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जुल्म-ज्यादती के खिलाफ एकजुट हो जाएं देशवासी:मुफ्ती अफ्फान
Updated Fri, 09 Nov 2018 01:52 AM IST
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उझारी। मुफ्ती मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने कहा कि जुल्म के खिलाफ सभी को एकजुट होना होगा। क्योंकि कुछ ताकते ऐसी हैं, जो गरीबों और मजलूूमों को दबा रही है। जमीअत उलेमा ए हिंद ऐसी साजिशों को नाकाम करेगी। बिना किसी भेदभाव के देशवासियों को हक और हुकूक दिलाएंगे।
वह गुरुवार को जमीअत उलेमा ए हिंद के 100 वर्ष पूरा होने पर हसनपुर-संभल मार्ग स्थित मैरिज हॉल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने कहा कि जमीयत उलमा ए हिंद गरीब व मजलूमों की आवाज उठाई है उठा रही है और भविष्य में बुलंद करती रहेगी। ताकि हर देशवासी को इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी आपदा आती है तो जमीअत बगैर धर्म पूछे लोगों की हर संभव मदद करती है। देश में अमन और भाईचारा कायम रखने के लिए कुर्बानियां भी दी है। कारी सखावत हुसैन ने देशवासी एक दूसरे के साथ भाईचारा के साथ रह रहे हैं इसकी डोर टूटे न इसके लिए सभी को कोशिश करने की जरुरत है। कुछ ताकतें देशवासियों को आपस में लड़ाकर भाईचारा खत्म करना चाहती हैं। उनके साजिश को जनता नाकाम कर देगी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की जिम्मेदारी अधिक है। वह किसी भी व्यक्ति को दुख दर्द न पहुंचाएं। रसूल और सहाबा जिंदगी पर अमल करें। उसके बाद ही सही मायनों में मुसलमान कहलाने के हकदार हैं। हर नागरिक खुद को हम से सुरक्षित महसूस करें। इस दौरान मौलाना मोहम्मद नूर संभली, मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, मौलाना अब्दुल हक रसूलपुरी ने संबोधित किया। कारी शौकत हसनपुरी, कारी मोहम्मद सुलेमान, मुफ्ती मोहम्मद जुल्फिकार, मुफ्ती मोहम्मद आरिफ कासमी, कारी मोहम्मद राशिद, कारी वकील उर रहमान आदि उलामा रहे।
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वह गुरुवार को जमीअत उलेमा ए हिंद के 100 वर्ष पूरा होने पर हसनपुर-संभल मार्ग स्थित मैरिज हॉल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने कहा कि जमीयत उलमा ए हिंद गरीब व मजलूमों की आवाज उठाई है उठा रही है और भविष्य में बुलंद करती रहेगी। ताकि हर देशवासी को इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी आपदा आती है तो जमीअत बगैर धर्म पूछे लोगों की हर संभव मदद करती है। देश में अमन और भाईचारा कायम रखने के लिए कुर्बानियां भी दी है। कारी सखावत हुसैन ने देशवासी एक दूसरे के साथ भाईचारा के साथ रह रहे हैं इसकी डोर टूटे न इसके लिए सभी को कोशिश करने की जरुरत है। कुछ ताकतें देशवासियों को आपस में लड़ाकर भाईचारा खत्म करना चाहती हैं। उनके साजिश को जनता नाकाम कर देगी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की जिम्मेदारी अधिक है। वह किसी भी व्यक्ति को दुख दर्द न पहुंचाएं। रसूल और सहाबा जिंदगी पर अमल करें। उसके बाद ही सही मायनों में मुसलमान कहलाने के हकदार हैं। हर नागरिक खुद को हम से सुरक्षित महसूस करें। इस दौरान मौलाना मोहम्मद नूर संभली, मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, मौलाना अब्दुल हक रसूलपुरी ने संबोधित किया। कारी शौकत हसनपुरी, कारी मोहम्मद सुलेमान, मुफ्ती मोहम्मद जुल्फिकार, मुफ्ती मोहम्मद आरिफ कासमी, कारी मोहम्मद राशिद, कारी वकील उर रहमान आदि उलामा रहे।
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