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किसानों ने प्रशासन से मांगा मुआवजा, बचाव कार्य की भी उठाई मांग
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:28 AM IST
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मंडावली । मालन और रतनाल नदियों में उफान से प्रभावित होकर गांव शेखूपुरा आलम में दर्जनभर किसानों के खेत टूटकर नदी में समा चुके हैं। किसानों ने प्रशासन से क्षेत्र में बचाव कार्य कराने और बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की ।
पर्वतीय क्षेत्रों से निकली बरसाती नदियां मालन और रतनाल नजीबाबाद से होकर मंडावली क्षेत्र के गांव शेखूपुरा आलम और शहाबपुरा उमराव में आपस में मिल जाती हैं। किसानों कुलदीप, शिवकुमार, परमा सिंह, राजीव, कलवा सिंह, प्रवीण सिंह, चमन सिंह, शादीराम, अनिल शर्मा का कहना है कि उनकी करीब 30-40 बीघा भूमि, जिस पर गन्ने की फसल खड़ी थी, कटान के चलते नदी में समा गई। जिससे उन्हें न केवल फसल के रूप में लाखों रुपये की क्षति पहुंची है, बल्कि खेत भी कटने से भविष्य को लेकर चिंतित हैं। किसानों ने प्रशासन से फसलों का मुआवजा दिलाने और खेतों को टूटने से बचाने के लिए उचित प्रबंध करने की मांग की।
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पर्वतीय क्षेत्रों से निकली बरसाती नदियां मालन और रतनाल नजीबाबाद से होकर मंडावली क्षेत्र के गांव शेखूपुरा आलम और शहाबपुरा उमराव में आपस में मिल जाती हैं। किसानों कुलदीप, शिवकुमार, परमा सिंह, राजीव, कलवा सिंह, प्रवीण सिंह, चमन सिंह, शादीराम, अनिल शर्मा का कहना है कि उनकी करीब 30-40 बीघा भूमि, जिस पर गन्ने की फसल खड़ी थी, कटान के चलते नदी में समा गई। जिससे उन्हें न केवल फसल के रूप में लाखों रुपये की क्षति पहुंची है, बल्कि खेत भी कटने से भविष्य को लेकर चिंतित हैं। किसानों ने प्रशासन से फसलों का मुआवजा दिलाने और खेतों को टूटने से बचाने के लिए उचित प्रबंध करने की मांग की।
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