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डिपो प्रशासन पर लगाया भेदभावपूर्ण नीति अपनाने का आरोप
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:53 PM IST
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रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने शुरू किया धरना
नजीबाबाद (बिजनौर)। यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन और उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने मांगों के समर्थन में रोडवेज डिपो परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।
मंगलवार को रोडवेज डिपो परिसर में यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष जसपाल ग्रेवाल की अध्यक्षता एवं आसिफ हुसैन के संचालन में हुई धरना सभा में रोडवेज कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ कर्मचारी विरोधी नारे लगाए। राजेश्वर, सत्यभान, किशोरी सिंह, करुणा शंकर, अवनीश वर्मा, धर्मेंद्र अवस्थी ने स्पष्ट किया कि जब तक यूनियन की मांगें नहीं मानी जातीं, धरना जारी रहेगा। उधर, उप्र रोडवेज कर्मचारी संघ ने वार्ता के बाद समझौते से मुकर जाने का अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए डिपो परिसर में धरना शुरू किया। पहले दिन मूलचंद शर्मा, गौरव मित्तल, सुरेंद्र पांडे, कमल सिंह, सुरेंद्र सिंह धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने संगठन विशेष के कहने पर कर्मचारियों का उत्पीड़न पर नाराजगी व्यक्त कर भेदभाव की नीति छोड़ने की डिपो प्रशासन से मांग की। वरिष्ठता के आधार पर परिचालकों से ऑफिस में काम लेने, अवैैध कैंटीन बंद कराने, खराब बसें रूट पर न भेजने, वाहनों की शंटिंग में वरिष्ठ चालकों को लगाने सहित कई मांगें उठाई गईं।
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नजीबाबाद (बिजनौर)। यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन और उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने मांगों के समर्थन में रोडवेज डिपो परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।
मंगलवार को रोडवेज डिपो परिसर में यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष जसपाल ग्रेवाल की अध्यक्षता एवं आसिफ हुसैन के संचालन में हुई धरना सभा में रोडवेज कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ कर्मचारी विरोधी नारे लगाए। राजेश्वर, सत्यभान, किशोरी सिंह, करुणा शंकर, अवनीश वर्मा, धर्मेंद्र अवस्थी ने स्पष्ट किया कि जब तक यूनियन की मांगें नहीं मानी जातीं, धरना जारी रहेगा। उधर, उप्र रोडवेज कर्मचारी संघ ने वार्ता के बाद समझौते से मुकर जाने का अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए डिपो परिसर में धरना शुरू किया। पहले दिन मूलचंद शर्मा, गौरव मित्तल, सुरेंद्र पांडे, कमल सिंह, सुरेंद्र सिंह धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने संगठन विशेष के कहने पर कर्मचारियों का उत्पीड़न पर नाराजगी व्यक्त कर भेदभाव की नीति छोड़ने की डिपो प्रशासन से मांग की। वरिष्ठता के आधार पर परिचालकों से ऑफिस में काम लेने, अवैैध कैंटीन बंद कराने, खराब बसें रूट पर न भेजने, वाहनों की शंटिंग में वरिष्ठ चालकों को लगाने सहित कई मांगें उठाई गईं।
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