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सैनिक को नम आंखो से दी गई विदाई

Wed, 20 Jun 2018 11:20 PM IST
Updated Wed, 20 Jun 2018 11:20 PM IST
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सैनिक को नम आंखो से दी गई विदाई
सैनिक को नम आंखों से दी गई विदाई
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बिजनौर। जम्मू कश्मीर में तैनात सेना के एक जवान की हीट स्ट्रोक से मौत हो गई। सैनिक का पार्थिव शरीर बुधवार शाम बिजनौर लाया गया। सभी ने नम आंखों से सैनिक को अंतिम विदाई दी। गंगा बैराज पर सैनिक के शव का अंतिम संस्कार किया गया। उनके छोटे भाई संदीप ने चिता को मुखाग्नि दी।
उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार जिले के गांव निरंजनपुर निवासी सोमपाल सिंह तीस साल पहले बिजनौर में आकर बस गए थे। सोमपाल सिंह बिजनौर के डीएवी इंटर कॉलेज में चपरासी के पद से सेवानिवृत्त होकर नवाब का अहता कॉलोनी में मकान बनाकर परिवार के साथ रहे थे। सोमपाल सिंह का 44 साल का बेटा श्रवण कुमार भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल की 25वीं बटालियन की इंजीनियरिंग कोर में लांस नायक के पद पर तैनात था। दो साल पहले श्रवण कुमार को जम्मू कश्मीर के रामबन नतलना में तैनात किया गया था। कुछ दिन पहले श्रवण कुमार को हीट स्ट्रोक हो गया। गंभीर हालत मेें उन्हें शनिवार को एयर एंबुलेेंस से दिल्ली के एक अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां किडनी खराब होने से शनिवार को उनकी मौत हो गई।
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बुधवार की शाम करीब पौने पांच बजे सेना के जवान श्रवण कुमार के ताबूत में रखे पार्थिव शरीर लेकर उनके नवाब का अहता स्थित आवास पर पहुंचे। आवास पर सैनिक का शव देखने के लिए भीड़ लग गई। श्रवण कुमार की पत्नी कमलेश ने एक पल के लिए भी पति के पार्थिव शरीर से दूर नहीं हुई। श्रवण कुमार के साढ़े चार साल के जुड़वां बेटा लक्ष्य और बेटी श्रेया के साथ माता-पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल था। भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह ने भी सैनिक के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सैनिक की शव यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। शव यात्रा में भाजपा विधायक सुचि चौधरी के ससुर राजेंद्र सिंह एडवोकेट, पूर्व विधायक रुचि वीरा, भाजपा नेता नीरज शर्मा समेत तमाम नेता शामिल रहे। गंगा बैराज पर सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई संदीप ने चिता को मुखग्नि दी।
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तीन भाइयों में मंझले थे श्रवण
श्रवण कुमार तीन भाईयों में दूसरे नंबर के थे। बड़ा भाई कई साल पहले घर से चला गया था। फिर घर वापस नहीं आया। उसका अता पता नहीं चला। छोटा भाई संदीप रेलवे में तैनात है। गंगा बैराज पर शव के अंतिम संस्कार से पहले सैनिकों ने श्रवण कुमार के बेटे लक्ष्य को तिरंगा भेंट किया। इसके बाद सैनिक के शव गार्ड आफ ऑनर दिया गया। सैनिकों ने शव पर पुष्प चढ़ाकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी।
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