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गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों का अवतार पर्व
Updated Fri, 09 Nov 2018 12:08 AM IST
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गोबिंद सिंह के साहिबजादों को किया नमन
नजीबाबाद। सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों का अवतार पर्व पर बड़िया गुरुद्वारे पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरमति समागम में अमृतसर सहित कई स्थानों से आए कथा वाचकों और कवियों ने भाग लेकर गुरु गोबिंद सिंह और उनके साहिबजादों के सिक्खी को कायम रखने में दिए गए त्याग और बलिदान को याद किया। श्री गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा बड़िया में गुरमति समागम में सिख जत्थों और विद्वानों ने भाग लिया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मंजीत सिंह के निर्देशन में विशेष दीवान सजाए गए तथा श्री अखंडपाठ का आयोजन किया गया। अमृतसर से आए कथा वाचक ज्ञानी जसविंदर सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह साहिब और उनके साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह द्वारा धर्म के प्रसार और सिक्खी को मजबूती देने के लिए दिए त्याग और बलिदान को अद्वितीय बताया। समागम में तरनतारन सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सिख जत्थों ने प्रवचन और कवि गोष्ठी में भाग लिया। गुरुद्वारा कमेटी बड़िया के प्रधान सरदार गुरदेव सिंह, सचिव डॉ. नरेंद्रपाल सिंह, रागी ज्ञानी जसपाल सिंह, कवि ज्ञानी गुरजंट सिंह से धार्मिक आयोजन में भाग लिया। आयोजन में आनंद सहिब पाठ से संगत को निहाल किया। अरदास उपरांत लंगर बरताया गया। जिसमें आसपास के क्षेत्रों से आए सिख श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नजीबाबाद गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार बलबील सिंह, जितेंद्र कक्कड़, प्रधान हरप्रीत सिंह संधु, प्रधान रतनलाल, सरदार दलवीर सिंह, अरपेंद्र सिंह लाडा, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह, अवतार सिंह, साहब सिंह, देवराज सहगल, शीशा सिंह आदि मौजूद रहे।
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नजीबाबाद। सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों का अवतार पर्व पर बड़िया गुरुद्वारे पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरमति समागम में अमृतसर सहित कई स्थानों से आए कथा वाचकों और कवियों ने भाग लेकर गुरु गोबिंद सिंह और उनके साहिबजादों के सिक्खी को कायम रखने में दिए गए त्याग और बलिदान को याद किया। श्री गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा बड़िया में गुरमति समागम में सिख जत्थों और विद्वानों ने भाग लिया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मंजीत सिंह के निर्देशन में विशेष दीवान सजाए गए तथा श्री अखंडपाठ का आयोजन किया गया। अमृतसर से आए कथा वाचक ज्ञानी जसविंदर सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह साहिब और उनके साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह द्वारा धर्म के प्रसार और सिक्खी को मजबूती देने के लिए दिए त्याग और बलिदान को अद्वितीय बताया। समागम में तरनतारन सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सिख जत्थों ने प्रवचन और कवि गोष्ठी में भाग लिया। गुरुद्वारा कमेटी बड़िया के प्रधान सरदार गुरदेव सिंह, सचिव डॉ. नरेंद्रपाल सिंह, रागी ज्ञानी जसपाल सिंह, कवि ज्ञानी गुरजंट सिंह से धार्मिक आयोजन में भाग लिया। आयोजन में आनंद सहिब पाठ से संगत को निहाल किया। अरदास उपरांत लंगर बरताया गया। जिसमें आसपास के क्षेत्रों से आए सिख श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नजीबाबाद गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार बलबील सिंह, जितेंद्र कक्कड़, प्रधान हरप्रीत सिंह संधु, प्रधान रतनलाल, सरदार दलवीर सिंह, अरपेंद्र सिंह लाडा, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह, अवतार सिंह, साहब सिंह, देवराज सहगल, शीशा सिंह आदि मौजूद रहे।