में पास नहीं हो पाए थे। एक युवक से तीन लाख रुपये लिए गए थे। छह लाख रुपये में ठेका हुआ था। बाकी रुपये परीक्षा में पास होने पर देने की बात तय हुई थी। परीक्षा में फेल होने पर भी इन युवकों के पैसे वापस नहीं किए गए थे। बिजनौर के कृष्णा कॉलेज में परीक्षा दे रहे मोहित से भी छह लाख रुपये तय हुए थे। दो लाख रुपये उससे एडवांस में ले लिए गए थे। बाकी रुपये बाद में लिए जाने थे। शहर कोतवाल बिजेंद्रपाल राणा के मुताबिक गैंग के सदस्यों ने बताया कि वह काफी दिनों से परीक्षा पास कराने का ठेका ले रहा था।
आस मोहम्मद बनाता है अंगूठे का निशान
एसएसआई नरेंद्र गौड़ के मुताबिक पकड़ा गया आस मोहम्मद व उसका भाई सरफराज अंगूठे के निशान बनाने में माहिर हैं। आस मोहम्मद की इस काम में सरफराज मदद करता है। अंगूठे का एक निशान बनाने में सरफराज गैंग के सदस्यों से दो से पांच हजार रुपये लेता है। दोनों भाई मिलकर अंगूठे का निशान बनाते हैं। पुलिस के मुताबिक बागपत पुलिस ने सरफराज को दबोच लिया है। उसे बिजनौर पुलिस के हवाले किया जा रहा है।
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ऐसे बनाते हैं निशान
चिपकाने में इस्तेमाल होने वाले फेवीक्विक को फार्म भरने वाले के अंगूठे पर डालकर निशान लेते हैं। इसके बाद फेवीकोल, टायर पंक्चर जोड़ने वाला सुलोचन, त्वचा के रंग की नील पॉलिश को एक जगह मिलाकर अंगूठे के निशान पर डाल देते हैं। बाद में इस निशान को उठाकर परीक्षा देने वाले युवक के अंगूठे पर चिपका देते हैं।
दीपक की वजह से पकड़ा गया गैंग
कृष्णा कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक सिंह की बदौलत सॉल्वर गैंग पकड़ा गया। जब बायोमैट्रिक मशीन पर मोहित के अंगूठे का निशान हिमांशु के नाम से मशीन नहीं पकड़ पा रही थी। इस बात पर दीपक को शक हुआ। दीपक ने यह बात परीक्षा दिला रहे अफसरों को बताई। फ्लाईंग स्क्वॉयड ने आकर छापा मारा तबजाकर यह गैंग पकड़ा गया।
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बिजनौर। बिजनौर में पुलिस व पीएसी की भर्ती परीक्षा के दौरान दबोचा गया सॉल्वर गैंग बिहार के छह युवकों को रेलवे भर्ती की परीक्षा भी दिला चुका है। एक युवक को पास कराने का गैंग छह लाख रुपये में ठेका लेता था। गैंग के दो सदस्य अंगूठे का निशान बनाने में माहिर हैं। पुलिस ने दबोचे गए चारों आरोपियों का चालान कर दिया है।
सोमवार को कृष्णा कॉलेज में परीक्षा की द्वितीय पाली के दौरान शामली के हिमांशु की जगह अलीगढ़ जिले के टप्पल थाना क्षेत्र के गांव जट्टारी निवासी मोहित परीक्षा देते हुए पकड़ा गया था। मोहित की निशानदेही पर पुलिस ने कॉलेज के बाहर कार में बैठे बुलंदशहर के उमेश, बागपत निवासी आस मोहम्मद को दबोचा था। उनके एक साथी सरफराज को बागपत से पुलिस ने दबोचा था। दबोचे गए गैंग के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पकड़े गए चारों सॉल्वर गैंग के सदस्यों का चालान कर दिया गया है। पकड़े गए गैंग के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि पिछले दिनों रेलवे की परीक्षा में उन्होंने बिहार के छह युवकों की परीक्षा दिलाई थी। हर युवक से छह-छह लाख रुपये लिए थे। इन युवकों के अंगूठों के निशान भी फर्जी तरीके से बना लिए थे। परीक्षा देने में दूसरे सदस्य बैठा दिए गए थे, पर ये युवक परीक्षा में पास नहीं हो पाए थे। एक युवक से तीन लाख रुपये लिए गए थे। छह लाख रुपये में ठेका हुआ था। बाकी रुपये परीक्षा में पास होने पर देने की बात तय हुई थी। परीक्षा में फेल होने पर भी इन युवकों के पैसे वापस नहीं किए गए थे। बिजनौर के कृष्णा कॉलेज में परीक्षा दे रहे मोहित से भी छह लाख रुपये तय हुए थे। दो लाख रुपये उससे एडवांस में ले लिए गए थे। बाकी रुपये बाद में लिए जाने थे। शहर कोतवाल बिजेंद्रपाल राणा के मुताबिक गैंग के सदस्यों ने बताया कि वह काफी दिनों से परीक्षा पास कराने का ठेका ले रहा था।
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आस मोहम्मद बनाता है अंगूठे का निशान
एसएसआई नरेंद्र गौड़ के मुताबिक पकड़ा गया आस मोहम्मद व उसका भाई सरफराज अंगूठे के निशान बनाने में माहिर हैं। आस मोहम्मद की इस काम में सरफराज मदद करता है। अंगूठे का एक निशान बनाने में सरफराज गैंग के सदस्यों से दो से पांच हजार रुपये लेता है। दोनों भाई मिलकर अंगूठे का निशान बनाते हैं। पुलिस के मुताबिक बागपत पुलिस ने सरफराज को दबोच लिया है। उसे बिजनौर पुलिस के हवाले किया जा रहा है।
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ऐसे बनाते हैं निशान
चिपकाने में इस्तेमाल होने वाले फेवीक्विक को फार्म भरने वाले के अंगूठे पर डालकर निशान लेते हैं। इसके बाद फेवीकोल, टायर पंक्चर जोड़ने वाला सुलोचन, त्वचा के रंग की नील पॉलिश को एक जगह मिलाकर अंगूठे के निशान पर डाल देते हैं। बाद में इस निशान को उठाकर परीक्षा देने वाले युवक के अंगूठे पर चिपका देते हैं।
दीपक की वजह से पकड़ा गया गैंग
कृष्णा कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक सिंह की बदौलत सॉल्वर गैंग पकड़ा गया। जब बायोमैट्रिक मशीन पर मोहित के अंगूठे का निशान हिमांशु के नाम से मशीन नहीं पकड़ पा रही थी। इस बात पर दीपक को शक हुआ। दीपक ने यह बात परीक्षा दिला रहे अफसरों को बताई। फ्लाईंग स्क्वॉयड ने आकर छापा मारा तबजाकर यह गैंग पकड़ा गया।